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Mindset Book Summary in Hindi| माइंडसेट बदलो बदल जाएगी आपकी ज़िंदगी

Mindset Book Summary in Hindi। Mindset Book by Carol S. Dweck Summary। जिंदगी बदल जाएगी बस नजरिया बदलो। सही Mindset बनाना सीखो। Mindset आपका जीवन बदल देगा। अपनी सोच को पहचानो। कैसे बदले हार को जीत में। माइंडसेट बदले, बदल जाएगी जिंदगी। अपनी मानसिकता बदले, अपना जीवन बदले। How to Change the Mindset। Types of Mindset। Mindset Book Review in Hindi। Inspirational Book Summary in Hindi। Mindset – The New Psychology of Success

Mindset Book by Carol S. Dweck
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Mindset By Carol S. Dweck
Book Summary

 यह बुक एक fixed mindset वाले लोगों और एक growth mindset वाले लोगों के बीच के difference को discuss करती है। हमारे माइंडसेट दो situation of failure से निपटने के साथ-साथ,  खुद से निपटने और improve करने मे, हमारी इच्छा को तय करते हैं। यह बुक demonstrate करती है। कि हम अपने माइंडसेट को बदल कर, अपने goals को  हासिल कर सकते हैं।

     Carol Dweck स्टैंड फोर्ड यूनिवर्सिटी में Psychology के एक प्रोफेसर है। Mindset के अलावा उन्होंने Self-theories: Their Role in Motivation, Personality, and Development और Handbook of Competence and Motivation भी publish की है।      

हमारा mindset इस बात को shape देता है। कि क्या हम belief करते हैं। क्या हम सीख सकते हैं और change कर सकते हैं। क्या growth कर सकते हैं या नहीं कर सकते हैं। हमारा mindset इस बात को shape देता है। हम क्या belief करते हैं। हम क्या सीख सकते हैं। हम क्या change कर सकते है। हम क्या grow कर सकते हैं। क्या नहीं कर सकते है। चलिए, इन points को details  में समझते हैं।

What Is Mindset ?

 एक बार एक बहुत बड़ी कंपनी के, HR Managers ने एक इंटरव्यू पैनल create किया। इस pannel ने, कुछ professional को select किया। जैसे कि डॉक्टर, लॉयर्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट। फिर इन सब लोगों को एक मीटिंग में बुलाया। उन सबसे एक कॉमन सवाल किया गया। उस interview pannel ने, सबसे एक-एक करके एक ही सवाल पूछा। कि सर, आप BMW कब तक खरीद लेंगे।

      सभी ने अपनी Income के हिसाब से जवाब दिया। डॉक्टर ने कहा, मुझे 6 से 8 महीने लग जाएंगे। CA ने कहा, मुझे 1 साल लग जाएगा। आर्किटेक्ट ने कहा, मुझे 2 साल लग जाएंगे। सबने अपनी-अपनी income हिसाब से, time span बताया। कि वह BMW कब तक खरीद पाएंगे। यह था, उनका Mindset।

       वहीं same interview pannel, हमारे महान industrialist श्री रतन टाटा जी के घर पर पहुंच गया। उनसे भी वही सवाल किया गया। सर, आप BMW कब तक खरीद लेंगे। तब रतन टाटा जी ने कहा कि कम से कम 5 से 6 साल लगेंगे। ये सुनकर, interview pannel बहुत shocked हुआ। उन्होंने रतन जी से सवाल किया। सर, आप इतने अमीर व्यक्ति है। इतने successful person है। आपके पास इतनी wealth है। 

आपको फिर भी 5-6 साल BMW खरीदने के लिए लगेंगे। रतन टाटा जी ने जवाब दिया कि BMW इतनी छोटी भी कंपनी नहीं है। कि मैं उसे 4 से 5 महीने में खरीद सकूँ। तो यह उनका mindset है। BMW का नाम सुनकर, उन सारे professional ने गाड़ी खरीदने की बात सोची। वही रतन टाटा जी ने कंपनी खरीदने की बात सोची। तो इसको ही Mindset कहते हैं।

Importance Of Mindset

 आपके skull के shape से लेकर, आपके foot के shape तक। आपके body की physical characteristics शुरुआत से ही कम या ज्यादा predetermine होती है। बेशक, आप प्लास्टिक सर्जरी करवा सकते हैं। या किसी bone को हटवा सकते हैं। लेकिन हम human being का normally हमारे body के features पर बहुत कम कंट्रोल होता है। लेकिन Intellectual और physical ability के बारे में क्या। जैसे कि बॉस्केट बॉल खेलना, ड्रॉइंग करना, maths की problem को solve करना। क्या यह जेनेटिक हैं या सीखेंगे सीखे हुए हैं।

