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Emotional Intelligence Book Summary| खुद के emotions को control करना सीखें।

Emotional intelligence Book summary। Emotional intelligence by Daniel Goleman। खुद को समझना सीखो। आपके emotions आपकी सफलता का सबसे बड़ा कारण। गुस्से को कैसे कंट्रोल करें। खुद के emotions को control करना सीखें। आपके emotions में छिपा है, सफलता का राज। IQ से ज्यादा क्या matter करता है। इमोशनल इंटेलिजेंस को कैसे बढ़ाएं। Learn to control your emotions। Life changing book – emotional intelligence । How to control your emotions

 

Emotional Intelligence Best Book Summary in Hindi
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Emotional Intelligence By Daniel Golman
Book Summary

अगर आप अपने IQ का सही जगह इस्तेमाल नहीं करते हैं। तो आपके IQ level के high होने का कोई फायदा नहीं है। अगर आपके emotion ही आपके control में नहीं है। तो फिर genius होने के बावजूद। आप life में fail हो जाएंगे। ऐसे भी लोग हैं। जिनका IQ बहुत high था। फिर भी वह same state दोहराते रहते थे। usually इसमें उनकी personal life involve रहती है।

      Daniel Goleman जो इस book के author हैं। उनका मानना है कि EI यानी इमोशनल इंटेलिजेंस can matter more than IQ। जबकि average IQ और good IQ वाले लोग, life में ज्यादा बेहतर perform कर पाते है। वही high IQ और low IQ वाले लोग almost, fail होते देखे गए हैं। 

      इससे पहले कि आप अपने bad luck का रोना रोए। आपको एक बात बता देते हैं। EI यानी इमोशनल इंटेलिजेंस improve की जा सकती है। यह एक अच्छी खबर है। गोलमैन की किताब का, यह एक most important goal है। सबसे पहले इमोशनल इंटेलिजेंस के concept को अच्छे से discribe किया जाए। फिर आपको अपने इमोशनल इंटेलिजेंस को कैसे improve करना है। उसमें आपकी मदद की जाए।

       यही है इस किताब का main goal। First Chapter की बात की जाए। तो यहां पर emotions के बारे में बताया जा रहा है। मतलब यह कि आपकी life में, एक भी सेकंड ऐसा नहीं होगा। जो emotion के बगैर गुजरता हो। यह आपकी life का एक बहुत ही crucial part है। हमें इस emotional part के साथ जीना सीखना ही होगा। 

     यह सारे emotions, हमारे life के बाकी areas को भी influence करते हैं। जैसे कि हमारे decision making process को, हमारे thoughts यानी कि हमारे विचारों को। इसका मतलब है कि हमारा emotional intelligence, हमारे normal intelligence को भी influence करता है।

हम सब life में कभी न कभी बहुत sad होते हैं। लेकिन एक बात जो शायद ही, आपने notice की होगी। कैसे sadness, हमारे thought process को influence करती है। तब आप अपने past के unpleasant experience को और भी ज्यादा याद करने लगते हैं।

मान लीजिए, आपका partner आपको छोड़कर चला गया। यह आपके sadness को trigger कर देगा। जिससे आपको अपने पहले वाले, breakups भी याद आने लगेगे। यह सारी memories आपके sadness को और ज्यादा बढ़ा देगी। जिससे आपको अपनी जिंदगी और भी ज्यादा बत्तर लगने लगेगी। लेकिन यह दूसरे तरीके से भी उतना ही effective है। आप अपने thoughts से अपने emotions को influence कर सकते हैं। यही चीज, इस किताब का essence है।

Brain And Emotions

Daniel Gol एक neurology expert है। उन्हें human brain के काम करने के, तरीकों के बारे में अच्छी knowledge है। हमारे brain के emotions बहुत ही deep level तक होते हैं। क्योंकि हमारे brain में कुछ old और कुछ younger part मौजूद होते हैं। जो part emotions को control करता है। वह ब्रेन का काफी पुराना part होता है। इतना पुराना होता है, कि जब humanity की शुरुआत हुई थी।

