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Goals By Brain Tracy Book Summary | उम्मीद से पहले पाए, हर मनचाही चीज

Goals by Brian Tracy Book summary in Hindi। Goals motivational Book summary। उम्मीद से पहले पाएं, हर मनचाही चीज। अब आपका हर goal होगा पूरा। अपनी संभावनाओं के दरवाजे खोलें। लक्ष्य निश्चित करें। क्या आप अपने goals को achieve करना चाहते हैं। अपना लक्ष्य कैसे पाएं। The Goals book review। Goals the life changing book। Best Book summary in Hindi। How to set goals

 

Goals Book Summary
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GOALS - लक्ष्य
Book Summary

Goals, इस Book में लक्ष्य को बनाने व पाने के लिये एक सरल, असरदार और प्रभावी सिस्टम को बताया गया है। इसमें बताए गए तरीकों का उपयोग करके 10 लाख से अधिक लोगों ने एक्स्ट्राऑर्डिनरी लक्ष्य को प्राप्त किया है। खुद के लिए बनाए गए, गोल्स को पाना सीखिए।

      यह सिद्धांत कहता है। आप जिस चीज पर, दृढ़ता से विश्वास करते हैं। वह आपकी वास्तविकता बन जाती है। जिम्मेदारी स्वीकार करने भर से ही, आपकी हर negative भावना खत्म हो जाती है। क्या आपने हवा में महल बना लिया है। तो यह अच्छी बात है। इसे वही होना चाहिए। बस आप मेहनत करके, उसके नीचे foundation बना ले।

         ब्रायन ट्रेसी CEO और Chairman है। Brian Tracy international company के, जो 1000 से ज्यादा कंपनियों को personally सलाहकार है।

एक famous author Hubbard ने लिखा है। अधिकतर लोग life में fail हो जाते हैं। इसलिए नहीं, क्योंकि उनके पास दिमाग नहीं होता। Abilities नहीं होती या हिम्मत नहीं होती। सब fail होते हैं, क्योंकि वह कभी चीजें organize करके अपने लिए, कभी proper goal सेट नहीं करते।

 

Goals (लक्ष्य) क्या होते है ?

 Goals आपके जीवन के रास्तों के signboard हैं। Signals हैं। Landmark हैं। वे दिशाएं हैं। आपके मस्तिष्क को मिलने वाले, वह स्पष्ट संकेत हैं। जिनसे यह पता चलता है कि आप कहां जा रहे हैं। कहां तक पहुंचेंगे और कब तक पहुंचेंगे। Goals तय करते हैं कि आपकी जिंदगी किस्मत के भरोसे नहीं है। बल्कि आपकी जिंदगी Goals (लक्ष्य) के भरोसे है। Goals में चार बातें होनी चाहिए।

1. Goals स्पष्ट और लिखे हुए होने चाहिए।

2. Goals नापने योग्य होने चाहिए। 

3. Goals सरलता और जल्दी से बताया जाने वाला होना चाहिए।

4. Goals हासिल होने पर या हासिल न होने पर पता चल जाना चाहिए।

Goals (लक्ष्य) क्यों जरूरी है ?

Goals से आपके संभावनाओं के बंद दरवाजे खुलते हैं। Goals आपके जीवन को दिशा देते हैं। Goals जीवन को गति देते हैं। इससे भी बड़ी चीज, goals आपके जीवन को एक अर्थ देते हैं। अर्थ वही होता है। जो आप निश्चित करते हैं। यही अर्थ जीवन भर, आपके साथ चलता रहता है।

आपकी जिंदगी और आपका समय अनमोल है। लेकिन यह दोनों उस समय बहुत ज्यादा बर्बाद होते हैं। जब आपके पास लिखे हुए goals नहीं होते। आपने अभी तक अपनी संभावनाओं के, छोटे-छोटे किनारों को ही हासिल किया है। पूरा समंदर अभी बाकी है। यह यात्रा तभी शुरू होती है। जब आपके पास स्पष्ट और लिखे हुए goals होते हैं।

Goals (लक्ष्य) कैसे बनाए जाते है ?