आज ज्यादातर साइंटिस्ट, इस बात से agree करते हैं। कि अगर आप एक concert में वायलिन बजाने वाले बनना चाहते हैं। तो आपको न सिर्फ एक musical mentality रखने की जरूरत है। बल्कि प्रैक्टिस के लिए, अपने जीवन के कई साल देने होंगे। हमारे माइंडसेट का एक important role यह होता है कि हम खुद को और दूसरों को कैसे देखते हैं। हमारा माइंडसेट किसी चीज को सोचने, समझने और करने में, हमारे beliefs को shape यह देता है। यह दोनों extreme forms एक fixed vs growth माइंडसेट के concept का base बनती है।

Difference Between Fixed and Growth Mindset

 एक fixed mindset वाले लोग मानते हैं। कि वह naturally कुछ ही चीजों को करने के लिए पैदा हुए हैं। लेकिन बाकी की चीजें, उनके बस की बात नहीं है। जबकि एक growth mindset वाले लोग मानते हैं। कि अगर वह hard try करते हैं। तो वह किसी भी चीज को कर सकते हैं। बस try करने की देरी है। जोर लगाने की देरी है। इस group के लोग, अपनी पूरी life बढ़ते रहते हैं। बिना reservation के और बिना किसी relationship में उलझे। वे नई skill हासिल करते रहते हैं।

 उनके लिए अपने सभी aspect में life, constantly changing position में होती है। इसके opposite एक फिक्स्ड माइंडसेट वाले लोग। अक्सर अपनी ब्लैक एंड वाइट सोच से, अपनी growth में रुकावट डालते हैं। अगर वह किसी चीज में fail होते हैं। तो वह अपने सर को मिट्टी में छुपा लेते है।  या दूसरों को दोष करते हैं। वे खुद से अपने, relation में काम करने के बजाए। अपने Relationship में forever love की expectation करते हैं।

Fixed Mindset वालों के लिए, एक व्यक्ति की Ability Fixed होती है

   Fixed mindset वाले लोग मानते हैं कि talent ही महान है। उनके विचार में एक व्यक्ति की ability, बदली नही जा सकती। एक व्यक्ति स्वभाव से talented या मूर्ख होता है। वह वैसा ही रह जाता है। उसमें कोई परिवर्तन नहीं आता। बड़ी कंपनियां जैसे ‘एनरॉन’ और ‘मैकिन्से’  जिनके HR Department, जो बहुत सारे  रुपए इन्वेस्ट करते हैं। यूनिवर्सिटी के so called naturals तक पहुंचाने में। यह सब इसी प्रकार की सोच रखते हैं।

      कंपनी अपने employees की अच्छी  एबिलिटी से, उनके performance में ग्रोथ की उम्मीद करते है। मगर क्योंकि ये employee बहुत talented होते हैं। इन्हें कुछ नया नहीं सिखाया जाता। Result के तौर पर, उनके अधिकारी उनकी लगातार जांच करते हैं। काम में कमी होने पर, यह सोचते हैं। कि क्या उनके talent में कमी है। जो वह यह काम पूरा नहीं कर पा रहे है। ऐसी fixed सोच रखने वाले लोग सोचते हैं। Employee जो पहले दिन अच्छा काम नहीं कर रहे हैं। वह आगे भी नहीं कर पाएंगे। इसलिए उन्हें छोड़ना बेहतर है।

      Fixed सोच वाले यह मानते हैं। कि केवल वह चीजें कर सकते हैं। जिसके लिए उन्हें चुना गया है। Practice से, कुछ नया नहीं होने वाला। अब क्योंकि वह खुद को और दूसरों को judge करने में तेजी दिखाते हैं। इसलिए वे सोचते हैं। दूसरे भी उनके बारे में यही सोच रखते हैं। इसलिए वह खुद को साबित करने में लगे रहते हैं। उनका मानना है कि उनकी एक गलती। उनको जीवन भर मूर्ख बना सकती है। अपने Ego के लिए, वह दूसरे की सहमति चाहते हैं। ताकि वह उन्हें बता सकें। कि वह कितने talented है।

