शुभमन गिल का जीवन परिचय| Shubman Gill Biography in Hindi

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  करसन घावरी को पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के पेस बॉलर अकादमी का इंचार्ज बनाया गया। भविष्य के भारतीय गेंदबाजों को बढ़ावा देने के लिए, उन्होंने एक कैंप का आयोजन किया। लेकिन समस्या यह थी कि उन गेंदबाजों को प्रैक्टिस कराने के लिए, बैट्समैन नहीं मिल  रहे थे। तभी एक दिन बारिश की वजह से, उस ट्रेनिंग सेशन को रोकना पड़ा।

      स्टेडियम के सामने वाले ग्राउंड में, मैच चल रहा था। बारिश में भी वहाँ बच्चे खेल रहे थे। वहां एक 12 साल के लड़के की बैटिंग देखकर, करसन घावरी आवाक रह गए। फिर उस लड़के को स्टेडियम में बुलाया गया। उसे 18-19 साल के फास्ट बॉलर के सामने, बैटिंग करने का कहा गया। उसने पेस से बिना डरे, संदीप शर्मा को स्ट्रेट ड्राइव मारा।

       यह कैम्प तो, फास्ट बॉलर को ढूंढने के लिए आयोजित किया गया था। लेकिन उस दिन उन्हें एक बैट्समैन मिल गया। जिसका नाम था – शुभमन गिल। जो सचिन और विराट की विरासत को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में सक्षम था। आज भी उन्होंने हर मौके पर, इस दावेदारी को मजबूत किया है।

       इनके कैरियर की शुरुआत अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप टूर्नामेंट से हुई थी। इसके बाद से ही यह लगातार चर्चा का विषय बने रहे हैं। इनके खेलने की टेक्निक की वजह से ही, इनकी तुलना दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों की जाती है। यह कई सालों की मेहनत और लगन के दम पर, वह आज भारतीय क्रिकेट टीम का एक अहम हिस्सा है।

शुभमन गिल

Shubman Gill - An Introduction

 

स्टार बल्लेबाज – शुभमन गिल

पूरा नाम

शुभमन गिल

उपनाम

• शुभी

• प्रिंस ऑफ क्रिकेट 

• लिटिल

जन्म तिथि

8 सितंबर, 1999

जन्म स्थान

चक खरेवाला गांव, फाजिल्का, पंजाब

पिता

लखविंदर सिंह गिल (किसान)

माता

कीरत गिल (गृहणी)

भाई-बहन

शहनील कौर गिल (बड़ी बहन) 

व्यवसाय

भारतीय बल्लेबाज

स्कूल/ विद्यालय

मानव मंगल स्मार्ट स्कूल, मोहाली, पंजाब

शैक्षिक योग्यता

ज्ञात नही

गर्लफ्रेंड

सारा तेंदुलकर (पुत्री सचिन तेंदुलकर)

बल्लेबाजी की शैली

दाहिने हाथ के बल्लेबाज (ओपनिंग बैट्समैन)

संरक्षक/ कोच

• लखविंदर सिंह गिल (संरक्षक)

• सुखविंदर सिंह टिंकू (कोच)

डेब्यू

• अंडर-19 इंग्लैंड के खिलाफ 12 अगस्त 2017

शारीरिक मापदंड

• लंबाई – 178 सेंमी

• वजन – 64 किग्रा 

• आंखों का रंग – भूरा 

• बालों का रंग – काला

टर्निंग प्वाइंट

जब यूथ ओडिशा श्रंखला में इंग्लैंड के खिलाफ 351 रन बनाए।

घरेलू/ आईपीएल टीम

• पंजाब (घरेलू टीम)

• कोलकाता नाइट राइडर्स (IPL)

• गुजरात टाइटंस (IPL)

इनकम

₹65 लाख (लगभग)

