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Grit – The Power of Your Passion Book Summary in Hindi | ग्रिट का रहस्य क्या

Grit – The Power of Your Passion by Angela Duckworth। Grit – The Power of Your Passion Book Summary in Hindi। Grit Book Summary in Hindi। टैलेंट से ज्यादा अपनी मेहनत पर भरोसा करो। सफल कौन होगा – हुनरमंद या मेहनती। सफलता का असली रहस्य। अगर सिर्फ टैलेंटेड हो तो पीछे रह जाओगे। Grit – The Power of Passion and Perseverance। What is Grit। How to Follow Your Passion।  The Secret of Success – Grit Factor।  Grit Book Review in Hindi। Grit Book in Hindi

Grit Book Review in Hindi
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Grit - The Power of Your Passion
Book Summary in Hindi

   यह कोई जादू नहीं है। न ही कोई सीक्रेट है। और न ही born talent है। किसी भी फील्ड में वर्ल्ड क्लास बनने का सीक्रेट है, Grit। लेकिन Grit क्या है। इसकी मदद से, आप best कैसे बन सकते हैं। यह सब आपको इस बुक से सीखने को मिलेगा।

     अगर अभी तक आपको अपनी true calling नहीं मिली। तो इस बुक को पढ़ने के बाद मिल जाएगी। Grit किसी के पास भी हो सकती है। हर कोई वर्ड क्लास बन सकता है। लेकिन हम इसे कैसे achieve करें। यह इस बुक में बताया जाएगा।

      यह summary उन लोगों के लिए है। जिन्हें अब तक life में true calling नहीं मिली है। कोई भी जो वर्ल्ड क्लास बनना चाहता है। हर वह इंसान जिसे motivation और inspiration की जरूरत है। जो लोग athletic, performer, entrepreneur और professional बनना चाहते हैं।

    एंजेला डकवर्थ एक ऑथर, प्रोफेसर और  साइकोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया से, साइकोलॉजी में पीएचडी की डिग्री ली है। जहां पर वह अब, यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया में पढ़ाती है। एंजेला एक non-profit organization, Character Lab की CEO और Founder भी है।

ग्रिट क्या है ?
What is Grit ?

 दुनिया के जितने भी बेस्ट एथलीट, डॉक्टर, आर्टिस्ट, एंटरप्रेन्योर और लॉयर है। इन सब का सीक्रेट ग्रिट है। वर्ल्ड क्लास स्किल्स और  ग्रेट परफॉर्मेंस के पीछे भी यही सीक्रेट है। 

     आप अगर एक पैदाइशी टैलेंटेड इंसान नहीं है। तो कोई बात नहीं। आप चाहे जो भी हो। जैसे भी हो। फिर भी आपके पास ग्रिट हो सकती है।

       आप जानेंगे कि सक्सेस में टैलेंट का कितना हाथ है। आपको clear goals की importance भी पता चलेगी। यह भी पता चलेगा कि अपनी लाइफ में give-up न करना यानी हार न मानना। कितना जरूरी है।

     अगर आप भी अपनी फील्ड में बेस्ट बनने का सपना देखते हो। अपनी true calling का इंतजार कर रहे हो। एक world class person बनना चाहते हो। तो इसे आपको जरूर पढ़ना चाहिए।

Showing Up

सिर्फ 10% applicants को ही यूनाइटेड स्टेट मिलिट्री अकादमी में एडमिशन मिल पाता है। इनमें से ज्यादातर एथलीट और हाईस्कूल के टीम कैप्टन  होते हैं। लेकिन इनमें से भी कई सिर्फ 2 महीने की ट्रेनिंग के बाद ही, एकेडमी छोड़कर चले जाते हैं। नए कैडेट, बीस्ट बैरक प्रोग्राम से ट्रेनिंग की शुरुआत करते हैं। 

        उन्हें रोज सुबह 5:00 उठना होता है। फिर पूरा दिन physical exercise, weapons training और class room lecture का सिलसिला चलता है। दिनभर में बस इन्हें 3 breaks मिलते हैं। Breakfast, Lunch और Dinner। रात ठीक 10:00 बजे ये सोने चले जाते हैं।

