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Believe in Yourself Book Summary in Hindi | सेल्फ कॉन्फ़िडेंस बनाने का तरीका

Believe in Yourself by Dr. Joseph Murphy Book Summary in Hindi। Believe in Yourself Book Summary in Hindi। खुद पर विश्वास करें, सब कुछ मिलेगा। सेल्फ कॉन्फिडेंस बनाने का तरीका। सफल कैसे बने। खुद को बेहतर बनाने के टिप्स। अपने सपनों को पूरा करने के लिए इस पावर का यूज करें। Wonderful Way to Impress the Subconscious Mind। How to be Confident in Life । How to be Successful in Life। How to Build Self-Confidence। Believe in Yourself Book Review in Hindi

Believe in Yourself Book Review in Hindi
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Believe in Yourself Book Summary in Hindi
ख़ुद को बेहतर बनाने के टिप्स

भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती है 

और दूसरों पर रखो तो कमजोरी बन जाती है

 क्या आपका अपने ऊपर से विश्वास उठ गया है। क्या आपने अपने Subconscious Mind पर विश्वास करना छोड़ दिया है। क्योंकि वह आपके सपनों को पूरा नहीं कर पा रहा है। या फिर आप अपने Subconscious Mind से सपनों को पूरा करना चाहते हैं। क्या आप अपने talent और capabilities का अधिकतम प्रयोग करना चाहते हैं। लेकिन आपको सही तरीका नहीं पता है।

     अगर इनमें से किसी भी सवाल का जवाब हां है। तो यह Book Summary आपके लिए, बहुत काम की होने वाली है। इसमें हम Power of  Subconscious Mind  के बेस्ट सेलिंग ऑथर, जोसेफ मर्फी की काफी छोटी। लेकिन काफी powerful book की summary पढ़ने जा रहे हैं। इस Book का नाम Believe in Yourself है। 

       Author ने इस book में हमें बताया है। कि हमें अपने outer world को जीतने या achieve करने से पहले। हमें अपने inner world से जीतना होगा। खुद के inner world से जीतने के लिए, आपको अपने अंदर के Belief System को increase करना होगा। क्योंकि जब तक आप खुद पर believe नहीं करेंगे। तो आप पर इस पूरे world के 700 करोड़ लोग कैसे belief करेंगें।

Power of Confidence

 हम सभी लोगों के पास एक कुदरती शक्ति है। लेकिन हम उस शक्ति को, तब महसूस करते हैं। जब हम अपने दिमाग से, चीजों को समझने और देखने का तरीका बदलते हैं। यही वह शक्ति है। जिससे हमारे मन में विश्वास आता है। जब हमारे मन में, किसी चीज के प्रति विश्वास बन जाता है। तब हमारे अंदर आत्मविश्वास उत्पन्न होने लगता है।

     एक बार एक आदमी ने, दो खूबसूरत पक्षी खरीदें। उसने अपने माली से कहा कि वह इन दोनों पक्षियों को प्रशिक्षित करें। थोड़े दिनों के बाद, माली ने देखा। कि उन दोनों पंछियों में एक ने उड़ना सीख लिया।  जबकि दूसरा पंछी उड़ नहीं पा रहा था। मतलब उसने कभी छोड़ने की कोशिश नहीं की।

    वह हमेशा डाली पर बैठा रहता था। माली उस पंछी को उड़ना सिखाने की बहुत कोशिश करता था। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एक दिन जब मालिक ने, उन दोनों पंछियों को आसमान में उड़ते हुए देखा। तो वह बहुत आश्चर्य में पड़ गया। उसने माली से पूछा। तुमने ऐसा कैसे किया।

     तब उस माली ने कहा। मैंने इस पंछी को उड़ाने के लिए, कई प्रयास किए। लेकिन यह कभी उड़ने की कोशिश नहीं करता था। इसलिए मैंने उस डाली को ही काट दिया। जिसमें वह बैठा करता था। ठीक उसी प्रकार ज्यादातर इंसान, हमेशा अपने दुखों के साथ चिपके रहते हैं।

