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Jonathan Livingston Seagull Book Summary | वह करो जो 99% लोग नहीं करते

Jonathan Livingston Seagull Brief Book Summary। Jonathan Livingston Seagull By Richard Bach। यह कहानी आपको जीना सिखाएगी। वह करो जो 99% लोग नहीं करते। हमेशा अपने दिल की सुनो। Life में कुछ बड़ा, achieve अजीब कैसे करें।  Best Life Changing Book। Jonathan Livingston Seagull Book Review। Follow Your Heart and make Your Own Rules। Amazing Life Changing Story। Change The Way You Look At Life। Book summary in Hindi

Jonathan Livingston Seagull Brief Book Summary
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Jonathan Livingston Seagull By Richard Bach
Brief Book Summary

  हममें से कितने लोग ऐसे हैं। जिन्हें समाज के डर से, कभी तो न कभी, कुछ न कुछ, तो compromise करना पड़ा है। बचपन में पढ़ाई हो या जवानी के सपने। या खुद की शादी ही क्यों न हो। हर decision लेने से पहले, हमें सिखाया जाता है। पहले society या समाज के बारे में सोचो। अगर गलती से भी कोई, society के rules के खिलाफ जाता है। तो उसे समाज से बेदखल कर दिया जाता है। यह एक ऐसी ही कहानी है। जो जिंदगी का एक नया नजरिया देगी।

      बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं। जो knowledge के ऊपर, अपना time invest करते हैं। वरना आप कहीं और भी तो time waste कर सकते थे। यह summary, knowledge से भरी हुई है। इसे पूरा पढ़िए। ये एक seagull की अनोखी कहानी है। जिसने अलग होने की हिम्मत की। दूसरों के लिए inspiration बन गया। अगर आप सीखना चाहते हैं कि एक लीडर कैसे बने।

Problems के सामने, कैसे डट कर खड़े रहे। भेदभाव के खिलाफ कैसे खड़े हो। तब आपको, इस book को जरूर पढ़ना चाहिए। यह book उन्हें जरूर पढ़नी चाहिए। जो हार मान चुके हैं। जिन्हें बार-बार judge और criticize किया जाता है। वह लोग जिन्हें, खुद पर विश्वास करने की जरूरत है। Richard Bach एक पायलट और best selling book के author हैं। उनकी उड़ान के अनुभव, अक्सर उनकी books के topic होते हैं।

Jonathan Livingston Seagull
A Different Thinking

सारे Seagull का झुंड सुबह होते ही, नाश्ते के लिए इकट्ठा हो रहा था। उन्हें आज फिर रोज की तरह, एक-दूसरे से खाने के टुकड़ों के लिए, लड़ाई-झगड़ा करना होगा। यही Seagull के रोज की दिनचर्या थी। लेकिन इन सबसे बेखबर, हमारी कहानी का हीरो- Jonathan Livingston Seagull। दूर अकेले ही उड़ने की practice में busy था।

       उसे बाकी Seagull की तरह खाने के टुकड़ों के लिए, झगड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं थी। वह तो बस उड़ना चाहता था। आसमान में 100 फीट की ऊंचाई पर, वह उड़ने की नई तरीको को सीखने की कोशिश कर रहा था। इतने में उसका संतुलन बिगड़ा और गिर गया। Seagull के लिए हवा में डगमगाना एक अपमान, एक कलंक, समझा जाता है। लेकिन Jonathan Livingston Seagull कोई आम Seagull नहीं था।

       वह बिना किसी शर्मिंदगी के दोबारा उठा और अपनी practice में लग गया। अधिकतर Seagull केवल खाने के लिए उड़ान भरते हैं। इसलिए उनके लिए उड़ना important नहीं था। बल्कि उनके लिए important था, उनका खाना। लेकिन हमारी कहानी के Hero, Jonathan के लिए खाने की कोई importance नहीं थी। वह तो बस और उड़ना चाहता था। उड़ने के नए तरीके सीखना चाहता था।

      वह अपने आपको सिर्फ खाने तक ही सीमित नहीं रखना चाहता था। उसकी इस आदत से, उसके parents भी खफा थे। उनका कहना था कि John तुम बाकी Seagull तरह क्यों नहीं जीते। कुछ खाते क्यों नहीं। तुम केवल हड्डियों और पंखों के ढेर रह गए हो। Jonathan ने अपनी मां से कहा, मुझे पंखों और हड्डियों के ढेर बनने में बुरा नहीं लगता।