1.शुरुआत – Goals की दिशा में शुरुआत करने का सबसे पहला कदम यही है। खुद को इस एहसास से अच्छी तरह भर ले। आप क्या कर सकते हैं। जिसकी कोई सीमा नहीं है। आपके लिए सब कुछ संभव है। आपके पास, वह सारी योग्यताएं मौजूद हैं। जिनसे आप कोई भी goal हासिल कर सकते है। एक बार ऊपर, नीले आसमान की ओर देखें। वहां कोई सीमा नहीं है। बस वही नीला आसमान, आपके भीतर भी है।

2.अपनी जिंदगी का नियंत्रण, अपने हाथों में ले- Goals की तरफ बढ़ने का दूसरा कदम है। अपने जीवन की पूरी जिम्मेदारी लें। आपका life आपकी ही creation है। इसे आप ने ही बनाया है। जिन कामों को अभी तक आपने किए हैं। जिन कामों को आपने नहीं किए हैं। आपने जो decision किए हैं। Decision जो आपने नहीं किए हैं। बस आपका जीवन ठीक उसी तरह, बनकर आपके सामने खड़ा है। इसमें दूसरा कोई भी शामिल नहीं है। बिना इस जिम्मेदारी को स्वीकार किए। आप लक्ष्यों की दिशा में बढ़ ही नहीं सकते। इसके लिए आपको चार negative काम immediately छोड़ने होंगे। जो दुश्मन बनकर आप और आपकी जिम्मेदारियों के बीच खड़े हैं।

पहला- दूसरों के दोष ढूंढना।

दूसरा- दूसरों की शिकायत करना। 

तीसरा-दूसरों की राय से, खुद को परिभाषित करना। 

चौथा-दूसरों के सामने खुद को,सही साबित करना।

     जैसे ही आप यह चार काम छोड़ते हैं आपका control आपके हाथों में आ जाता है। आप responsible हो जाते हैं। मैं दूसरों के दोष नहीं ढूंढता। मैं दूसरों की शिकायत नहीं करता। मैं जिम्मेदार हूं। आपका यह resolution (संकल्प) आपको खुशियों से भर देता है। क्योंकि जिम्मेदारी खुशी और नियंत्रण तीनों का बड़ा गहरा संबंध होता है। सारी शुरुआत बस यही से होती है।

3. अपने जीवन मूल्यों को स्पष्ट करें Goals की तरफ बढ़ने का तीसरा कदम है। अपने Life value(जीवन मूल्य) को समझना। आपके Life value, आपकी life और आपके personality का केंद्र है। आप क्या हैं। आप किस तरह के इंसान हैं। आप की अंदरूनी बनावट कैसी है। इसको पहचाने और उसका पता लगाएं। आपके Life value का असली exam दो तरीकों से होता है।

पहला- आप उस समय क्या करते है। जब आप किसी दबावपूर्ण स्थिति में होते हैं। जब लोग आपको देख रहे होते हैं। 

दूसरा- आप उस समय क्या करते हैं। जब आप बिल्कुल free होते हैं। आपको कोई देख नहीं रहा होता है।

     यानी आपके अंदर क्या है। आप के बाहर क्या है। इन्ही दोनों बातों से आपके life value तय होते हैं। आपकी पूरी personality पांच ring वाले circle की तरह होती है। इसके centre में होता है। आपका जीवन मूल्य। Life Value आपके विश्वास को प्रकट करता है। आपके विश्वास आपकी expectations(अपेक्षाओं) को। आपकी अपेक्षाओं से, आपका नजरिया दिखता है। आपके नजरिए से दिखता है। आपका बाहरी काम। आपका बाहरी व्यवहार। आपका बाहर ही संसार।

  Negative Life Value आपके नकारात्मक व्यवहार को प्रकट करते हैं। वही Positive Life Value, आपके सकारात्मक व्यवहार को प्रकट करते हैं। अब आप समझ गए होंगे। सफलता की सीढ़ी दो सिरों पर टिकी होती है। इसका ऊपरी सिरा आपके Goals पर होता है। निचला सिरा, आपके Life Value पर टिका होता है। आप गलत जीवन मूल्यों के आधार पर, सच्चे goals कभी नहीं हासिल कर सकते हैं।

4. अपने काम के विशेषज्ञ बने Goals की दिशा में बढ़ने का चौथा कदम है। अपने काम में Specialization हासिल करना। अपने किसी भी काम में आपकी Specialization तीन बातों से नापी जाती है।