नेटवर्थ

₹38 करोड़

शुभमन गिल प्रारम्भिक जीवन

शुभमन गिल का जन्म 8 सितंबर 1999 को पंजाब के फाजिल्का में, चक खरेवाला गांव में हुआ था। उनके पिता लखविंदर सिंह, एक खेतीहर किसान हैं। उनकी मां कीरत गिल एक गृहणी है। शुभमन की एक बड़ी बहन भी हैं। जिनका नाम शहनील कौर गिल है। उनकी छोटी बहन का नाम सिमरन गिल है।

       शुभमन के पिता से लेकर दादा तक, कई  पीढ़ियों ने खेती से ही, अपना जीवन यापन किया। लेकिन लखविंदर सिंह, इन सबके  उलट, एक क्रिकेटर बनना चाहते थे। उनमें क्रिकेट की प्रतिभा भी थी। घर में एक टीवी था। जिस पर हर क्रिकेट मैच देखा जाता था। सचिन की बैटिंग आते ही, लखविंदर जी टीवी हिलते भी नहीं थे।  लेकिन उन्हें परिवार से मदद और सही दिशा नहीं मिली। 

    जिसके कारण उन्हें अपना सपना छोड़कर, खेती-बाड़ी को ही आगे बढ़ाना पड़ा। पिता किसान तो बन गए थे। लेकिन उनके अंदर क्रिकेटर बनने का जुनून खत्म नहीं हुआ था। यही कारण था कि उनके घर में हर समय 4-5 बल्ले और किट पड़ी रहती थी। शुभमन जब 3 साल के हुए। तो भारी  बल्ले को उठाने की कोशिश किया करते थे। जब उनकी कोशिश कामयाब नहीं हो पाती।  तो वह निराश हो जाते थे। 

      शुभमन के दादाजी और पूरा परिवार, उन्हें अलग-अलग खिलौने देकर, खुश करने की कोशिश में लगे रहते। लेकिन शुभमन को गेंद और बल्ले के अलावा, किसी दूसरे खिलौने में कोई रुचि नहीं थी। इन सभी बातों को देखकर, सुमन के दादाजी ने अपने पोते के लिए, एक हल्का बैट बनवाया। बस यही से 4 साल के होते-होते शुभमन क्रिकेट और बल्ले के साथ बड़े होने लगे।

शुभमन गिल को बचपन में क्रिकेट की ट्रेनिंग

 लखविंदर जी ने जब अपने बेटे का क्रिकेट के प्रति रुझान देखा। तो उन्हें भी समझ में आने लगा कि उनका बेटा क्रिकेट में एक विशेष प्रतिभा लेकर पैदा हुआ है। तब उन्होंने उसे प्रशिक्षण देना शुरू किया। वह जिस जमीन पर खेती करते थे। उसी जमीन के एक हिस्से में, उन्होंने एक पिच बनाकर, नेट लगा दिया। वह शुभमन को प्रतिदिन 500 से 700 बॉल की प्रैक्टिस करवाते थे। 

      यह वह समय था। जब शुभमन अधिकतर समय, अपने पिता के साथ खेतों में गुजारते थे। उन्हें खेतों का माहौल भी अच्छा लगने लगा था। उन्हें खेती की विधियाँ सीखने समझने में भी दिलचस्पी होने लगी थी। उनके पिता का मानना था कि अगर शुभमन क्रिकेटर नहीं बनते। तो उन्हें किसान बनने से भी कोई हर्ज नहीं था। शुभमन की क्रिकेट लगातार, अच्छी होती जा रही थी।

        फास्ट बॉलिंग की प्रैक्टिस के लिए, वह बीच पिच  पर चारपाई रख देते थे। जिस पर बॉल पड़कर, स्किट करती थी। वह शुभमन को सिंगल स्टाम्प से भी बैटिंग करवाते थे। जिससे असल बैट से, वह आसानी से मिडिल कर पाए। उनके पिता ही शुभमन के पहले कोच बने। उनके पिता गांव के फास्ट बॉलर को इकट्ठा करके, शुभमन को आउट करने को कहते थे। ऐसा करने पर, उन्हें इनाम में ₹100 मिलते थे।

