Master Your Emotions Book Summary | Emotions को Control करें

Master Your Emotions By Thibaut Meurisse Book Summary in Hindi| अपने Emotions को Control करना सीखें | अपने Emotions को control करके, आप सब कुछ कर सकते हैं | Negativity को Overcome कर Positive Emotions कैसे अपनाए| अपने Emotions पर काबू कर, आपकी जीत पक्की | Control Your Emotions| How to Control Emotions | What is Emotional Intelligence | Master Your Emotions in Hindi | Master Your Emotions Book Review in Hindi

Master Your Emotions Book Summary in Hindi

Master Your Emotions Book Summary in Hindi
अपने Emotions को Control करना सीखें

  Experts यह कहते हैं कि Emotions  का मतलब है- Energy in Motion। एक कामयाब आदमी की जिंदगी में, Emotions का बहुत महत्व होता है। यह भी कहा जाता है कि अगर आपको अपने brain से, एक अच्छा रिश्ता बनाए रखना है। तो अपने thoughts को बदलिए। अपनी सोच पर काम कीजिए।

      क्या आपने किसी से situation में emotionally होकर react किया है। फिर उसके बाद, आपको पछतावा हुआ है। मुझे इतना emotionally, react नहीं करना चाहिए था। या अगर आप चाहते हो कि आपका अपने Emotions पर 100% control  होता। तो बहुत ही अच्छा होता।

       लेकिन वही आपको यह भी लगता है कि Emotions को control करना बहुत ही मुश्किल है। आप अपने Emotions को control नहीं कर सकते। तो author  Thibaut Meurisse की Book Master Your Emotions पढ़ने के बाद, आपका यह believe बिल्कुल change हो जाएगा।

      Author कहते हैं कि आप अभी जो भी emotions महसूस कर रहे हैं। आपने खुद उस emotions को feel करने के लिए choose किया है। आप खुद ही अपने emotions का source हो। क्योंकि आप खुद ही, इन्हें create करते हो। क्योंकि ऑथर के अनुसार, आप जब चाहे, जैसा चाहे। वैसा feel कर सकते हैं।

      उसके लिए आपको किसी reason की जरूरत नहीं है। अगर आप अभी sad feel कर रहे हो। तो आप अभी उन सारी चीजों के बारे में सोचने से, जिनके लिए आप grateful हो। आप immediately  खुश feel करने लगोगे। ऑथर करते हैं, जिंदगी के प्रति आपका attitude, आपकी happiness को प्रभावित करता है।

       बजाय इसके कि आपके साथ क्या  और कैसा होता है। इसलिए एक happy और successful life जीने के लिए, हमारा अपने emotions पर control होना बहुत जरूरी है। जिन्हें हम ऑथर के बताएं, इन practical steps से कर सकते है।

इस book की मदद से, आप अपने emotions के, उन पहलुओं को details में जान पाएंगे। कि fear limitations को overcome करके, आप वह इंसान बन पाएंगे। जो आप सही मायने में बनना चाहते हैं। इस book ने बहुत सारे लोगों की life को बदला है। हर इंसान के अंदर एक ऐसी बीमारी है। जो उसे अंदर ही अंदर मार सकता है।

       वह है- negative emotions। सबसे पहले हम यह जानेंगे। आखिर हमारा माइंड negativity को, सबसे ज्यादा attract क्यों करता है। हम उन्हें कैसे encounter  कर सकते हैं। इसके बाद हम समझेंगे कि अपने fear और depression जैसे emotions को कैसे experience करते हैं। उन्हीं को अपना हथियार बनाकर, grow कर सकते हैं।

Master Your Emotions
How are Emotions Formed?