तरक्की और विकास Growth Mindset वालों मे ही संभव है

जब growth mindset वाले बच्चों को, स्कूल में maths की कोई problem solve करने को दी जाती है। तो वे उसे एक challenge के रूप में स्वीकार करते हैं। उसे वैसे ही solve करते हैं। जैसे कि अपने घर में कर रहे हो। वह यह समझते हैं कि जितनी problem को वह solve करेंगे। उतना ही वह सीखेंगे।

      Growth mindset वाले बच्चों के लिए, जिंदगी आसमान की ऊंचाइयों पर होती है। उनकी क्षमताओं का अंदाज लगाना मुश्किल है। हालांकि, उनके अच्छे grade उनकी क्षमता बताते हैं। लेकिन इन बच्चों का मानना है। कि वे अपने कार्य, लगन और परिश्रम से बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं। वह अधिक grade या highest marks पाने में interested नहीं होते।

      न ही वह दूसरे स्टूडेंट से बेहतर बनना चाहते हैं। बल्कि उन्हें इस बात की खुशी होती है। कि वे खुद को अपनी potential से ज्यादा काम करवा रहे हैं। भले ही वह म्यूजिक या स्पोर्ट्स हो। खेल या पेंटिंग हो। वे केवल practices करते हैं। वह जानते हैं कि समय-समय पर हार या practice ही, उनकी योग्यता में improvement ला सकती है। 

    Growth mindset के लोग creme dela creme ( the best of the best ) से नई चीजें सीखते हैं। वे बार-बार अपनी तकनीक में सुधार व बदलाव लाते हैं। फिर अपनी गलतियों और कमजोरियों पर काम करते हैं। संबंधों के मामलों में, वे लगातार अपने partner को सीखने और लगातार काम करने के लिए, प्रोत्साहित करते हैं।

स्पोर्ट्स में वे टीम भावना का ख्याल रखते हैं। वे अपने बिजनेस में, अपने एंप्लाइज को respect देते हैं। उनके काम की सराहना करते हैं। कई चीजों पर उनके ईमानदार opinion की मांग करते हैं। भले ही सच कितना कड़वा हो। Growth mindset के लोग, problem का सामना करते हैं। उसे एक रुकावट न मानकर, एक चैलेंज मानते हैं। वे अपनी इच्छा से, खुद को व दुनिया को बेहतर बनाने में लगे रहते हैं।

Fixed Mindset वाले लोग दूसरों से Approval, वही Growth Mindset वाले विकास चाहते है

          Chrysler Motor Company जब गिरने की कगार पर थी। तब कंपनी के CEO Lee Lacocca बने। उनकी कारगर तकनीक और employees को लेकर, उनके बेहतर तरीके से। कंपनी फिर से जीवित हो उठी। लेकिन इसके बाद, उनका behavior पूरी तरह बदल गया। वो अपनी ख्याति पर ध्यान देने लगे। कंपनी की तरक्की से ज्यादा, अपनी image पर ध्यान देने लगे। उनका main objective दूसरों से आदेश लेना हो गया।

    Lee Lacocca स्थिर सोच वाले हो गए। वह किसी भी चीज को अच्छा या बुरा classify करने से पहले, यह सोचने लगे। लोगों उन्हें winner या loser कहेंगे। क्योंकि वह एक winner बनना चाहते थे। वो खुद को अधिक बुद्धिमान और टैलेंटेड दिखाने लगे। वह कंपनी का विकास भूल गए।

     इसकी तुलना अगर Louis Gerstner जिन्होंने IBM को बन्द होने से बचाया था। तो यह कंपनी जहां service और teamwork छोड़कर। अपनी ऊर्जा fixed mindset वालों से प्रेरित होकर, आंतरिक विवाद में लगाई हुई थी। सभी लोग अपने बारे में सोच रहे थे। इसलिए कंपनी customer की जरूरत को पूरा नहीं कर पा रही थी। लेकिन इसको बदलने के लिए, उन्होंने कंपनी की पुरानी सोच को बदला। Teamwork को महत्ता दी।

      Employees जो अपने coworker से अच्छी तरह पेश आते हैं। उन्हें सम्मानित किया। उनसे बात-चीत की संभावनाओं को बढ़ावा दिया। वही खुद को एक employee की तरह देखना शुरु किया। उन्होंने बहुत कम समय में, सभी लोगों के बीच communication gap को खत्म किया। Gerstner के growth mindset ने, उन्हें teamwork और विकास नया environment बनाने में मदद की। कंपनी का फोकस एक व्यक्ति से group पर आ गया। इस concept के चलते, IBM ने बहुत तरक्की की।