       सप्ताह में एक दो बार ही ऐसा होता। जब शुभमन को कोई आउट कर पाता था। बाकी दिनों में, इनाम राशि शुभमन को मिलती थी। शुभमन में हुनर तो था, लेकिन उन्होंने अभी तक इसे प्रोफेशन बनाने के बारे में नहीं सोचा था। उनके लिए क्रिकेट स्कूल के होमवर्क से पीछा छुड़ाने और पिता से रुपए इकट्ठा करने का एक साधन मात्र ही था।

      लेकिन लखविंदर सिंह को अपने बेटे का भविष्य साफ नजर आ रहा था। उन्होंने बेटे के गेम को देखते हुए। फिर चक खरेवाला में अच्छी सुविधा के अभाव के कारण, लखविंदर जी ने साल 2007 में मोहाली शिफ्ट होने का निर्णय लिया। उनके दादा दिलदार सिंह बहुत दुखी थे। कि क्यों वह सब, उन्हें छोड़कर जा रहे हैं।

शुभमन गिल की घावरी से मुलाकात व पीसीबी में प्रवेश

   लखविंदर जी के लिए आसान नहीं था। कि वह 300 किलोमीटर दूर, अपने गांव को छोड़कर मोहाली जाए। लेकिन कुछ पाने के लिए, कुछ खोना पड़ता है। मोहाली में शुभमन ने, मानव मंगल स्मार्ट स्कूल, ज्वाइन कर लिया। उनके स्कूल में कोई एकेडमी नहीं थी। वह अपने मित्रों के साथ ही क्रिकेट खेलते थे। लखविंदर जी ने अपने बेटे को ट्रेनिंग देने के लिए, पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के सामने किराए का घर ले लिया।

       उन्होंने बेटे से उस स्टेडियम में प्रैक्टिस करने को कहा। 9 साल की उम्र में शुभमन ने, अपना पहला लोकल मैच जीता। 2009 में करसन घावरी को, पीसीए स्टेडियम में पेस बॉलर एकेडमी का इंचार्ज बनाया गया। उन्होंने ऑल इंडिया बेस्ट बॉलर कैम्प ऑर्गेनाइज किया। जहां पंजाब, बिहार, बंगाल जैसी जगहों से बॉलर आए थे। जो सभी 18 – 19 साल के थे। संदीप शर्मा भी इसी का हिस्सा थे।

       बॉलिंग की प्रैक्टिस के लिए, अच्छे बैट्समैन नहीं थे। 1 दिन बारिश की वजह से, ट्रेनिंग सेशन को indoor शिफ्ट करना पड़ा। घावरी और असिस्टेंट कोच मैच शुरू होने तक, बाहर टहलने चले गए। स्टेडियम के बाहर वाले मैदान में, 10-11 साल के बच्चे मैच खेले रहे थे। बारिश में भी उन्होंने मैच को नहीं रोका। उनमें से एक बैट्समैन की batting technique देखकर, वह हैरान रह गए। उन्होंने 15 मिनट तक, उनकी बैटिंग स्टाइल को देखा।

      उसने एक भी शॉट क्रॉसबैट से नहीं खेला। सभी शॉट सीधे बल्ले से खेले। घावरी जी ने उस लड़के के बारे में जानना  चाहा। उन्हें नहीं पता था कि वह कौन है। जब घावरी जी आगे बढ़े। तब उन्होंने देखा, एक व्यक्ति उन बच्चों के मैच को बहुत दिलचस्पी से देख रहा था। घावरी जी ने उनसे बात की। तब पता चला कि वह लखविंदर जी हैं। वह लड़का उनका बेटा शुभमन गिल है।

 घावरी जी ने उनसे दूसरे दिन, अपने बेटे को स्टेडियम लाने को कहा। स्टेडियम में 18-19 साल के बॉलर के सामने, शुभमन को बैटिंग करने के लिए कहा। शुभमन ने तेज बॉल से बिना डरे, संदीप शर्मा की बॉल पर स्टेट ड्राइव मारा। वह बॉलर के बाउंसर को भी, अच्छे तरीके से खेल रहे थे। घावरी जी ने उसे कैम्प चलने तक, रोज आने के लिए कहा। यह कैंप तो फास्ट बॉलर को खोजने के लिए था। लेकिन उन्हें एक  बैटमैन मिल गया था।