    इसका मतलब हुआ कि हम अपने emotions को eliminate या ignore नहीं कर सकते। कभी भी नहीं। क्योंकि इनके होने का कुछ मतलब तो जरूर है। Brain का यह part, हमारे younger cortex यानी कि center of intelligence के decision को overwrite कर सकता है। author का  इससे मतलब है। Emotions हमारे mind से भी strong होते हैं। ऐसा भी हुआ है कि कई extra intelligence mind, proper emotional intelligence के बगैर पूरी तरह से useless साबित हुए हैं।

Vincent van Gogh एक ऐसा ही example है। अपने emotional issues के चलते। इतने बड़े talent painter ने अपनी पूरी लाइफ बर्बाद कर ली थी। ऐसे और भी example हैं। जैसे- Amy Winehouse और Cardi B जैसे लोग। यह सब smart और अपने-अपने field के talented लोग थे। लेकिन उनकी अपनी emotional problem के चलते, उनकी सारी ability बर्बाद हो गई।

Five Domain of Emotional Intelligence

हम अगर 5 domains की बात करें। तो emotional intelligence एक complex concept है। लेकिन अगर इसे हम छोटे-छोटे टुकड़ों में divide करके देखें। तो इसे समझना काफी हद तक आसान होगा।

Identify Your Emotions

 बहुत से लोग, अपने emotions को समझ ही नहीं पाते हैं। फिर automatic way में act करने लगते है। जैसे हम सभी कभी न कभी, किसी बात को लेकर jealous होते हैं। जो कि एक natural emotion है। लेकिन जब हम ऐसे emotions को accept नहीं करते हैं। तब दूसरों के लिए, बुरा सोचना शुरु कर देते हैं। अपनी feelings को accept करना ही, good emotional intelligence का first step है। 

       ऐसे बहुत से तरीके हैं। जिनसे हम अपने अंदर की, यह चीज tuning कर सकते हैं। जैसे कि meditation एक अच्छा तरीका है। इसके लिए आपको expert होने की जरूरत नहीं है। बस आराम से बैठ जाए। धीरे-धीरे लंबी सांसे लीजिए और mind को शांत रखिए।

हालांकि आपके mind में बहुत सारी, इधर-उधर की बातें घूमना शुरू हो जाएंगी। लेकिन अपने mind में thoughts को चलने दीजिए। बस ध्यान रखिए कि सारे thoughts आए और चले जाएं। आपको किसी भी thought को पकड़कर नहीं बैठना है। वरना यह आपके mind और judgement power को block कर देंगे।

  जब आपका mind रोज-रोज की चिक-चिक से free हो जाएगा। तो आपको अपने emotional state को perceive करना आसान हो जाएगा। जैसे कि मान लीजिए। आप आज पूरा दिन बहुत परेशान रहे। अगर आप थोड़ी देर के लिए भी meditation करेंगे। तो देखेंगे सारा दिन आप अपने partner से हुए, झगड़े को लेकर परेशान थे। लेकिन आपकी daily की unimportant चीजों ने, इस real vision  को cloud कर दिया था।

Emotional Management

 Author इस बात पर जोर देते हैं। Emotions हमारे intelligence को कैसे influence करते हैं। लेकिन यह one way street नहीं है। ज्यादा specific way में कहा जाए। तो आप अपने emotions को control कर सकते हैं। Depend करता है कि आपके किस चीज पर focus कर रहे हैं। ये topic, state of flow के काफी करीब है। जिसे flow book में काफी अच्छे से explain किया गया है। 

    The Psychology of optimal experience, खाली दिमाग शैतान का घर। यह कहावत यहां पर apply होती है। क्योंकि खाली बैठे रहने से, हमारे दिमाग में negative emotions पैदा होते हैं। इसके बजाय, किसी एक चीज पर focus कीजिए। जितना हो सके। उतनी देर तक concentration बनाकर रखिए। लेकिन इस बीच अपने phone या social media account को बिल्कुल भी check ना करें। अगर आपको अपने emotions को manage करना है। तो कुछ time के लिए, इन चीजों को भूलना होगा।