      मैं तो बस यह जानना चाहता हूं। कि मैं  हवा में क्या कर सकता हूं। और क्या नहीं। Jonathan के पिता ने उससे कहा, उसे इस बात पर focus करना चाहिए। कि खाना कैसे हासिल किया जाए। अगले कुछ दिनों तक Jonathan ने अपने parents की बात मानकर। एक normal Seagull बनने की कोशिश की। लेकिन वहां उसका मन नहीं लगा। एक बार फिर अपनी उड़ान के लिए निकल पड़ा।

     उसका सिर्फ एक ही उद्देश्य था, उड़ना और सीखना। अपनी क्षमता को पहचानना। अपने एक हफ्ते के अभ्यास से, उसने उड़ने के बारे में बहुत कुछ सीख लिया था। 1000 फिट की ऊंचाई पर पहुंचकर। उसने उड़ने की नई तरकीबें, नई कलाबाजी सीखी। 2000 फीट की ऊंचाई पर, उसने Seagull की रफ्तार का विश्व रिकॉर्ड कायम कर दिया। लेकिन इस बीच वह अनियंत्रित हो गया। फिर तेजी से नीचे समुद्र से जा टकराया।

       जब उसे होश आया। तो उसके मन में failure का भाव भर गया था। एक आवाज उसे अपने अंदर से सुनाई दे रही थी। मैं एक समुद्री पंछी हूं। Nature ने मेरी limit तय कर रखी है। यदि मेरे नसीब में उड़ना लिखा  होता। तो मेरे दिमाग में नक़्शे होते। यदि मेरे nature में उड़ना लिखा होता। तो मेरे पास falcon की तरह छोटे-छोटे पंख होते।

       उसे लगने लगा कि उसके पिता सही कह रहे थे। उसने सोच लिया कि अब वह एक normal Seagull की तरह रहेगा। लेकिन Nature ने Jonathan के लिए, मानो कुछ और ही सोच रखा था। कुछ समय बाद, वह वापस अपनी उड़ान पर पहुंचा। वहां उसने सीखा कि वह क्यों अब तक अनियंत्रित हो रहा था।

     आखिर में उसके दिमाग में आया कि उसे अपने पंखों को, हवा में बाज की तरह छोटा करके नियंत्रित करना होगा। बस फिर क्या था। Jonathan रफ्तार से बात करने लगा। 70 मील प्रति घंटा, 90 मील प्रति घंटा, 120 और फिर उससे भी तेज वह उड़ने लगा। 140 मील प्रति घंटा की रफ्तार पर, वह पूरी तरह से नियंत्रण में था। फिर उसने सोचा कि वह 5000 फीट की ऊंचाई से गोता लगाएगा।

       उसने खूब practice की। वह 5000 फ़ीट की ऊँचाई से उड़कर, नीचे की ओर आ रहा था। उसकी रफ्तार बहुत तेज थी। वह तेजी से नीचे खड़े बाकी Seagull के झुंड के ऊपर से, वापस ऊपर को चला गया। अब वह 160 मील प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ रहा था। इस वजह से, वह बहुत खुश था। वह अपनी गति की चरम सीमा 214 मील प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंच गया था। एक Seagull के लिए, यह एक नयाब उपलब्धि थी।

       उसने उड़ान के बारे में, बहुत कुछ सीख लिया था। उसने सोचा कि सभी Seagull उसकी इस उपलब्धि पर बहुत खुश होंगे। वह सोचने लगा। जीवन जीने का आनंद, अब आ रहा है। क्योंकि अब मैंने जाना है। जीवन खाने के लिए उड़ने से भी, और बहुत कुछ है।

      जिंदगी का एक मकसद है। आप अज्ञान से, ऊपर उठकर ज्ञान की ओर जा सकते हैं। अपने गुणों को पहचान सकते हैं। फिर हम आजाद हो सकते हैं। हम उड़ना सीख सकते हैं। उसे भविष्य में opportunities नजर आ रही थी। जब वह नीचे उतरा। तो सीगल परिषद की मीटिंग में, उसका इंतजार हो रहा था। Jonathan सोचने लगा। सभी Seagull उसकी उपलब्धि के लिए, उसका सम्मान करेंगे।