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शुभमन गिल के क्रिकेट कैरियर की शुरुआत

 करसन घावरी को जब पता चला कि शुभमन पंजाब अंडर 40 टीम का हिस्सा नहीं है। तो उन्होंने तुरंत महेंद्र पांडव को, उन्हें टीम में शामिल करने को कहा। बस यही से शुभमन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। ऐसा नहीं था। ये शुभमन का हार्ड वर्क और उनका टैलेंट ही था। जो उन्हें आगे ले गया। शुभमन ने मोहाली क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन कर ली। जहां कोच सुखविंदर सिंह टिंकू की देखरेख में, उन्होंने अपने ट्रेनिंग की शुरुआत की।

         इसके बाद जल्द ही उन्हें पंजाब अंडर-16 टीम में शामिल कर लिया गया। साल 2011 में शुभमन ने, डिस्ट्रिक्ट अंडर-16 टूर्नामेंट के 5 मैच में, 300 रन का स्कोर किया। 2013-14 के विजय मर्चेंट ट्रॉफी मैच में, उन्होंने 7 मैच में 734 रन बनाए। इसके अगले साल, उन्होंने इसी मैच के टूर्नामेंट के 7 मैच में 1018 रन बनाए। इसी टूर्नामेंट में उन्होंने निर्मल सिंह के साथ  587 रन की रिकॉर्ड ओपनिंग पार्टनरशिप  खेली। शुभमन ने इस मैच में 351 रन बनाए। 

        इससे उन्हें खूब सारी सुर्खियां भी मिली। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए, बीसीसीआई ने साल 2014 में, शुभमन को ‘बेस्ट अंडर-16 क्रिकेटर ऑफ द सीजन’  2013-14 चुना। उन्हें MA Chidambaram Trophy से भी नवाजा गया। 2015 में उन्हें पंजाब अंडर-19 स्टेट टीम में शामिल किया गया। 2015-16 अंडर-19 ध्रुव पांडव ट्रॉफी के 3 मैच में 415 रन बनाए। जिसमें 2 शतक और 1 अर्धशतक शामिल था।

  अगले साल इसी मैच के टूर्नामेंट में,  कप्तानी पारी खेलकर, अपनी टीम मोहाली को फाइनल में पहुंचाया। 2016 में इंडिया अंडर-19 टीम में शामिल किया गया। उस साल के अंडर-19 एशिया कप में, शुभमन ने दो मैच में 148 रन बनाए। जिसमें 2 अर्धशतक शामिल थे। जनवरी 2017 में खेले गए, Youth ODI में उनका शानदार प्रदर्शन रहा। इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई, इस सीरीज में उन्होंने 4 मैच में 278 रन बनाए। जिसमें 1 शतक और 1 अर्धशतक शामिल था।

शुभमन का लिस्ट ए में डेब्यू

  शुभमन के लाजवाब प्रदर्शन के कारण 25 फरवरी 2017 को, लिस्ट ए क्रिकेट में उनका डेब्यू हुआ।  2016-17 विजय हजारे ट्रॉफी मैच में, उन्होंने 6 मैचों में 220 रन बनाए। जिसमें 1 शतक शामिल था। इसी साल 17 नवंबर 2017 को, उन्होंने अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया। बंगाल के खिलाफ अपने डेब्यू रणजी मैच में ही, उन्होंने  अर्धशतक लगा दिया।

        2018 अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए, शुभमन को उपकप्तान के रूप में चुना गया। सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ, अपने नाबाद 102 रन की मदद से, टीम इंडिया को फाइनल तक पहुंचाया। इस साल भारतीय टीम ने, यह खिताब अपने नाम किया। इस टूर्नामेंट में शुभमन Player of the Series बनें। 