        बेशक मॉडर्न टेक्नोलॉजी हमारी काफी मदद करती है। लेकिन अक्सर हम इसका misuse करते हैं। जिसे  psychologist यह साबित कर चुके हैं। जो लोग ज्यादा depression में रहते हैं। वो social network पर दूसरों से ज्यादा active रहते हैं। अपनी problem को solve करने या कुछ productive करने की बजाए। यह लोग घंटो तक अपनी social network profile को scroll करते है। कुछ ना कुछ ढूंढते रहते हैं

जिन लोग anger management की problem होती हैं। उनके लिए 10 second rule सबसे बढ़िया है। यह rule बहुत ही simple है। जब भी आपको लगे, गुस्सा आ रहा है। तो आराम से बैठ जाइए। Counting शुरू कर दीजिए। 10 से लेकर 1 तक। ये technique बहुत ही effective है। यहां तक कि बहुत ही गुस्सैल और Impulsive लोगों को भी, ये technique बहुत ही helpful लगी।

Motivate Yourself

इसका best तरीका है। आप अपने आपको time to time, reward देते रहें। लेकिन इस के चक्कर में, आप over-the-top न चले जाएं। क्योंकि अक्सर लोग rewards के addictive हो जाते हैं। Rewards आपका ultimate goal नहीं है। यह बस आपको, आपके goal के लिए motivate करता है।

हर रोज, बाहर जाकर पार्टी करने के बजाए। आप किसी special occasion का wait करें। इससे आपका मजा दुगना हो जाएगा। आपको मिलने वाले Reward का भी ज्यादा असर पड़ेगा।

    मोटिवेशन के लिए हमेशा, reasonable goal को set  कीजिए। जैसे कि आपको अपनी emotional intelligence को improve करना है। यह कोई easy काम नहीं है। आपको इसे कुछ छोटे-छोटे goals  में डिवाइड करना होगा। जो आप easily पा सकें। अब जैसे, आप अपनी emotional management को improve करना चाहते हैं। तो दूसरी डोमन जैसे कि empathy को improve करने की कोशिश करें। तो आपको ऐसे में goal कैसे रखना चाहिए, समझते हैं।

1. Moderately Hard- निश्चित है, आप कोई ऐसा task तो choose नहीं करेंगे। जो बहुत ज्यादा easy या hard हो। क्योंकि easy goal, आपको मोटिवेट ही नहीं करेगा। ज्यादा hard, आपको बहुत परेशान कर सकता है। थोड़ा-सा reasonable होना चाहिए।

2. You should get instant feedback- जब तक आप को अपने actions का outcome नहीं पता होगा। आप कभी भी improve नहीं कर सकते है।

3. Failure is not an option, it is a must- जी हां, अगर हर चीज प्लान के हिसाब से चलने लगे। तो समझ लीजिए कि आप right track पर हो। एक चीज हमेशा याद रखिए। Frustrating experience  कहीं न कहीं आपको पीछे खींचने की फिराक में रहते है। आपको slow होकर, अपने goals के बारे में और भी ज्यादा जानने का मौका मिलेगा।

4. Empathy – ये cold human characteristic है। क्योंकि इसके बगैर हम रह ही नहीं सकते। लेकिन फिर भी आज के time में, हम लोग apathetic   और indifferent होते जा रहे हैं।  Psychologist, इस प्रॉब्लम को लेकर काफी ज्यादा परेशान है। एक तरफ जहां violence बहुत ज्यादा बढ़ गया है। वहीं हमें इसकी आदत सी हो गई है। लोग टीवी पर इतने ज्यादा violence वाले प्रोग्राम देखने लगे हैं। हमे दूसरों की तकलीफ को देखकर भी कोई फर्क ही नहीं पड़ता है।

     यह हमारे future के लिए, बहुत ही dangerous है। क्योंकि healthy relationship के लिए, हम इंसानों में empathy होना बहुत जरूरी है। लेकिन अच्छी बात यह है कि हम empathy को improve कर सकते हैं। बस आपको इसके areas पर थोड़ा work करना होगा। जैसे कि दूसरों को observe कीजिए।