पहला- आप क्या काम करते हैं। 

दूसरा- आप उस काम को, किस तरह से करते हैं। 

तीसरा- दूसरों के लिए, आपका वह काम करना। कितना मुश्किल होता है।

       यहां पर तीसरी बात सबसे महत्व की होती है। जो यह साबित करती है। आप किसी भी काम को कितनी विशेषज्ञता से करते हैं। किसी भी काम में विशेषज्ञता, आपको तभी हासिल हो सकती है। जब आप उस काम को पसंद करते हैं। मनचाहा काम ही, आपको मनचाहा जीवन दे सकता है। सफलता की सबसे बड़ी कुंजी यही है।

     आपके लिए, सबसे बड़ा लक्ष्य यही है। आप उस काम का पता लगाएं। जिससे आप सचमुच प्यार करते हो। जिसे करते वक्त, आपको खाने व सोने की चिंता न सताती हो। जब आप उसे करते हो। तो अपनी सुध-बुध खो बैठते हो। अगर पैसे न भी मिले। तो उसे करने की इच्छा आपकी आत्मा से निकलती हो। उस काम में सफल लोगों को जब आप देखते हो। तब बस उन्हीं की तरह बनने की प्रबल इच्छा मन में जागने लगती हो।

      अगर ऐसे लक्ष्य, किसी काम के प्रति आपके पास हो। तो बस समझ ले। यही आपके हृदय की गहरी इच्छा है। इस उद्देश्य के लिए ही, आपको धरती पर भेजा गया है। इसी काम के चारों ओर, अपने career, अपनी जीविका, अपने सपनों की तस्वीर बनाएं। क्योंकि यहीं पर आप सबसे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। वरना आप सिर्फ अपने समय, अपनी ऊर्जा, अपनी क्षमताओं को बर्बाद करते हुए। दूसरे कामों में ही फँसे रहेंगे।

5. अपने सपनों की तस्वीर बनाएं याद रखें। जहां सपने नहीं होते, वहां लोग नष्ट हो जाते हैं। अपने goals की तरफ बढ़ने का आपका पांचवा कदम है। एक कागज में सबसे ऊपर लिखे। कोई सीमा नहीं है। सब कुछ संभव है। अपने आपको 5 साल आगे, भविष्य की ओर ले जाएं। अपने 5 साल बाद के, Ideal future की कल्पना करें। वहां पर पहुंच जाएं। आपको सब कुछ मिल चुका है। सारी घटनाएं घट चुकी है।

     आप वह सब कुछ बन चुके हैं। जो आप बनना चाहते हैं। अपनी कल्पनाओं में उसे जीना शुरू करें। उसके भीतर जाएं। उस ideal life को भरपूर जिए। क्योंकि वह जीवन आपका ही है। उसके बाद उल्टी यात्रा करें। वापस अपने भविष्य से, अपने वर्तमान तक लौटे। एक कागज में अपने 5 साल बाद के, भविष्य की 100 बातें लिखें। कम से कम 100, इससे कम नहीं।

    यही सौ बाते, आपके सौ लक्ष्य है। आपका स्वरूप अब कैसा है। आप कैसे दिख रहे हैं। आपकी सेहत कैसी है। आपके आसपास क्या हो रहा है। लोग आपके बारे में, अब क्या बातें कर रहे हैं। आपके परिवार में, सब कुछ कैसा चल रहा है। आपकी सेहत कैसी है। आपका आर्थिक स्तर कैसा है। आपके बैंक में कितने पैसे हैं। आप कितनी बचत कर रहे हैं। आप कितना निवेश कर रहे हैं। आपकी networth कितनी है। आपका घर अब कैसा है। आपके पास कितनी कार हैं। आपके सामाजिक संबंध अब कैसे हैं।

       मैंने यहां सिर्फ कुछ लक्ष्यों के बारे में ही बताया है। लेकिन आपको कम से कम 100 goals लिखने हैं। ध्यान रखें, अपने दिमाग को दुनिया भर की नकारात्मक खबरों से न भरे। अपने दिमाग को, भविष्य की तस्वीरों से भरें। अपने जीवन के 100 लक्ष्य से भरें। जब आप यह काम कर लेते हैं। तो 30 दिनों के बाद जीवन में, आश्चर्यजनक चीजें होने लगेंगी। सब कुछ वैसा होने लगेगा। जो आपको आपके भविष्य की ओर ले जाएगा। इसे करें, बदलाव महसूस करें। आखिर जीवन आपका है। जिम्मेदारी भी आपकी है।

