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Hooked Book Summary in Hindi। प्रोडक्ट बनाने व बेचने की कला सीखे

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Hooked Book Review in Hindi
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Hooked Book Summary in Hindi
दिमाग को hacked करके, समान बेचने की काला

5 घण्टे 27 मिनट इतना time एक एवरेज इंसान मोबाइल पर spend करता है। जबकि millennials यानिकि youngsters, 5 घंटे 42 मिनट मोबाइल फोन पर spend करते हैं। अगर आप एक एवरेज इंसान हो। तो औसतन आप 19710 घन्टे सिर्फ फ़ोन को ही दे रहे हो। यानिकि करीबन 821 दिन। हममें से लगभग 79% लोग सुबह उठते ही। अगले 15 मिनट के अंदर, अपना फोन चेक करते है।

     वह किसी से बात करना या ब्रश करना इतना important नहीं समझते हैं। जितना कि अपना फोन चेक करना। जितनी भी बड़ी-बड़ी सोशल मीडिया कंपनी है। इन्होंने हम पर पूरी तरीके से कंट्रोल कर रखा है। जिससे हमें इनके प्रोडक्ट की आदत लग चुकी है। हमने इन्हें चाहकर भी नहीं छोड़ पाते हैं। इनके जाल में, पूरी तरीके से फँस चुके हैं। Author ने इसे एक नाम दिया है। वह नाम है- Hooked।

     आप भी कैसे लोगों को, अपने product को use करने की आदत लगवा सकते हैं। जरा उन चीजों के बारे में सोचिए। जिनको आप हर रोज इस्तेमाल करते हैं। जैसे कि आपका smartphone, facebook या twitter जैसे एप्प्स। ऐसा क्यों होता है कि twitter पर न्यूज़ फ़ीड scroll करना। इतना अधिक addictive है। Hooked इन सभी सवालों का जवाब देता है।

    यह Book हमें बताती है कि कैसे हमारे अंदर आदतें बनती। कैसे आप ऐसा product बना सकते हैं। जिसको इस्तेमाल करने की आदत, लोगों को पड़ जाए। आप जानेंगे कि एक Habit Forming Product कैसे आपकी कंपनी को successful बना सकता है। आखिर में, हम इस product से संबंधित moral issues पर भी नजर डालेंगे। ताकि आप एक drug dealer बने।

किसी भी नयी आदत को बनाने के दो आसान तरीके
Two Ways to develop a New Habit

           .हम अपनी आदतों को आसानी से नहीं बदल सकते। एक ही काम को बार-बार करने से, हमारा दिमाग बिना सोचे ही उसे करने लग जाता है। हम अनजाने में ही उन आदतों, फिर से दोहराने लगते हैं। जैसे कि हर साल की शुरुआत में, लाखों लोग कसम खाते हैं। कि इस साल वह शराब पीना और दूसरे गलत काम करना बंद कर देंगे। लेकिन कुछ दिन के बाद, वह वापस अनजाने में, यह काम करने लगते हैं।

हमारा दिमाग आराम पाना चाहता है। इसलिए यह ऐसे काम करना चाहता है। जिससे हमें आराम मिले। भले ही वह काम गलत हो। जैसे कुछ लोग घबराने पर दाँत से नाखून काटते हैं। वह इस आदत से छुटकारा जल्दी नहीं पा सकते। क्योंकि ऐसा करने से, उनका डर कम होता है। एक Research में ये पाया गया है कि अगर हम अपने routine को बदल दें। तो भी हमारे दिमाग में, पुरानी आदतों के neurals बनते रहते हैं। वह बड़ी आसानी से reactivate हो जाते हैं। इसीलिए आदतों से छुटकारा पाना मुश्किल है। किसी भी नई आदत को डालने के, दो आसान तरीके हैं। 

पहला – आप उस काम को बार-बार कीजिए। ताकि आपको उसकी आदत पड़ जाए। जैसे कि रोज सुबह कसरत करना।