        लेकिन तभी Seagull के मुखिया ने कहा कि तुम अपनी नजरें झुका कर बीचो-बीच खड़े हो जाओ। Jonathan को लगा। जैसे उसे किसी लकड़ी की पटिया से दे मारा हो। शर्मिंदा होने के लिए, वह कहने लगा। आप लोग मेरी उपलब्धि को नहीं समझ पा रहे हैं। वे यह गलत है। Seagull परिषद ने Jonathan को उसकी लापरवाही और Seagull बिरादरी की परंपरा को तोड़ने के लिए, अपने समाज से बेदखल कर दिया।

      उसे दूर स्थित चट्टानों पर, अकेले जीवन जीने के लिए छोड़ दिया गया। Jonathan कहता रहा कि मैं गैरजिम्मेदार नहीं हूं। मैंने तो जिंदगी का एक उद्देश्य खोज लिया है। हम सब हजारों सालों से मछलियों के लिए, लड़ाई-झगड़ा कर रहे हैं। अब हमारे पास भी जीने की, सीखने की और आजाद होने की वजह है। मुझे एक मौका दो। मैं तुम सबको बताऊंगा कि मैंने क्या पाया है।

      लेकिन Seagull के झुंड ने उसकी एक नहीं सुनी। उन्होंने उसकी तरफ पीठ करके, अपने कान बंद कर लिए। अब Jonathan अपना जीवन अकेले बिताने लगा। लेकिन उसने उड़ना नहीं छोड़ा। वह बहुत दुखी था कि बाकी Seagull अपनी life के उद्देश्य को नहीं देख पा रहे थे। Jonathan हर रोज उड़ने के बारे में, नया सीखता गया। अब उसे खाने के लिए, मछली को पकड़ने वाली नाव और बासी रोटी पर depend नहीं रहना पड़ता था।

      अपनी रफ्तार से उसने मछलियों को पकड़ने के, नए तरीके इजाद कर लिए थे। वह कोहरे और धुन्ध को चीरता हुआ। साफ आकाश में इतने ऊपर चला जाता था। जबकि बाकी सारे Seagull धुंध और बारिश को देख कर जमीन पर ही खड़े रहते थे। जब वह आसमान में गर्व से उड़ान भर रहा था। तभी उसके बगल में 2 समुद्री पंछी प्रकट हुए। उनको देखकर Jonathan चौक गया। वह ऐसे चमक रहे थे। जैसे सितारों का प्रकाश फैल रहा हो। उनके उड़ने का कौशल कमाल का था।

       Jonathan ने अपने तरीके से उनकी परीक्षा लेनी चाहिए। जब उसने देखा कि वह बिल्कुल वैसे ही उड़ सकते है। जैसे वह उड़ सकता था। तब उसने उनसे पूछा। तुम कौन हो। दोनों की Seagull ने कहा Jonathan, हम तुम्हारे भाई हैं। हम तुम्हें घर ले जाने आए हैं। तुम्हें और ऊंचा ले जाने के लिए आए हैं। यहां जो तुमने सीखना था। वह सीख लिया है। अब समय है और बड़ा सीखने का। आखिर में Jonathan उनके साथ चला गया।

Jonathan Livingston Seagull
Freedom And Control

 जब Jonathan दोनों पक्षियों के साथ उड़ता हुआ। अनंत आकाश में जा रहा था। उसने देखा कि उसका शरीर भी उनकी तरह, चमकीला हो गया है। उसे लगा, जैसे वह स्वर्ग में आ गया है। वहां उसने देखा कि यहां भी उड़ान के बारे में सीखने के लिए बहुत कुछ है। यहां जो पक्षी थे। वह Jonathan की तरह ही सोचते थे। वह उड़ने में महारत हासिल करना चाहते थे।

       वे सब रोज घंटों अभ्यास करते थे। नई-नई तकनीकों को आजमाते थे। फिर उसे ध्यान आया। किस तरह उसकी पुरानी दुनिया में, सारे seagull सिर्फ खाने के टुकड़ों के लिए। सारी जिंदगी लड़ते-झगड़ते रहते थे। वहां Jonathan, Sullivan से मिला। उनके साथ और भी नई-नई चीजें सीखी। एक दिन Jonathan, वहां के मुखिया के पास गया। जिसका नाम Chiang था। उसने Chiang से पूछा कि क्या यह स्वर्ग है।