      इसके बाद आपका अगला कदम यह है। 100 goals वाली, इस list में से 10 main goals को अलग लिख ले। यह 10 main goals हैं। जिन्हें आप निकट भविष्य में पाना चाहते हैं। अब इस 10 की list में से, एक प्रमुख main goal निकाले। जो आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी हो। जिससे आपकी जिंदगी पर, सबसे ज्यादा असर पड़ता है।

यही आपके जीवन का सबसे प्रमुख लक्ष्य है। इसकी मदद से आप बाकी goals आसानी से हासिल कर सकते हैं। इसे लिखकर, अपने पास रखें। फिर इसे  सुबह, दोपहर व रात हर वक्त सोचते रहे। इसे हासिल करने की, सभी संभव कामों की list तैयार करें। लगने वाले समय और समर्पण की कीमत तैयार करें। फिर जुट जाएं।

Goals (लक्ष्य) कैसे हासिल किए जाते है ?

   इस book में goal को हासिल करने के सारे तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया है। इन सभी तरीकों को 5 steps में तैयार करके बताया जा रहा है।

Step - 1
प्रतिदिन अपने Goals को लिखें व उसकी मानसिक तस्वीर बनाए

रोज अपने goals को लिखने और अपने goals की मानसिक तस्वीर देखने की आदत डालें। आप अपने brain में जिस चीज की स्पष्ट और गहरी picture बनाते हैं। वही चीजें आपके जीवन में होने लगती हैं।

आप एक अभ्यास daily करें। एक notebook में, अपने उन goals को लिखें। जिन्हें आप हासिल करना चाहते हैं। इसे हर रोज अलग-अलग भावनाओं और अंदाज में लिखें। इसमें तीन बातों का विशेष ध्यान दें।

पहला- आप जो भी लिखे हैं। वह present tense में ही लिखें। जैसे, मैं कमा रहा हूं। मैं कार चला रहा हूं।

दूसरा- हमेशा positive शब्दों का ही प्रयोग करें। Negative शब्दों का बिल्कुल भी प्रयोग न करें। जैसे यह बिल्कुल न लिखें। मैं कर्ज से मुक्त हूं। बल्कि यह लिखें मैं बहुत पैसे कमा रहा हूं।

तीसरा- इसे हमेशा personal लिखें। इसमें आप खुद को जरूर शामिल करें। जैसे, मैं 5 कमरों वाले flat में रह रहा हूं।

     जैसे-जैसे आप इस script को आगे बढ़ाएंगे। आपकी इस script से, आपके मन में तस्वीरें बननी शुरू हो जाएंगी। मानसिक तस्वीर देखना, इंसान की सबसे बड़ी शक्ति है। आपको इस मानसिक तस्वीर देखने की, अंजान शक्ति को। अपनी योग्यता में बदलना है। आप हर रोज एक निश्चित समय और निश्चित स्थान निकालें। 

अपनी कल्पना शक्ति से, अपने भावी जीवन की मानसिक तस्वीर तैयार करें। इसका सबसे सटीक समय, रोज रात में सोने से पहले और सुबह उठने के बाद का होता है। तब आपका अवचेतन मन, सारे समय आप की script पर काम करता रहेगा।

आपके जीवन का निर्माण करता रहेगा। अपने आदर्श स्वरूप को, इन तस्वीरों में जीना शुरू करें। क्योंकि यही आपकी सच्चाई है। यही आपका जीवन है। यह आदत, यह योग्यता। आपके जीवन का पूरी तरह से कायाकल्प कर देगी।

Step - 2
अपने विश्वासों को पहचाने और स्पष्ट करे

 इस वक्त आप कहां हैं। आपका मस्तिष्क जो सोचता है। जिस पर विश्वास करता है। उसे ही हासिल करता है। बचपन से लेकर, आज तक जिन विश्वासों ने आपको average बनाकर रखा। जिसकी वजह से, आप वह सब नहीं कर पाए। जो आप कर सकते थे। वह सब हासिल नहीं कर पाए। जो आप कर सकते थे। उन्हें पहचाने। जब आप यह जान चुके हैं। आपकी कोई सीमा नहीं है। तो अब आप यह भी समझ जाएं। आप अपने लिए, नए विश्वास बना सकते हैं।