हमारी मानसिकता बचपन के रोल मॉडल से प्रभावित होती है

वह कौन से factors होते हैं। जो growth और fixed mindset के बीच अंतर बताते हैं। कौन से factors यह बताते हैं। कि एक व्यक्ति अपनी जिंदगी व्यर्थ करेगा। या अपने potencial का एहसास करेगा। Mindset का विकास जन्म से ही शुरू हो जाता है। नवजात इस दुनिया में ग्रोथ माइंडसेट के साथ आते हैं।

      वे हर दिन सीखना और पढ़ना चाहते हैं। बच्चों की जिंदगी में adult एक बड़ा रोल निभाते हैं। जो कि सामान्यतया उसके माता या पिता होते हैं। जो यह डिसाइड करते हैं। कि बच्चा फिक्स्ड माइंडसेट अपनायेगा या ग्रोथ माइंडसेट। सरल भाषा में ग्रोथ माइंडसेट वाले parents, अपने बच्चों को नया सीखने के लिए, inspire  करते हैं।

      जबकि fixed mindset वाले पेरेंट्स, हमेशा अपने बच्चों को judge करते रहते हैं। उन्हें बताते रहते हैं। कि क्या सही है और क्या गलत है। क्या अच्छा है और क्या बुरा। बच्चे 1 से 3 साल तक वैसा ही behave करते हैं। विकसित मानसिकता वाला बच्चा, दूसरे बच्चे की मदद करता है। जो रो रहा है। fixed mindset वाले बच्चे इससे चिढ़ जाते हैं।

     Teachers भी बच्चों का mindset बदलने में, बड़ी भूमिका निभाते हैं। बहुत से teachers ऐसा मानते है कि बच्चों की performance बदली नही जा सकती। बुरे students बुरा करेंगे। अच्छे students अच्छा करेंगें। बुरे स्टूडेंट अपना mindset fixed कर लेते हैं। लेकिन अच्छे teachers जिनका यह मानना है कि students कुछ भी सीख सकते हैं। चाहे जो भी situation हो। वे handle कर सकते हैं। हमारा mindset पूरी तरह से, जन्मजात नहीं होता। हमारे बचपन के रोल मॉडल के adoption से यह बदल सकती है।

Growth Mindset को अपनाकर कोई भी असंभव को संभव कर सकता है

अपने mindset के विकास के लिए, किसी व्यक्ति को अपने आसपास के वातावरण को दोषी नहीं ठहराना चाहिए। दूसरी मांसपेशियों की तरह, दिमाग को भी trained किया जा सकता है। अगर आप अपने mindset का विकास करना चाहते हैं। हम खुद एक दम चलकर, इसे सीख सकते हैं।

     दिमाग के विकास पर काम करते हुए। हम दूसरों से support ले सकते हैं। अपनी गलतियों के बारे में और उसे visible करने की दिशा में ठोस कदम उठा सकते हैं। जिससे हम अपने target को पा सके। ये जानना आवश्यक है कि fixed mindset को आसानी से बदला नहीं जा सकता। इसमें कई वर्षों तक संवेदना की मदद से, हम failure से बच सकते है।

      अपने सेल्फ कॉन्फ़िडेंस को boost करते हुए। सबके सामने यह example रख सकते हैं। सच तो ये है कि fixed mindset को पूरी तरह से, तुरंत बदला नहीं जा सकता। किसी विशेष परिस्थिति में जैसे-जैसे विकास की प्रक्रिया शुरु होती है। तो व्यक्ति की सोच, अपने कारणों को खोजते हुए। प्रत्येक दिन विकास प्रक्रिया की ओर बढ़ जाता है। Mindset के विकास की प्रक्रिया से, किसी भी क्षेत्र में असंभव को संभव किया जा सकता है। इस संबंध में growth mindset आत्म बल की कुंजी है।

Humble Request

   अभी तक आपने इसे पढ़कर, जो भी सीखा। वो पूरी Book का अंश मात्र है। यदि आप भी अपने Mindset को बदलकर जीवन मे तरक्की या वो सब पाना चाहते है जो एक सफल इंसान के पास है। तो आपको Carol S. Dweck की Book- Mindset जरूर पढ़नी चाहिए।

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