      अक्सर हमें पता ही नहीं चल पाता है।  हमारे दोस्त या फैमिली वाले, क्या feel कर रहे हैं। हम उनकी feelings की परवाह ही नहीं करते। लेकिन उनके तो थोड़ा time spend करके, हम observe कर सकते हैं। किसी subject पर उनकी feeling क्या है। वह कैसे react करते हैं।

5. Understand others- दूसरों को समझना पड़ेगा। जिससे आपकी बात हुई। उस इंसान से बात करने के बाद, खुद से पूछिए। इस इंसान को क्या feel होता होगा। उसके emotions क्या होंगे। कुछ behaviour scientist इसे community part of empathy बोलते हैं।

डैनियल गोलमैन उनके बारे में बताते हैं। जिन्हें alexithymia होता है। ऐसे लोग अपने emotions को जाहिर नहीं कर पाते। क्योंकि उन्हें समझ में ही नहीं आता है। कैसे वह अपनी अंदर की feelings को, बाहर निकाले या किसी से शेयर करें।

     हम सब कभी न कभी, इस चीज को experience करते हैं। ऐसा कितनी बार हुआ। जब आपको कुछ feel हुआ। लेकिन आप बोल ही नहीं पाए। आपको जवाब देने की जरूरत नहीं है। यह सब के साथ होता है, normal है।

ऐसे कुछ methods है। जिससे आप अपनी inner state को improve या सुधार सकते हैं। जैसे कि आप mediate कर सकते हैं। ऐसी और भी techniques हैं। अगर आप psychology को लेकर curious हैं। तो उस पर किताबें पढ़िए।

6. Pay Attention to Your Relationships जो लोग empathetic होते हैं। वह दूसरों के साथ, अपने relations को लेकर extra careful रहते हैं। बेशक misunderstanding होने के chances हर रिश्ते में रहते हैं। लेकिन सबसे important बात ये है। कोई भी issues सही ढंग से सुलझा लेना चाहिए। मान लीजिए आपके अपने दोस्त से लड़ाई हो गई है। लेकिन फिर भी, अपना गुस्सा ठंडा करके। उसे call जरूर करें। 

       क्योंकि बड़े और समझदार लोग कोई भी दुश्मनी नहीं रखते है। न ही उनमें बदले की feelings होती है। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है। हमेशा आप ही माफी मांगे। बल्कि इसके ठीक उलट। आपका emotional intelligence जानता है। कब आपको sorry बोलना है। कब sorry नहीं बोलना हैं।

तो ऐसे कई मौके होंगे। जब आपकी एक sorry बिगड़ी बात बना देगी। अगर गलती आपकी नहीं भी है। तो भी आपको matter, solve करने में पीछे नहीं हटना चाहिए।

Human relationship को लेकर, psychologist एक बहुत ही अच्छी advice देते हैं। जिस नजरिए से, हम दुनिया को देखते हैं। वह हमारे इमोशंस decide करते हैं। क्योंकि world को लेकर, हमारी knowledge indirect होती है।

Differences Between Gender

एक बात बिल्कुल सर्वमान्य है। Females दूसरों के emotions को, एकदम सही समझने में सक्षम होती हैं। अगर इस बात को, ज्यादा specifically कहा जाए। तो females में males की अपेक्षा ज्यादा empathy होती है। यही simple fact, बहुत-सी problems को create करता है। जैसे कि औरतों में कई बार शिकायत होती है। उनके boyfriend या husband एकदम cold nature के हैं।

      कई सारी females, उनके इस coldness को गलत way में ले जाती है। उन्हें लगता है कि उनके partner अब इतना प्यार नहीं करते। या अब उन्हें नापसंद करने लगे हैं। लेकिन यह असर सच नहीं होता। तो इसके बाद क्या होता है। Females कई बार over react कर जाती है। फिर अपने partners से, इस बात को लेकर लड़ाई भी कर लेती हैं। फिर यहीं से सारी मुसीबतें शुरू होती है। क्योंकि फिर आदमी भी over react करने लगते हैं। 