       टूर्नामेंट के छह मैच में, शुभमन ने 372 रन बनाए। उनका औसत स्ट्राइक रेट 124 रहा। जिसमें 1 शतक और 3 अर्धशतक शामिल थे। रणजी ट्रॉफी में 2018-19 के 5 मैच 9 इनिंग में, शुभमन ने 728 रन बनाए। जिसमें 2 शतक और 4 अर्धशतक शामिल थे। उनका हाईएस्ट स्कोर 268 रन, तमिलनाडु के खिलाफ था। हर घरेलू टूर्नामेंट में शुभमन ऐसे ही प्रदर्शन कर रहे थे।

      आखिरकार जनवरी 2019 में, शुभमन को न्यूजीलैंड के खिलाफ ODI Series  के लिए चुना गया। उन्होंने 31 जनवरी 2019 को, अपना ODI Debut किया। एम एस धोनी से उन्हें अपना ODI Cap मिला। सितंबर 2019 में, उन्हें इंडियन टेस्ट टीम के लिए कॉल आया। लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ, इस सीरीज में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। 

       अक्टूबर 2019, में उन्हें देवधर ट्रॉफी में India C  का कैप्टन बनाया गया। वे 20 साल 57 दिन की उम्र में, सबसे कम उम्र के युवा क्रिकेटर बने। उन्होंने विराट कोहली के 21 साल 124 दिन का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 26 दिसंबर 2020 को, उन्होंने अपना टेस्ट की डेब्यू किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, अपने टेस्ट डेब्यु मैच में शुभमन ने 45 रनों की पारी खेली।

शुभमन गिल का अफेयर

क्रिकेट से इतर शुभमन गिल, अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी सुर्खियों में रहते हैं। शुभमन का नाम, कुछ वक्त पहले सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर से जोड़ा गया। इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के साथ भी शुभमन का नाम जोड़ा गया। लेकिन अभी तक दोनों ही मामलों में, किसी ने कोई पुष्टि नहीं की है। यह सिर्फ और सिर्फ अफवाहों का दौर ही नजर आता है।

शुभमन गिल का IPL सफर

     IPL 2018 में, KKR ने शुभमन को ₹1.80 करोड़ प्रतिवर्ष में अपनी टीम में शामिल किया। उन्होंने शुभमन को 2018 से 2021 तक के लिए खरीदा। इस प्रकार शुभमन को KKR से IPL के लिए, कुल ₹7.20 करोड़ मिले। इसके बाद केकेआर ने, इन्हें रिलीज कर दिया। 

      उसके बाद IPL 2022-23 के लिए, गुजरात टाइटंस ने शुभमन को अपनी टीम में शामिल कर लिया। उन्होंने शुभमन को ₹8 करोड़ प्रतिवर्ष पर खरीदा। IPL 2023 में शुभमन गिल ने, गुजरात टाइटंस बनाम हैदराबाद के बीच, अपनी शतकीय पारी खेली। उन्होंने अपने IPL करियर का पहला शतक लगाया।

शुभमन गिल की इनकम व नेटवर्थ 2023

   शुभमन गिल अपने परिवार के साथ  सेक्टर 48, चंडीगढ़ के एक शानदार बंगले में रहते हैं। शुभमन के पास सुजुकी स्विफ्ट कार है, जिसकी कीमत लगभग ₹10 लाख है। इनके पास दूसरी महिंद्रा थार है, जिसकी कीमत ₹15 लाख है। उनके पास तीसरी रेंज रोवर वेल्लोर है, जिसकी कीमत ₹90 लाख है।

       शुभमन गिल को बीसीसीआई की तरफ से, एक करोड़ का वेतन मिलता है। इसके अलावा इनकी इनकम IPL व ब्रांड इंडोर्समेंट के द्वारा होती है। जिसका वह लगभग ₹1 करोड़ लेते हैं। साल 2023 के अनुसार, शुभमन नेटवर्थ करीब ₹38 करोड़ है।

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