दूसरा – कुछ ऐसी आदतें होती है। जो बार बार नहीं की जा सकती। ऐसे में उस आदत को डालने के लिए, आपको उस आदत की अहमियत समझनी होगी। 

      जैसे कि ऑनलाइन शॉपिंग करना। लोग रोज ऑनलाइन शॉपिंग नहीं करते। लेकिन वो जब भी करते हैं। तो अपनी पसंदीदा website आप ही करना पसंद करते हैं। जबकि दूसरे ऑनलाइन stores भी इंटरनेट पर मौजूद है। ऐसा इसलिए है। क्योंकि आप जिस वेबसाइट से शॉपिंग करते हैं। उसका दूसरे से retailer से प्राइस comparison करना बहुत आसान है। जिसकी वजह से लोग, उसे बार-बार इस्तेमाल करते हैं।

Habit Forming Products से बहुत फायदा होता है, इनसे competition करना मुश्किल है

सबसे पहली हम यह जानेंगे कि habit-forming product क्या होते हैं। यह एक ऐसे प्रोडक्ट हैं। जिनको इस्तेमाल करने की हमें आदत है। जैसे कि हमारा स्मार्टफोन, फेसबुक और ट्विटर जैसे एप्स और दूसरी चीजें। आइए जानते हैं कि इन products से, कैसे आपको फायदा हो सकता है।

     Habit-Forming Products ऐसे Products होते हैं। जिनको इस्तेमाल करने की, हमें आदत पड़ जाती है। जैसा कि पहले बताया गया है। कि आदतों से छुटकारा पाना मुश्किल है। तो अगर आपके product, habit-forming हैं। तो लोग आपके products को ज्यादा समय तक इस्तेमाल करेंगे। आप ज्यादा समय तक सफल रहेंगे।

     अगर आप का Product, habit-forming है। तो लोग अपने दोस्तों को भी, इसके बारे में बताएंगे। इस तरीके से दूसरे लोग भी, आपके products को इस्तेमाल करेंगे। तब आपका फायदा होगा। वैसे फेसबुक, इसी तरीके से इतना फेमस हो गया। जैसा कि हमने पहले देखा है कि आदतों को बदलना और उससे छुटकारा पाना बहुत मुश्किल है। इसीलिए आपके product से competition करना भी मुश्किल है।

     अगर कोई दूसरी कंपनी आपसे competition करना चाहती है। तो उसे अपने products में ज्यादा सुधार करने होंगे। जैसे Quadric Keypad।  जब Quadric keypad आया। तो लोगों को इस पर type करने की आदत पड़ गई। वह दूसरे keypad का इस्तेमाल करना छोड़ चुके थे। इससे आखिरी फायदा है कि आपको price बढ़ाने पर, कोई भी परेशानी नहीं होगी।

     अक्सर हम देखते हैं कि games में कुछ लेबल फ्री होते हैं। लेकिन उसके बाद खेलने के लिए, आपको पैसे देने होते हैं। डेवलपर्स ऐसा इसलिए करते हैं। क्योंकि उन्हें पता है कि एक बार लोग को गेम खेलने की आदत पड़ जाए। तो वे उसे खेलने के लिए, पैसे देने में नहीं हिचकेंगे। तो इस तरीके से habit-forming product, आपको उचाईयों पर ले जा सकता है।

किसी भी Product की आदत डालने के लिए, User को उसकी 4 Stages स गुजरना होगा

मतलब ये कि हैबिट फॉर्मिंग प्रोडक्ट के फायदो की वजह से, आज हर कंपनी अपने प्रोडक्ट को हैबिट फार्मिंग बनाना चाहती है। अगर आप भी एक ऐसा प्रॉडक्ट बनाना चाहते हैं। जो कि हैबिट फॉर्मिंग है। तो आपको Hooked Model का इस्तेमाल  करना होगा। Hooked Model में चार steps हैं। जो इस प्रकार है-

Trigger – ट्रिगर एक ऐसा event है। जिससे user आपका product, पहली बार इस्तेमाल करें। यह एक youtube ad हो सकता है।