    ये इनका डेली रूटीन है। दिन-रात एक ही चीज करना। इनके लिए कोई भी weekend, कोई भी छुट्टी नहीं होती। खाने के अलावा, इन्हें कोई और break भी नही  मिलता है। इन नए कैडेट्स को, बाहरी लोगों के साथ मिलने की परमिशन नहीं होती।

     बीस्ट बैरक की ट्रेनिंग कैडेट्स को physically ही नहीं, बल्कि mentally और emotionally भी train करती हैं। इन्हें स्ट्रांग बना देती है। यही मिलिट्री ट्रेनिंग का मतलब होता है। Soldiers को इतना strong बना देना। कि वह फ्यूचर में आने वाले चैलेंज का सामना कर सके। 

     दरअसल इस ट्रेनिंग के जरिए, यूएस आर्मी तसल्ली कर लेती है। कि कौन give-up करेगा और कौन ट्रेनिंग पूरी करके ग्रेजुएट बनेगा। कई साइकोलॉजिस्ट की हेल्प से, कैडेट्स के लिए test create किए जाते हैं। जिससे यह पता चल सके कि किसके अंदर क्या क्वालिटी है।

      इनमें से कौन ट्रेनिंग में टिक पाएगा।  लेकिन कोई भी साइकोलॉजिस्ट, ऐसा कोई perfect test नहीं कर पाए हैं। कई बार तो most intelligent और athletics type के कैडेट्स ट्रेनिंग के बीच में ही चले जाते हैं। इतनी hard और intense training पूरी करना। सबके बस की बात नहीं है। 

       यहां तक कि best achiever भी हार मान जाते हैं। तो इन कैडेट्स में, ऐसी कौन सी क्वालिटी होती है। जो यह 4 साल का ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा कर लेते हैं। अगर यह उनका intelligence या talent नहीं है। तो फिर क्या सीक्रेट है। मिलिट्री एकेडमी के trainer में से, एक माइक मैथ्यू है। 

     उनका कहना है कि नए कैडेट्स से ऐसी चीजें करवाई जाती है। जो उन्होंने पहले कभी नहीं की होती। मिलिट्री अकादमी में, इसके अलावा भी एक चीज matter करती है। वह है, कभी Give-Up न करना।

Quality of Successful Person

ऑथर ने आर्ट्स और स्पोर्ट्स की फील्ड में, successful लोगों का इंटरव्यू लिया। उन्होंने उनसे पूछा कि वह कौन-सी qualities है। जो हमें successful बनाती है। ऐसा क्या है। जो extraordinary लोगों को, बाकी लोगों से अलग बनाता है।

      उन्होंने पाया कि ऐसे कई सारे टैलेंटेड लोग थे। जो अपने कैरियर में best बनने से पहले fail हो चुके थे। उन्होंने यह भी पाया कि ज्यादातर successful लोगों की दो common quality होती है। पहली तो यह कि वह फेल होने के बाद भी, give-up नहीं करते। यानी आसानी से हार नहीं मानते।

     यह लोग अपनी skill को improve  करते रहते हैं। जैसे कि एक writer, जो शुरुआत में कुछ खास नहीं लिखता था। उसके story, boring लगती थी। लेकिन उसने लिखना नहीं थोड़ा और अपने काम में improvement करता चला गया। बाद में, उस writer ने एक prestigious award  भी जीता। 

     Successful लोगों की दूसरी common quality है कि वह कभी satisfy नहीं होते। वह अपने काम में improvement करते रहते हैं। तब तक करते हैं। जब तक कि वह उसके मास्टर न बन जाए। अगर कहा जाए। तो उन्हें अपने काम से प्यार होता है। Task चाहे जितना भी Frustrating हो। Boring या painful हो। वह उसे पूरा किए, बगैर छोड़ते नहीं।