      अब अपने लिए, यह विश्वास तैयार करें। मैं असीम क्षमताओं और असीम संभावनाओं के साथ पैदा हुआ हूं। मैं average नहीं हूं। मैं महान हूं। मुझे विश्वास है। सफलता मेरे लिए निश्चित है। आपने अपने आपको 5 साल बाद, ideal lifestyle में जीते हुए देख लिया है।

अब आप वर्तमान में हैं। आपकी आदतें, आपका पहनावा, आपकी कार्यशैली सब वही होनी चाहिए। जो आज से 5 साल बाद, आपकी मानसिक तस्वीरों में है। यह भी पता लगाएं कि अतीत के कौन से निर्णय। आपको आगे बढ़ने से रोक रहे हैं। जिन्हें आप छोड़ना चाहते हैं। जितनी जल्दी, आप इन्हें छोड़ देंगे। उतनी जल्दी आप शुरुआत कर देंगे।

Step - 3
योजना बनाकर काम करें

योजना बनाकर काम करें और समय का सही management करें। अपनी progress को नापे। बिना तैयारी के काम करना, असफल होने की तैयारी है। असफल लोग अक्सर योजना बनाने में, बिल्कुल समय नहीं देते। वह यह सोचते हैं कि जितना समय योजना बनाने में लगता है। उतना ही समय काम में, लगाया जा सकता है। जब उन्हें असफलता हाथ लगती है। तब ढेर सारा समय, उस पर सोचने में बिताते हैं।

     वे इस बात का महत्व बिल्कुल नहीं समझते। सोचने का काम, शुरू करने से पहले का होता है। बाद का नहीं। सोचने और योजना बनाने में लगा 1 मिनट, काम के 10 मिनट बचा देता है। इसे सीखा जा सकता है। इसमें पूरी तरह माहिर बना जा सकता है। सोचने का नियम यह है जो सोचना है। उसे कागज पर सोचे। Project planning sheet बनाएं। आपको क्या करना है। पहले goal को fix करें।

     योजना तैयार होने पर, इसे process में बदल दे। कार्य प्रारंभ कर दें। इस पर नजर बनाए रखें। समीक्षा करते रहें। जरूरत होने पर, बदलाव करते रहें। Time management एक आदत भी है और एक योग्यता भी। इसे दोहराव से सीखा जा सकता है। Practice से expert बना जा सकता है। दरअसल, आप समय का management नहीं करते। बल्कि समय के साथ, खुद का management करते हैं।

        आप अपने हर रोज के जरूरी कामों की To Do list बनाएं। इसका सबसे उपयुक्त समय, रात को सोने से पहले होता है। पिछली रात को सोने से पहले, अगले दिन की  To Do list बना ले। क्योंकि जब आप अपनी To Do list सोने से पहले बनाते हैं। तब आपका subconscious mind, रात भर आपकी To Do list पर काम करता है। सुबह जब आप उठते हैं। तो आपके पास, उन कामों को करने के नए-नए और बेहतरीन विचार मिलते है।

       अपनी progress का score board तैयार करना और उसके अनुसार कार्य करना एक आदत भी है। एक योग्यता भी है। इसे Repetition से सीखा जा सकता है। Practice से expert बना जा सकता है। हमारा mind स्पष्ट चीजों को देखना चाहता है। उन्हें ही वास्तविकता में बदलता है। धुंधली तस्वीरों के साथ, वह काम नहीं कर पाता। इसके लिए आप 5 step वाले process का इस्तेमाल कर सकते हैं।

1. आप अपने किसी बड़े goal को छोटे-छोटे parts में बांट लें।

2.  हर part को दिन के घंटों के बराबर ले आए।

3. Goal के उस part को पूरा करने की समय सीमा तय कर लें।

4. Goal की मात्रा, समय सीमा के साथ पूर्ण करने की, कोई संख्या निर्धारित कर दें।

5. हर दिन का अपना goal हासिल होने पर, अपने आप को अंक दें।

Step - 4
सही लोगों से जुड़े और लचीले बनें

 जिंदगी में कारोबार और संबंध ही सब कुछ होते हैं। Success हमेशा लोगों से ही आती है। इसमें आपका selection बहुत मायने रखता है। सही समय पर, सही व्यक्ति के साथ होना। आपकी success का रास्ता खोल देता है। इसका उल्टा भी उतना ही सच है। हमेशा कोशिश करें।