      इस पर Chiang ने कहा, स्वर्ग कोई जगह नहीं है। वह कोई समय नहीं है। स्वर्ग है, पूर्ण बनना। जिस पल तुम अपनी सर्वोच्च गति को पा लोगे। तुम स्वर्ग को छूना शुरु कर दोगे। इसके बाद Chiang गायब हो गया। इस तरह एक महीना बीत गया। Jonathan बहुत तेजी से सीखता रहा। वह जल्दी ही सीख जाता था। जब Chiang गायब हुए। तो उन्होंने जो आखिरी शब्द Jonathan को कहे थे। वह थे, प्रेम पर काम करते रहना।

        अब Jonathan अपनी पुरानी दुनिया के बारे में सोचने लगा। वह सोचने लगा कि क्या वहां कोई ऐसा पक्षी होगा। जिसके लिए उड़ना, सिर्फ खाने तक ही सीमित न हो। क्या वहां अब भी कोई होगा। जिसे झुंड से अलग रहने के लिए, छोड़ दिया गया होगा। जो उड़ने के बारे में सीखना चाहता होगा। Jonathan के अंदर दया और प्यार हिलोरे मारने लगा।

      अब उसके मन में, वापस पृथ्वी पर जाने की इच्छा बढ़ने लगी। Sullivan ने उससे कहा। तुम्हें एक बार झुंड से बाहर निकाल दिया गया था। इसलिए वहां अब कोई तुम्हारी बात नहीं सुनेगा। वे अब भी वैसे ही चीखते-चिल्लाते और लड़ते-झगड़ते हैं। इसलिए तुम यहीं रहो और बाकी seagull को सिखाओ। लेकिन Jonathan नहीं माना। उसने कहा, मुझे जाना ही होगा। हम फिर मिलेंगे। फिर वह  Sullivan को अलविदा कहकर चला गया।

       वहां पहुंचकर उसने देखा कि Fletcher Lynd seagull, जो अभी बहुत छोटा था। वह उड़ने के बारे में, सीखना चाहता था। लेकिन उसे भी झुंड से निकाल दिया गया था। लेकिन Fletcher के मन में, सिर्फ एक ही सपना था। उसे खाने के लिए, उड़ने तक सीमित नहीं रहना है। Fletcher सोचने लगा। मैं उन्हें दिखाऊंगा कि उड़ना किसे कहते हैं।

जब वो उड़ रहा था। तभी उसने अपने बगल में, एक बेहद चमकीले सफेद पंछी को उड़ते हुए देखा। वह सोचने लगा कि यह क्या हो रहा है। मैं क्या मर गया हूं। तभी उसे एक आवाज सुनाई दी। Fletcher क्या तुम उड़ना चाहते हो। इस पर Fletcher ने जवाब दिया। हां, मैं उड़ना चाहता हूं। Fletcher क्या तुम झुंड को माफ कर दोगे।  एक दिन उनके पास जाकर, यह बताने में help करोगे। Fletcher ने कहा, मैं करूंगा।

Jonathan Livingston Seagull
Spread The Love

 Jonathan अपने शिष्य Fletcher को उड़ने की विभिन्न कलाएं सिखा रहा था। उसने देखा कि Fletcher के अंदर सीखने की जबरदस्त इच्छा थी। वह एक बेजोड़ शिष्य था। 3 महीने खत्म होने तक, Jonathan के पास 6 और शिष्य आ गए थे। वह सब भी झुंड से निकाल दिए गए थे। Jonathan और उसके शिष्य से दिनभर practice करते थे। उन सबके अंदर सीखने की भूख थी। जो समय के साथ बढ़ती जाती थी।

      एक महीने के बाद, Jonathan और उसके शिष्य झुंड के पास वापस चले गए। यह सब झुंड के ऊपर, एक साथ उड़ान भर रहे थे। नीचे खड़े seagull उन्हें एकटक देख रहे थे। झुंड में हलचल हो गई। वह कहने लगे। यह तो झुंड से निकाले गए Seagull हैं। यह वापस कैसे आ सकते हैं। लेकिन वह छोटे Seagull से कहने लगे। इन्होंने इस तरह से उड़ना कहां से सीखा।