     यह लोग अपने सबसे बड़े critics होते हैं। Critics मतलब अपने आपको भला बुरा बोलना। इन्हें अपने काम में, कोई न कोई कमी दिख ही जाती है। जिसका नतीजा यह होता है। कि यह बेहतर से और बेहतर करते चले जाते हैं। ये अपने goals को लेकर बिल्कुल clear होते हैं। अगर इन दो qualities के नाम दिए जाए।     तो यह है। एक perseverance और दूसरी passion। Perseverance है, Hard work और गिर के उठना। वही passion है, पक्का इरादा और direction। इन सब qualities को हम एक नाम दे सकते हैं। वह Grit है। यानी Passion और Perseverance।

Destructive by Talent

Successful होने के लिए, सिर्फ talent से काम नहीं चलेगा। ऐसे कई talented लोग हैं। जो एक लिमिट के बाद, संतुष्ट हो जाते हैं। यह न तो प्रैक्टिस करते हैं। न ही कोई ट्रेनिंग। इनके अंदर perform होने की यही मुख्य वजह है। दूसरी तरफ ऐसे भी लोग हैं। जो बिल्कुल भी स्पेशल नहीं लगते। उनकी शुरुआत एकदम, average level पर होती है।

     लेकिन वक्त के साथ, यह लोग अपनी grit की वजह से, अपनी field के मास्टर बन जाते हैं। बेशक इनमें हुनर हो या न हो। लेकिन अपने passion और Perseverance की वजह से, इन्हें success मिलती है। इसे हम एक स्टोरी के माध्यम से समझते हैं।

       एंजिला पहले सन फ्रांसिस्को के एक पब्लिक स्कूल में maths पढ़ाती थी। उन्होंने notice किया। कि जिन बच्चों का maths अच्छा था। उन्हें class में average marks मिलते थे। लेकिन जो स्टूडेंट काफी मेहनत और practice करते थे। वह test और Quiz में काफी अच्छा perform करते थे।

 डेबिट इन्ही students में से एक था। हालांकि वह maths में एवरेज था। डेविड थोड़ा शर्मीला और चुपचाप रहता था। वह backbencher था। उसने क्लास में न तो कभी कुछ पढ़कर सुनाया था। न ही बोर्ड पर, कोई problem solve करके दिखाई थी। इसके बावजूद वह हमेशा अच्छे marks लाता था।

     एंजिला ने नोटिस किया कि वह बाकी बच्चों से ज्यादा focused और इरादे का पक्का था। Algebra Class के बाद डेविड उससे बड़ी respect के साथ बोलता। मुझे और exercise करने को दीजिए। एंजिला को डेबिट में potential  दिखा। उसने डेबिट को एडवांस मैथ्स प्रोग्राम join करने को बोला।

     एक साल बाद एंजेला ने, उससे उसकी performance के बारे में पूछा। तब डेबिट ने बताया कि मैथ्स उसके लिए difficult है। उसे मुश्किल से A grade मिलता है। जब उससे कोई problem solve नहीं हो पाती। तो वह अपने टीचर की help लेता है। फिर वह उन सवालों को, दोबारा solve करने की कोशिश करता है।

      डेबिट जब graduate हुआ। तो उसे advanced calculus class में नंबर वन पोजीशन मिली। एंजिला को पता चला कि डेविड ने कॉलेज में इकोनॉमिक्स और इंजीनियरिंग ली है। फिर डेविड ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में, Phd. की डिग्री ली। आज डेबिट एरोस्पेस कॉरपोरेशन के लिए काम करता है।

    एंजेला अपने इस स्टूडेंट पर काफी proud feel करती है। डेबिट एक शर्मिला लड़का था। जिसे मैथ्स में कम नंबर मिलते थे। लेकिन उसके Perseverance और Passion ने उसे high position तक पहुंचा दिया था। कौन सोच सकता था कि डेविड एक दिन रॉकेट साइंटिस्ट बन जाएगा। उसके पास natural talent नहीं था। लेकिन उसके अंदर grit जरूर थी।

Efforts Count Twice

लोग जब sports में किसी achiever के बारे में सुनते हैं। तो उन्हें लगता है कि जरूर उसमें कोई नेचुरल टैलेंट होगा। वह तुरंत सोच लेते हैं कि वह जरूर extraordinary होगा। लोग अक्सर एथलीट को सुपर ह्यूमन समझ लेते हैं। लेकिन यह बस कहने की बात है।