    वह कभी ये सोचते ही नहीं है। कि इन दुखों के बिना जिंदगी कैसे होती है। हर इंसान की जिंदगी में दुख आता है। तो नकारात्मक सोच उस पर हावी हो जाती है। उस समय उसको न अपने आप पर, न दूसरे लोगों पर, न ही ब्रह्मांड की शक्ति पर विश्वास रहता है।

     ऐसी परिस्थिति में, उसके पास दो ही रास्ते  बचते हैं। पहला – वह अपने मन की बात को मानकर, निराशा के समंदर में डूबा रहे। दूसरा – उस दुख को खत्म करने के लिए रास्ता खोजे। अच्छा सोचने से हमारा दिमाग, हर समस्या का समाधान खोज ही लेता है।

हमारा दिमाग वह शक्ति है। जो हर सच्चे झूठे सपने को, किसी न किसी तरीके से सच कर ही देता है। फिर जब आप अपने गोल के बारे में, पूरी तरह से सोच लेते हैं। मतलब उसके बारे में निश्चित हो जाते हैं। तब आपका दिमाग, उस सोचे हुए सपने को सच मान लेता है।

     जिस चीज को हमारा दिमाग पूरी तरह से accept कर लेता है। वह चीज निश्चित रूप से घटित होती है। अगर आप विश्वास करते हैं कि आप सफल होंगे। तो आप निश्चित रूप से सफल होंगे। लेकिन अगर आप विश्वास करते हैं कि आप सफल नहीं होंगे। तो यकीन मानिए। आपको असफलता ही हाथ लगेगी। यानी सारा खेल मन के विश्वास का है।

   अगर किसी जानवर को एक तालाब में डाल दो। तो वह तैरकर निकल जाएगा। जबकि अगर आप किसी ऐसे इंसान को तालाब में डाल दो। जो तैरना नहीं जानता है। तो वह डूब जाएगा। लेकिन ऐसा क्यों। तो ऐसा इसलिए, क्योंकि उस जानवर को यह विश्वास होता है कि वह तैरकर पार हो जाएगा। इसलिए वह पार भी हो जाता है।

     जबकि जिस इंसान को तैरना नहीं आता है। वह अपने मन में विश्वास भी नहीं कर पाता है कि वह सच में तैरकर नदी को पार कर सकता है। इसीलिए वह डूब जाता है। यानी कि यह इंसान ऐसे समय में भी नेगेटिव चीज को सोच रहा है। हर इंसान को कोई न कोई चीज नेगेटिव चीज बांध कर रखती है।

     मतलब कोई न कोई नेगेटिव चीज, इंसानों को अपनी तरफ आकर्षित करती रहती है। जिस दिन आपने उस डाली की तरह, अपने आप से निगेटिव चीज को दूर कर लेंगे। उस दिन से आपकी जिंदगी में बदलाव आना शुरू हो जाएंगे।

Your Feeling are Your Biggest Weapon

आपकी feeling ही आपके लिए, सबसे बड़ा weapon है। जब आप अपने life की सबसे बड़ी गोल सेटिंग और उसे visualize करते हैं। तब आपको वहाँ पर अपने emotion को जोड़ना होगा। Author ने यहां पर भी कुछ चीजें नोटिस की हैं। हमारे feelings और emotion की बहुत power होती है। 

    हम जब अपने desire को emotion और feelings से connect करते हैं। तब वहां पर बहुत बड़ा result मिलता है। अगर आप ऐसे target set कर रहे हैं। जो आपको motivate नहीं करता है। तो आपके लिए वहां पर feelings को long term में connect करना challenging लगेगा।

      लेकिन अगर आप result लाने की एक burning desire रखते हैं। तो आप normally नियमित रूप से action लेते रहेंगे। अपने destination की तरफ आगे बढ़ते रहेंगे। लेकिन उससे पहले, आपको अपनी burning desire के लिए aware रहना होगा। यह तभी संभव है। जब आप अपने Subconscious Mind के साथ, अपने relation को strong बनाएंगे।