       मुखिया ने आदेश दिया। इन निकाले गए, Seagull से कोई भी बात नहीं करेगा। जो ऐसा करेगा। उसे भी बाहर निकाल दिया जाएगा। लेकिन Jonathan पर इसका कोई भी प्रभाव नहीं पड़ा। उसने इसे नजरअंदाज कर दिया। उसने अपने शिष्यों को और भी बेहतर और ऊंचा उड़ने के लिए प्रेरित किया। उसके शिष्य आकाश में उड़ने के, नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे थे। 

      जब उनका उड़ने का काम पूरा हो जाता था। तो वह नीचे रेत पर आकर आराम करने लगते। फिर Jonathan की बातों को गौर से सुनते थे। Jonathan ने देखा कि उनके शिष्यों के चारों ओर 1000 पक्षियों का विशाल घेरा बन गया था। वे सब Jonathan की बातें समझने की कोशिश कर रहे थे। धीरे-धीरे Jonathan के शिष्यों की संख्या बढ़ती गई। Jonathan उन्हें उड़ने के बारे में सिखाता गया।

     एक दिन हवा में Jonathan का शरीर इतना चमकीला हो गया। वह देखते ही देखते वह हवा में विलीन हो गया। जाने से पहले उसने Fletcher ने कहा कि जाओ और दूसरे से Seagull को उड़ना सिखाओ। प्यार को समझो और उनसे प्यार करो। अब Fletcher ने Jonathan की जगह ले ली। वह बाकी Seagull को सिखाने लग गया।

वह भी दूसरे Seagull के प्रति प्यार की भावना रखने लगा। उसने ठान लिया कि उसने जो भी अपने गुरु Jonathan से अब तक सीखा था। वह उसे अपने शिष्यों को सिखाएगा। उसे यह भी विश्वास था। एक दिन वह अपने गुरु Jonathan से अवश्य मिल पाएगा।

Jonathan Livingston Seagull
Seven Lessons From The Book

 अब मैं आपको इस कहानी के Seven Lesson बताता हूं। जो मैंने सीखे हैं। आपको भी इन्हें जरूर समझना चाहिए।

1. अपने आप को सिर्फ छोटी सोच तक सीमित मत रखो। जब तक आप अपनी सोच को बढ़ा नहीं करेंगे। तब तक आपको जिंदगी में अवसर दिखाई नहीं देंगे।

2. जब आप अपने प्रयास में असफल होते हो। तब आपको शर्मिंदा नहीं होना है। बल्कि आपको यह देखना है कि आपके प्रयास में कमी कहां रह गई। दोबारा दुगने उत्साह के साथ कोशिश करनी है।

3. अपने आपको समझो। यह जानो कि आप अपने क्षेत्र में, क्या नया कर सकते हो। यदि आप वही करोगे, जो सब करते हैं। तो फिर आपको result भी वैसे ही मिलेंगे। जैसे सबको मिलते हैं।

4. सीखना कभी बंद मत करो। यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आपने कल तक क्या सीख था। महत्वपूर्ण यह है कि आज आप क्या सीख रहे हो। दुनिया परिवर्तनशील है। जो कल नया था। वह कल पुराना हो जाएगा। इसलिए हमेशा अपने ज्ञान को बढ़ाते रहो।

5. जब आप अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हो। तो दूसरों की बात पर ध्यान मत दो। ऐसे बहुत से लोग मिलेंगे। जो आपको पीछे खीचेगे। आपका मनोबल तोड़ने की कोशिश करेंगे। लेकिन आपको अपने लक्ष्य पर डटे रहना है।

6. जब आप कामयाब हो जाओ। तो दूसरों की मदद करो। उन्हें उन परिस्थितियों से बाहर निकालना सीखाओ। जो उन्हें कामयाब होने से रोक रही हैं।

7. समस्त संसार में प्रेम फैलाव दूसरे लोगों दूसरे प्राणियों को आपके प्रेम की जरूरत है क्योंकि नफरत को नफरत नहीं मिटा सकती नफरत को प्रेम से ही जीता जा सकता है।

      Humble Request

     यह एक छोटी-सी Summary थी। Jonathan Livingston Seagull की। मैं आपको सलाह दूंगा कि आप इस पूरी कहानी को जरूर पढ़ें। यह कहानी आपकी जिंदगी को, एक नई दिशा देने का काम करेगी।

 

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