    Sportsman के पास कोई जादू की छड़ी नहीं होती। फिर भी हमें लगता है कि उनकी उनके पास कोई Secret है। लेकिन उनका secret सिर्फ एक है। वह grit है। इनकी success का राज है। कई घंटों की लगातार practice, जो यह हर रोज करते हैं। हारने के बावजूद भी हार नहीं मानते। लोग बस Olympics में इनकी performance देखते हैं।

      किसी को इस performance के पीछे की मेहनत नहीं दिखाई देती। हम इनके रोज की ट्रेनिंग को नहीं देखते हैं। ये नहीं देखते हैं। कि यह अपनी लिमिट से बाहर जाकर practice करते हैं। क्या आपने ऐसे इंसान के बारे में सुना है। जो dyslexic होने के बावजूद भी, एक great writer बने। यह जॉन इरविन है।

      जो एक best selling author और award winning screenwriter है। जान पढ़ाई में काफी कमजोर थे। इंग्लिश में तो उन्हें हमेशा से ही minus मिलता था। ग्रेजुएट होने से पहले, उन्हें हाईस्कूल पास करने में 2 साल लगे। दरअसल जॉन को dyslexia की गम्भीर समस्या थी। उन्हें ठीक से words लिखने नहीं आते थे।

      उनकी इस condition की वजह से, उन्हें पढ़ने-लिखने में ज्यादा समय लगता था। लेकिन जॉन ने dyslexia को advantage की तरह use किया। जब वो novel लिखने बैठते थे। तो pages को बार-बार पढ़ते थे। उनके अंदर passion और Perseverance दोनों ही थे।

      जॉन कहते हैं कि rewriting, एक writer का asset है। वह first draft लिखने के बाद, उसे दोबारा लगते थे। यही उनकी आदत बन गई थी। जॉन ने 20 से भी ज्यादा novels लिखी है। जिनमे से उनकी 5 novels पर movie भी बन चुकी है। 

    फेमस एक्टर विल स्मिथ का natural talent पर मानना है। कि मैंने खुद को कभी भी talented नहीं समझा। बल्कि मैं काफी strict work ethic में बिलीव करता हूं। वह यह भी कहते हैं कि बाकी actors उनसे बेहतर या ज्यादा smart और sexy हो सकते हैं। लेकिन वह मुझसे आगे नहीं निकल सकते। क्योंकि मैं कभी भी हार नहीं मानता।

How Gritty are you?

ऑथर ने वाईडेन स्कूल में एक लेक्चर दिया। लेक्चर के बाद, एक young entrepreneur उनके पास आया। वो grit  के बारे में और जानना चाहता था। उसने बताया कि उसने एक स्टार्टअप कंपनी खोली है। इस business से उसने कई 1000 डॉलर कमाए है। वह अपने goals को achieve करने के लिए, दिन-रात मेहनत करता है।

       कई बार तो वह सोता भी नहीं है। उसकी बात सुनकर ऑथर काफी impress हुई। उसने बिजनेसमैन से कहा कि grit का मतलब, intensity से कही ज्यादा stamina के बारे में है। अगर तुम 2 साल बाद भी, इसी project पर रहोगे। तुम मुझे mail कर सकते हो। उस आदमी ने कहा कि शायद मैं अगले 2 साल कोई और स्टार्टअप नहीं करूंगा।

      आर्थर ने कहा कि अगर तुम अपने attitude में grit लाना चाहते हो। तो जो चीज तुम कर रहे हो। उसे continue करते रहो। चाहे तुम कंपनी change कर लो। लेकिन अपना passion और direction same रखो। यानी एक ही industry या career path में बने रहो। एक चीज छोड़कर, दूसरी चीज में हाथ डालना। Grit नहीं है।

      क्योंकि best बनने का कोई भी shortcut नहीं होता। जिस चीज में आपको expert या extraordinary बनना है। Success को achieve करना है। उस चीज की आपको लंबे समय तक, practice करनी पड़ेगी। जिसके पास grit होती है। वह अपने काम से इतना प्यार करता है। कि चाहे कुछ भी हो जाए। वह कभी भी give up नहीं करता।