Disciplined or Controled Imagination

   एक बार author एक ग्रेट बिजनेसमैन से मिले। उस ग्रेट बिजनेसमैन ने author को बताया। कि कैसे उसने अपने बिजनेस की शुरुआत एक छोटे से स्टोर से की थी। उसने कहा कि वह बड़े-बड़े सपने देखता था। वह बहुत ही बड़ा dreamer था। वह सोचता था कि उसके एक बहुत बड़ी कंपनी हो। जिसकी ब्रांच पूरे देश में फैली हो। 

      उसने कहा वह अपने मन ही मन में बड़े-बड़े offices, buildings, factories और stores की पिक्चर बनाया करता था। वह यह practice regular और disciplined way में करता था। एक controlled imagination के साथ। वह जानता था कि regular, controlled  और discipline imagination से, वह अपने सपनों को पूरा कर सकता है।

      इससे वह अपने अंदर एक magical energy को feel करता था। इससे उसे काम करने की inspiration और motivation मिलती थी। धीरे-धीरे वह prosperity की ओर बढ़ने लगा। वह Law of Attraction की पावर से, वह सब कुछ attract करने लगा। जिसकी उसने एक controlled imagination की थी।

     उसने Law of Attraction को use करके, अपने सपनों को reality बना लिया। उसने वह सब कुछ पा लिया। जिसकी उसने controlled imagination की थी। इसे हम एक discipline imagination भी कह सकते हैं। वह जब तक जिया। तब तक अपनी हर इच्छा पूरी करता रहा।

     Author को बिजनेसमैन की कही हुई, एक लाइन खासतौर पर पसंद आई। अपने आपको एक सफल व्यक्ति के रूप में imagine करना जितना आसान है। उतना ही आसान, असफल के रूप में imagine करना है। लेकिन यह बहुत ही रोमांचक है। author एक dreamer है। उनके मन में वह picture और goals हैं। जो पाना चाहते हैं।

 वह जानते हैं कि एक creative power उनकी imagination पर react करेगी। हम जो controlled imagination करते हैं। वह feeling से develop होती है। Teacher of Mental Science, Thomas Storm ने कहा है। Feeling is the Law and Law is the Feeling।

     Feeling ही पावर का source है। Result पाने के लिए, हमें अपनी controlled imagination को feeling से charge-up करना चाहिए। अपने goal को, अपनी feeling से जोड़कर, powerful बना लें। इस power को upgrade करते रहे। अपने goal के प्रति loyal रहे। जब यह सब आप करेंगे। तो डर भी आप से डरेगा। डर आपके आसपास भी नही आएगा।

     आपके पास final result को controlled way में imagine करने की अमेजिंग पावर है। अगर सच में, आप अपने goal को पाना चाहते हैं। तो आप अपने मन में, इसके final result की, एक controlled imagine पिक्चर बना ले। क्योंकि जिस चीज की आप feeling के साथ controlled imagine picture  बना पाते हैं। वह future में आपके लिए already मौजूद है। बस आप अपने गोल के साथ loyal रहें।

Develop A Right Mental Attitude

बिजनेस की दुनिया के लोग या Business Tycoon, right mental attitude के importance को बहुत अच्छे से समझते हैं। इसलिए author कहते हैं। उन्हें याद है कि उन्होंने कई साल पहले, पुनर्जन्म पर एक आर्टिकल बनाया था। इस आर्टिकल की कॉपी को, एक चर्च के काउंटर पर display किया गया।

      जहां पर author लेक्चर देते थे। शुरुआत में, बहुत ही कम कॉपी सेल हुई। क्योंकि सेल्सगर्ल, इस आर्टिकल के आईडिया की कट्टर विरोधी थी। Author ने सेल्सगर्ल को पुनर्जन्म वाली बाइबल की कहानी का meaning और moral समझाया। यह भी बताया कि दरअसल यह किस बारे में थी।