Action – User को product इस्तेमाल करने के लिए, क्या करना होगा। जैसे कि उसे एक link पर click करके, register करना हो सकता है।

Reward – User को product इस्तेमाल करने पर कुछ मिलना चाहिए। उसकी कोई न कोई जरूरत पूरी होनी चाहिए।

Investment – User ने अपनी कोई चीज़, उस product में invest की हो। जैसे कि पैसा, इंफॉर्मेशन या समय।

      एक बार user इन 4 steps से होकर चला जाएगा। तो आखरी step, उसे वापस पहले वाले step पर भेज देगा। फिर यह cycle, repeat होता रहेगा। धीरे-धीरे user को, इस product को इस्तेमाल करने की आदत पड़ जाएगी। वह बिना कुछ सोचे समझे। आपका product इस्तेमाल करने लगेगा। तो इस तरीके से Hooked Model, हमारी आदतों का इस्तेमाल करता है। जानते हैं हर step को थोड़ा करीब से।

लोगो की आदत बनाने के लिए, एक External Trigger की ज़रूरत होगी

  एक external trigger बहुत जरूरी होता है। अब तक user को, आपके product के बारे में कुछ भी नहीं पता। इसलिए वह आपके product को, इस्तेमाल नहीं कर रहा। आपको एक external trigger की मदद से user को अपना product इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करना होगा।

       External Trigger कई तरीके के होते हैं। यह कोई विज्ञापन भी हो सकता है। या फिर किसी दोस्त की सलाह। हमसे हर किसी ने फेसबुक पर, ऐसे ही एकाउंट नहीं  बनाया था। किसी दोस्त के कहने पर, हमने facebook को पहली बार try किया। धीरे-धीरे हमें facebook की आदत पड़ गई। आज हम एक दिन में पांच बार facebook को check करते है। 

    आप external trigger के लिए, विज्ञापन का इस्तेमाल कर सकते हैं। या फिर आप अपने product को कुछ ऐसा बनाइए। जिससे आपके user ही, आपके लिए विज्ञापन करें। User खुद ही अपने  दोस्तों और रिश्तेदारों को, आपके product के बारे में बताएं। जानते हैं कि external trigger को कैसा होना चाहिए। 

        Trigger एक आसान सा तरीका होना चाहिए। जिससे की user, आपका product आसानी से इस्तेमाल करें। हर कोई सुविधा चाहता है। अगर ऐसे में, आपके product को पहली बार इस्तेमाल करना आसान नहीं होगा। तो user उसे इस्तेमाल नहीं करेगा। जैसे कि अगर आप एक website बना रहे हैं। तो उस पर simple सा Register Now का बटन होना चाहिए। जिससे user आसानी से, आपकी site पर रजिस्टर कर सके। इस तरीके से, आप trigger का इस्तेमाल कर सकते हैं।

आपको जब किसी Trigger की ज़रूरत न पड़े, तो समझिये आपको उसकी आदत पड़ चुकी है

 अपने product की आदत डलवाने के लिए, आपको अपना product ऐसा बनाना होगा। जिससे कि user उसे बार-बार इस्तेमाल करें। इसके लिए आप विज्ञापन का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन यह इतना अच्छा तरीका नहीं है। क्योंकि ज्यादातर लोग विज्ञापन नहीं देखते हैं। अगर ऐसे में, आपके product का ad ज्यादा लोगों ने नहीं देखा। तो आपका product भी ज्यादा लोग इस्तेमाल नहीं करेंगे।

         जब तक आपका user, बिना किसी external trigger के, आपका product इस्तेमाल नहीं कर रहा। तब तक उससे उसकी आदत नहीं पड़ी है। तो जानते हैं कि कैसे हम user को, अपने product को बार-बार इस्तेमाल करने के लिए, मजबूर कर सकते हैं। आपका product ऐसा होना चाहिए। जिससे user की कोई एक जरूरत पूरी हो। वह जरूरत सिर्फ एक user की ही नहीं। बल्कि बहुत सारी users की होनी चाहिए।