      Grit का यह मतलब नहीं है। कि आप किसी एक कैरियर से प्यार करो। बल्कि आपको जो भी काम पसंद है। उस काम से  हमेशा प्यार करते रहो। लेकिन आपकी life का passion क्या है। और यह आपको कैसे पता चलेगा। तो वारेन बुफेट इसका एक simple तरीका बताते हैं। जिसमें तीन steps हैं। सबसे पहले एक पेपर में, अपने career goals लिखिए। 25 के करीब goals को bullet points में लिखिए।

       दूसरा step है। जो भी लिखा है। उस पर focus करो। ऐसे 5 goals को choose करो। जो आपके लिए most important है। इन पांचों goals को circle कर लो। तीसरा step है कि जो base goals आपने select नही किए हैं। उन्हें ignore कर दो। क्योंकि यह आपकी energy और time दोनों waste करेंगे। यह आपको आपके important goal से भटका सकते हैं।

Follow Your Passion

अपने passion को follow करो। यह advice बहुत से successful लोगों ने दी है। यहीं same चीज़, हमेशा graduation speech में भी दी जाती है। वही करो जो आपको पसंद हो। या अपने Passion को अपना profession बनाओ। यही बात साइंटिस्ट भी मानते हैं।

      यह बात studies से भी पता चली है। कि जब आप अपनी पसंद का काम करते हैं। तो काम करने में ज्यादा मजा आता है। यह बात बहुत सारी studies से भी साबित हो चुकी है। जैसे कि कोई बहुत social type है। तो फिर यह बात उसे बिल्कुल पसंद नहीं आएगी। जहां उसे सारा दिन कंप्यूटर सामने बैठना पड़े।

       ऐसे लोगों को sales agent या teacher का काम सूट करेगा। इन studies से एक common बात यह भी पता चली है। कि जिन लोगों को अपने काम से प्यार होता है। उनकी पर्सनल लाइफ भी ज्यादा अच्छी होती है। इसके अलावा यह लोग, अपने काम में expert होते हैं। इन्हें अपना काम पसंद होता है। इसलिए यह बेहतर perform कर पाते हैं।

      बेशक इनके सामने भी, कई सारे challenges आते हैं। लेकिन न तो यह काम छोड़कर जाते हैं। न ही career को change करते है। यह लोग अपनी हर problem को अच्छे से handle कर लेते हैं। हालांकि studies से यह बात भी सामने आई है। कि दुनिया में सिर्फ 13% लोग ही, अपने passion को follow करते हैं। इसका मतलब सिर्फ 13% लोग ही अपने काम से प्यार करते हैं। तो बाकियों का क्या हुआ।

  शायद यह हमारी society की problem है। यहाँ पर बच्चों को, उनका passion follow करने से रोका जाता है। हमें अपने बच्चों को, उनके शौक पूरे करने से नहीं रुकना चाहिए। वह जो बनना चाहे। उन्हें बनने दीजिए। Astronomer, Programmer या Philosopher। जो काम हमें पसंद है। उसकी ज्यादा से ज्यादा practice हमें expert बना देती है।

     ऐसा नहीं है कि hobby को profession या पैसा कमाने का जरिया नहीं बनाया जा सकता है। बिल्कुल बनाया जा सकता है। जिस काम में आप expert हो। उस काम के आपको उतने ही अच्छे पैसे मिलते हैं। लेकिन अब तक आपको अपना passion नहीं मिला। तो कोई बात नहीं। Tension मत लीजिए। हर किसी को अपने एरिया का movement मिलने में थोड़ा time तो लगता है।

Humble Request

   अभी तक आपने इसे पढ़कर, जो भी सीखा। वो पूरी Book का अंश मात्र है। यदि आप भी खुद को बेहतर बनाकर, अपने जीवन मे सफल होना चाहते है। तो Angela Duckworth की Book- Grit: The Power of Your Passion जरूर पढ़ें।

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