     बात इतनी बढ़ जाती है कि breakup या divorce पर जाकर खत्म होती है। क्योंकि मर्दों को लगता है कि उनकी partner, उन्हें control करने की कोशिश कर रही है। तब यहां पर इमोशनल इंटेलिजेंस कैसे काम आता है। तो यहां पर एक बात अच्छे से समझ लीजिए। Females, emotional intelligence में मर्दों से बेहतर होती हैं। इसका मतलब है कि males को over react करने से पहले, इमोशनल इंटेलिजेंस के बारे में एक दो चीजें जरूर जान ले।

1. आपकी girlfriend जब भी rude way में behave करें। तो आप तुरंत react न करें। उस समय आपको कुछ ऐसा बोलना चाहिए। मेरे behave से, तुम्हें hurt हुआ। मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। I am really very sorry । मैंने यह पहले notice भी नहीं किया। लेकिन मैंने यह जानबूझकर नहीं किया। यह बहुत बेहतर तरीका है। बजाय इसके कि आप एक-दूसरे को blame करें।

2. दूसरी तरफ फीमेल को भी इमोशनल इंटेलिजेंस के बारे में कुछ सीखना चाहिए। बात अगर emotional intelligence की हो। तो males biologically, इसमें काफी बुरे होते हैं। इसीलिए कई बार, वह दूसरों के emotions को समझ ही नहीं पाते।

Emotional Intelligence And Management

  इस chapter में author कहते हैं। Group Contest में भी इमोशनल इंटेलिजेंस matter करता है। इमोशनल इंटेलिजेंस वाले लोगों के ग्रुप में, social atmosphere और harmony को improve करना ज्यादा आसान होता है। हमें इस area के बारे में, careful रहना चाहिए। जिससे कि हमें highly introvert और emotionally distant लोगों को, ऐसे group में mix नहीं करना चाहिए। कुछ लोग अकेले काम करना ज्यादा पसंद करते हैं। तो उन्हें करने दीजिए। उनकी choice की respect कीजिए।

Emotional Intelligence And Health

Good emotional intelligence, आपकी life को safe कर सकते हैं। वैसे सुनने में थोड़ा अजीब है। लेकिन इसके पीछे scientific evidence हैं। Author ने कई सारी ऐसी studies Mention की है। जो कि anger management और health के बीच में, क्या relationship है। इस बारे में investigate करती है। ऐसे लोग जो अपना control नहीं कर पाते। उनके 50 से कम उम्र में मरने की संभावना 7 गुना ज्यादा होती है

ज्यादा गुस्सा करना, कई सारी health problems को create करता है। जिसमें death भी हो सकती हैं। ऐसे लोगों के लिए, कई type की therapy है। जिसमें Cognitive Behavior Therapy (CBT) अधिक effective होती है। जो लोगों को, अपने गुस्से पर control करना सिखाती है। हालांकि Cognitive Behavior Therapist नहीं जानते हैं। वह वाकई में लोगों की, emotional intelligence को improve कर रहे हैं।

Emotional intelligence के और भी कई सारे हेल्थ बेनिफिट हैं। जिनकी emotional intelligence अच्छी होती है। उनकी मेंटल हेल्थ भी काफी अच्छी होती है। जैसे कि high emotional intelligence वाले लोग rejection और breakups को बहुत ही बेहतर ढंग से deal कर लेते हैं।

ऐसा इसलिए भी संभव होता है। क्योंकि ऐसे लोग, अपने emotions को accept करना जानते हैं। वही कई लोग अपने breakups होने के बाद, feelings को दूसरों से छुपाने की कोशिश करते हैं। जिसके कारण, वह बहुत ज्यादा drink करना या smoking करना शुरू कर देते हैं। लेकिन इससे situation और भी खराब हो जाती है। अपने emotions को reject करने के बजाए। उन्हें accept करना सीखिए। अगर रोने का मन है। तो रो लीजिए।

Humble Request

   अभी तक आपने इसे पढ़कर, जो भी सीखा। वो पूरी Book का अंश मात्र है। यदि आप भी ख़ुद के emotion को control करना चाहते है। तो Daniel Goleman की Book- Emotional Intelligence जरूर पढ़ें।

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