          जैसे कि हर कोई आराम पाना चाहता है। या फिर दर्द से राहत चाहता है। तो आपका product ऐसा होना चाहिए। जिससे कि user की, इनमें से एक या दोनों ही जरूरतें पूरी हो। अक्सर users आपके product को negative emotions की वजह से इस्तेमाल करेंगे। जैसे कि बहुत लोग, खुद को smart नहीं समझते। इसीलिए वह अच्छे-अच्छे कपड़े खरीदते हैं। ताकि वह smart दिख सके। बहुत से लोग अकेले रहना पसंद नहीं करते। इसीलिए वह सोशल नेटवर्क इस्तेमाल करते हैं।

       आपको भी user की एक negative emotions को पहचान करके। उसके हिसाब से, एक product डिजाइन करना होगा। एक बार user ने बिना किसी external trigger की वजह से, आपके product को इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। तो वह उसे बार-बार इस्तेमाल करने लगेंगे। लेकिन trigger सिर्फ शुरुआत का काम करता है। अगर आपको अपने product की आदत डलवानी है। तो आपको दूसरी बातों का भी ध्यान रखना होगा।

आपका Product दूसरों को Motivate करने वाला हो और उसहे ज्यादा से ज्यादा Users इस्तेमाल कर सके

अगर आप चाहते हैं कि आप का product सफल हो। तो आपको अपने product को इस्तेमाल करने के लिए, लोगों को motivate करना होगा। साथ ही साथ आपको अपना product ऐसा बनाना होगा। जिसे ज्यादा से ज्यादा लोग, इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकें। तो सबसे पहले motivation की बात करते हैं। User आपका product बार-बार इस्तेमाल करने के लिए, तभी motivate होगा। जब उसकी एक जरुरत पूरी हो।

        हर किसी की एक जरूरत होती है। जैसे कि दर्द से छुटकारा पाना या आराम का पाना। आपका product ऐसा हो। जो लोगों में एक विश्वास जगाए। जिसकी वजह से ज्यादा लोग, इसका इस्तेमाल करें। आप लोगों को motivate करने के लिए। उनकी भावनाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे कि आपने देखा होगा। विज्ञापन में sexual images दिखाकर। लोगों को उस product को, इस्तेमाल करने के लिए motivate किया जाता है।

       ऐसा इसलिए होता है। क्योंकि लोग उसकी तरफ आसानी को ध्यान देते हैं। उनके product को इस्तेमाल करने के chances बढ़ जाते हैं। तो जानते हैं कि आप कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक, अपने product को पहुंचा सकते हैं। सबसे पहले तो, आपका product इस्तेमाल करने में आसान हो होना चाहिए। लोगों को लंबे-लंबे online forms भरना अच्छा नहीं लगता।

       सोचिए, अगर आप कोई digital product बना रहे हैं। जिस पर registration की process बहुत लंबी और complicated है। तो ऐसे में users आपके product का इस्तेमाल नहीं करेगा। भले ही वह कितना भी अच्छा क्यों न हो।   इसीलिए आपको अपना product, इस तरह से design करना होगा। जिसे की user, उसे आसानी से इस्तेमाल कर सकें।

        एक बार इस्तेमाल करने के बाद, फिर से इस्तेमाल करना चाहें। अपने product की आदत डलवाने के लिए, सिर्फ trigger ही काफी नहीं है। तो अब हमको पता है कि trigger से user को, अपना product एक बार इस्तेमाल करवा सकते हैं। लेकिन हम ऐसा क्या करें। कि user बार-बार, हमारा product इस्तेमाल करें। उसे उसकी आदत पड़ जाए।

लंबे समय तक Product इस्तेमाल करवाने के लिए, Reward देना होगा

Trigger और Motivation आपके user को, सिर्फ आपका product इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करते हैं। लेकिन अगर आप चाहते है कि आपका user, आपके product को लंबे समय तक तक इस्तेमाल करे। तो आपको उसकी  जरूरतों को पूरा करना होगा। दूसरे शब्दों में, आपको उसे reward देना होगा।