       वह story का plot समझ गई। फिर वह आर्टिकल के लिए enthusiastic हो गई। उसने author के लेक्चर खत्म होने से पहले ही, सारे pamphlet बेच दिए थे। यह story एक right mental attitude की importance का example था। क्योंकि एक right mental attitude इतनी ज्यादा importance होती है। 

     आपके right mental attitude का मतलब है। People, Situation और Objects पर Mental Reaction। क्या आप सामान्य रूप से human, animal, nature friendly है। क्या आपको लगता है कि दुनिया में बुराइयां भरी पड़ी है। इसे आपके सामने झुकना चाहिए। Simply  आपका attitude क्या है।

    Salesgirl का response, article  और writer के लिए negative था। उसने writer और article को prejudge कर लिया था। उसका यह attitude सही नहीं था। हम right attitude तक develop करते हैं। जब हमें समझ आ जाए। कि कोई भी बाहरी चीज, तब तक हमें harm नहीं कर सकती। जब तक उस पर, हमारी मानसिक सहमति न हो।

       हम outside negativity को power तब देते हैं। जब हम इन्हें अंदर आने की परमिशन देते हैं। Otherwise, outside negativity में कोई power ही नहीं होती। Author कहते हैं। कई लोगों का life को लेकर sad view या pacifist attitude होता है। जोकि इनकी सारी परेशानियों की जड़ है।

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The Power of Believe

   Author बताते हैं कि उनका एक relative था। उसे ट्यूबरक्लोसिस की बीमारी हो गई थी। उसके lungs में, यह बीमारी बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। तब उसके बेटे ने, एक दिन उसका इलाज करने का फैसला किया। वह Western Australia में Perth नाम की जगह पर गया। जहाँ उसके फादर रहते थे।

     उसने अपने फादर से कहा। वह एक सन्यासी से मिला है। जिन्होंने उसे एक क्रॉस दिया। इसके बदले उन्होंने $500 लिए है। लेकिन लड़के ने फुटपाथ से, एक लकड़ी का टुकड़ा उठाया था। सुनार के यहां जाकर उस लकड़ी के टुकड़े को, एक अंगूठी में मड़वा लिया था। ताकि यह असली लगे।

      उसने फादर को बताया कि यह क्रॉस या अंगूठी के छूने मात्र से, कई लोगों की जानलेवा बीमारी ठीक हो चुकी है। उसने अपने फादर के believe को इतना ज्यादा बढ़ा दिया था। कि उसके पिता ने, उसके हाथ से Ring छीन ली। अपने सीने पर रखकर, prayer करने लगा। 

     वह prayer करते-करते सो गया। अगली सुबह, तब miracle हो चुका था। डॉक्टर के सारे टेस्ट इस बात के सबूत थे। That he is perfect। जाहिर है कि फुटपाथ पर पड़े उस लकड़ी के टुकड़े ने, बूढ़े आदमी को ठीक नहीं किया। यह तो उसका believe था। जो इतना बढ़ गया था। कि उसके लिए ideal treatment बन गया।

      उसका believe और feeling एक दूसरे से जुड़े और उसको बिलकुल ठीक कर दिया। उसको कभी नहीं पता चला कि उसके साथ क्या trick खेली गई। अगर उसे पता चल जाता है। तो शायद उसे दोबारा टीवी हो जाती। वह पूरी तरह स्वस्थ रहे और 15 साल तक जिये।

      Believe की power इतनी बड़ी है। वह इस story से हम समझ सकते हैं। वह believe ही है। जिसकी वजह से लोगों की लाइफ में बड़े-बड़े टर्निंग प्वाइंट आते हैं। आप और हम सब believe की power को use करके। लाइफ में कुछ भी हासिल कर सकते हैं। Believe से कुछ भी किया जा सकता है। मैंने खुद believe की power को experience किया है।

Humble Request

   अभी तक आपने इसे पढ़कर, जो भी सीखा। वो पूरी Book का अंश मात्र है। यदि आप भी खुद को बेहतर बनाकर, अपने सपनों को पूरा करना चाहते  है। तो Dr. Joseph Murphy की Book- Believe in Yourself  जरूर पढ़ें।

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