आप जिनकी तरह बनना चाहते हैं। उनके आसपास ज्यादा रहे। उनके साथ जुड़ने का goal बना ले। सही selection आपके career को, जितनी तेजी से आगे बढ़ा सकता है। शायद दूसरी चीज नहीं कर सकती।

Change ही ऐसी चीज है। जिसका होना, हमेशा निश्चित होता है। आज हमारे चारों ओर की, सूचनाएं तेजी से लगातार बदल रही है। इससे लोगों का जीवन, कारोबार, बाजार की स्थिति तेजी से बदलती जा रही है।

Change से निपटने का इकलौता तरीका यही है। Change के प्रति आप अधिक लचीले हो। हम तभी तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। जब खुद को बदलने के लिए तैयार रहते हैं।

Step - 5
अपने अति चेतन मन को सक्रिय करें

आप अपने अति चेतन मन (superconscious mind) को सक्रिय करके,  अपनी रचनात्मकता का ताला खोले। फिर अंत तक जुटे रहे। हमारा मस्तिष्क तीन स्तरों पर काम करता है।

पहला- चेतन मस्तिष्क(conscious mind) यह तर्क और विश्लेषण से काम करता है

दूसरा- अवचेतन मस्तिष्क (subconscious mind) यह विचारों और भावनाओं के आधार पर काम करता है। इसका मुख्य काम, हमारे विचार और भावनाओं से, हमारे अतीत के अनुभव के आधार पर, फाइलें तैयार करना है। इन फाइलों से ही हमारे जीवन की हर घटनाओं का निर्माण होता है। 

तीसरा- अति चेतन मस्तिष्क( superconscious mind) इसे कई नामों से जाना जाता है। इसे अनंत प्रज्ञा, ईश्वरी मस्तिष्क या Intuition कहा जाता है। बड़े और महान goals को हासिल करने में, उसका इस्तेमाल किया जाता है। किसी संकट के समय, अचानक ईश्वरी प्रेरणा यहीं से मिलती है। अपने superconscious mind को सक्रिय करने के दो तरीके हैं। जिनसे आप अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। Full effort and full relaxation technique ।

पहला- पूरा ध्यान दीजिए। अपने goals पर पूरा focus करिए। अपनी पूरी energy लगाएं। पूरी शक्ति से काम करें। पूरी तरह से अपने आप को जवाब दें। अपने आपको झोंक दें। हो सकता है। इस stage पर आपको तुरंत कोई सफलता दिखाई न दे।

दूसरा- फिर पूरी तरह छोड़ दें। खुद को relax करने दें। उस तरफ से ध्यान हटा लें। किसी दूसरे creative work में अपने आप को लगा ले। कोई अच्छा संगीत सुनें। किसी पार्क में घूमने जाए। इसके बाद आप देखेंगे कि आपका अति चेतन मन बहुत तेजी से काम करने लगेगा। आपके चारों तरफ ऐसे साधन, ऐसा वातावरण, ऐसी घटनाएं, ऐसी knowledge आपकी तरफ आकर्षित होने लगेंगी।

      जिससे तेजी से अपने आप को goals की ओर बढ़ता हुआ पाएंगे। Goals को भी, उतनी ही तेजी से अपनी ओर आता हुआ देखेंगे। इस technique का सार यह है कि पहले stage में जितनी ज्यादा आप कोशिश करते हैं। दूसरे stage में जितना ज्यादा कोशिश नहीं करते। आपका अति चेतन मन, आपके लिए उतनी ही तेजी से काम करने लगता है।

      आपके जीवन में समाधान या उसकी रोशनी बिजली की कौंध की तरह प्रकट होती है। उसकी इस बड़ी चमक से, आप समझ सकते हैं। आपको रास्ता दिखाया जा रहा है। जो आपको आपके goals की ओर ले जाता है।

Humble Request

   अभी तक आपने इसे पढ़कर, जो भी सीखा। वो पूरी Book का अंश मात्र है। यदि आप भी अपने जीवन मे उम्मीद से पहले, हर मनचाही चीज़ पाना  चाहते है। तो Brian Tracy की Book- Goals जरूर पढ़ें।

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