      अगर हम अलग अलग उदाहरणों की मदद से, समझने की कोशिश करें। तो सबसे पहला नाम facebook का आता है। लोग facebook को, बार-बार इस्तेमाल करती करते है। क्योंकि उन्हें इस पर likes और comments मिलते हैं। दूसरे example में, आप किसी game को ले लीजिए। जिसके एक level को पार करने पर, user  को कुछ Benefits या power मिलते हैं।

     एक दिमाग पर की गई, studies में पाया गया है। कि हमारा दिमाग ईनाम पाने के लिए, बहुत उत्सुक रहता है। अगर हमें नहीं पता कि हमारा ईनाम क्या है। तो हमारा दिमाग और उत्सुक हो जाता है। अगर user को पहले से पता है। कि उसे क्या reward मिलने वाला है। तो उसकी उत्सुकता खत्म हो जाती है। इसीलिए आप अपने users की जरूरतों को समझकर reward दीजिए। अगर आपका reward, users की जरुरतों को पूरा नहीं कर रहा। तो आपका product सफल नहीं होगा।

अगर User ने आपके Product पैसा, समय या effort खर्च किया है। तो फिर से आपका Product इस्तेमाल करेगा

अक्सर ऐसा देखा गया है। कि अगर लोगों ने किसी product में, अपनी कोई चीज invest की है। तो वह उसे फिर से इस्तेमाल जरूर करेंगे। जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है। एक study में यह पाया गया है। अगर हम किसी चीज को, अपने हाथों से बनाएं। तो हम उसकी कीमत को समझते हैं। तो अगर user ने, अपना एक social network बनाया है। तो वो उसकी अहमियत को समझेगा।

      क्योंकि उसने उसमें, अपना समय और effort लगाया है। एक और वजह ये हो सकती है। जो हमने अब तक किया है। वही हम आगे भी करते रहते हैं। जैसा कि पहले ही कहा गया है। कि आदतों से छुटकारा पाना काफी मुश्किल है। इसलिए user ने  अगर अब तक, आपका product इस्तेमाल किया है। उसमें अपना समय या पैसा लगाया है। तो वो आगे भी, उसे इस्तेमाल करता रहेगा।

     उस product को धीरे-धीरे इस्तेमाल करते-करते, उसे उसकी आदत पड़ जाएंगी। जब भी कोई शराब पीना शुरु करता है। तो वह उसे अच्छा नहीं लगता। लेकिन जब वो  देखता है। कि सभी लोग उसे enjoy रहे हैं। तो वो भी try करता रहता है। फिऱ एक दिन, उसे उसकी आदत पड़ जाती है। बस ऐसा ही कुछ, product के साथ भी होता है। हमें अपने product को जिम्मेदारी के साथ, market में लाना चाहिए।

Hooked Modal के Moral Issues

● कंपनियों को अपने habit-building products को जिम्मेदारी के साथ लाना चाहिए। 

● जरूरी नहीं कि हर product habit-forming हो। अब तक hooked model को पढ़ते वक्त, आपने जरूर सोचा  होगा। कि आप जब भी कोई product बनाएंगे। तो वह habit-forming ही बनाएंगे। लेकिन इसे संबंधित कुछ और भी बातें हैं। जिस पर आपको ध्यान देना चाहिए।

● Hooked model को इस्तेमाल करने के, बहुत से तरीके हो सकते हैं। लेकिन हर तरीके में, आपको एक चीज़ जरुर मिलेगी। वह है, लोगों की जरूरते। इसलिए अगर आप hooked model को सच मे इस्तेमाल करना चाहते हैं। तो आपको लोगों को जरूरतो को जानना होगा।

Humble Request

   अभी तक आपने इसे पढ़कर, जो भी सीखा। वो पूरी Book का अंश मात्र है। यदि आप भी User के दिमाग को hacked करके अपना Product बेचना चाहते है। तो Nir Eyal की Book- Hooked को जरूर पढ़ें।

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