हम अपनी life में, सभी तरह के emotions को experience करते हैं। तो इसका मतलब यह है। कि यह हमारी life का सबसे important subject है। पर अफसोस की बात यह है कि इस topic के बारे में, न तो हमारे स्कूल वालों ने बताया।  न ही हमारे घर वालों ने।

      हमें अपने इमोशंस को समझना बहुत जरूरी है। हमारे अंदर बहुत तरह के इमोशंस हैं। कुछ ऐसे emotions हैं। जिस पर हमारा कोई control नहीं है। कुछ ऐसे भी हैं। जिन पर अगर हमारा control न हो। तो life बहुत tough हो जाती है।

       कुछ situations में, अपने emotions को express करना भी बहुत जरूरी होता है। अगर आप इसे जाहिर नहीं कर पाते। तो जिंदगी बेमानी लगने लगती है। आपको अपने emotions को divert  करना भी आना चाहिए। जैसे जब आपको बहुत गुस्सा आये। तो उसे कंट्रोल करना सीखिए।

       अपने mind को, किसी emotions की तरफ तरफ divert कर दो। क्या आपने कभी सोचा है। हमारा माइंड अक्सर नेगेटिव बातों को ज्यादा पसंद करता है। अब सवाल यह है कि ऐसा क्यों होता है। इसका जवाब यह है कि हमारे mind को survival के लिए, design किया गया है। इसका सबसे बड़ा example है- fear of rejection।

      पहले के जमाने में भी, अगर tribe ने  आपको अपनाने से मना कर दिया। तो आपके survival की probability बहुत कम हो जाती थी। तब से लेकर आज तक, वह बात हमने किसी न किसी तरीके से genetically engraved है। किसी ने आपके proposal को reject कर दिया हो।

      आपके बॉस ने, आपके काम को reject कर दिया हो। या फिर आपके टीचर ने, आपके project को accept नहीं किया हो। Then Your Brain Started Creating the Worst Situation। अब आगे job मिलेगी या नहीं। इस exam में पास हो पाऊंगा या नहीं। यही reason है कि वे rejection बहुत painful होती है।

 Rejection के बाद negative emotion से खुद को निकाल नहीं पाते। आप अपनी काबिलियत पर doubt करने लगते हैं। Rejection के बाद, आप अपनी किस्मत को कोसने लगते हैं। आपको खुद में सिर्फ बुराई ही दिखती है। Author कहते हैं, mind का पहला काम, आपको कुछ करना नहीं होता। इनका ज्यादा फोकस, हमारे survival पर होता हैं।

       क्या आपने कभी Dopamine Happy Hormone के बारे में सुना है। यही वह है, जो हमारे brain के specific area से release होती है। जब किसी काम को करने या देखने के बाद, हमें ज्यादा खुशी मिलती है। चाहे वह हमारे सामने रखा हुआ, delicious खाना होता है। या अपनी फेवरेट मूवी देखनी होती है।

    Interesting बात ये है कि आपको इस बात की भनक भी नहीं लगती। कई सारे बिजनेसमैन Dopamine को artificially generate कर करोड़ों का revenue बना रहे है। इसका सबसे बड़ा example सोशल मीडिया है। जो इन्हीं psychology  को यूज करके, आपकी सबसे कीमती चीज छीन लेती है। वह है, आपका वक्त। 

       जो खुशी, आपको फेसबुक scroll करने से मिल रही है। असल में, Dopamine release होने से मिलती है। यह happiness का वह वर्जन है। जो बाद में, आपको unhappy बना देगा। ऑथर आगे कहते हैं। सिर्फ fear of rejection हमारे emotion को control नहीं करता है। बल्कि Ego भी बराबर का partner है।

      क्योंकि आपका ego, आपको खुश करने के चक्कर में लगा रहता है। उसे दुनिया तो कोई मतलब नहीं है। लेकिन जब आपका ego hurt हो जाता है। तो कई सारे emotions को release करता है। वह चाहे sadness, frustration, depression या फिर anger का हो। तो  हमें इसे control करना सीखना चाहिए।

Master Your Emotions
What Impact Your Emotion

इसका simple जवाब, GIGO Principle में मिलता है। Gigo, इसका simple definition है – Garbage in, Garbage out। If you do ill, speak ill, think ill, The outcome is going to leave you ill. If you do well, speak well, think well, The outcome is going to well.

        मान लीजिए, आपने अपने दोस्त को वीडियो गेम खेलते हुए देखा। तो आपकी भी, उसे खरीदने की Desire होगी। उन्हीं आंखों से, जब आप किसी की मोटिवेशनल स्पीच सुनोगे। तो आपको मोटिवेट करेगा। Success पाने के लिए, आप जुनूनी बनोगे।

      इसका मतलब आपके एक brain के दो different outcome हुए। बस यह आपको decide करना होगा। कि आप क्या experience करना चाहते हो। हमारी emotion कई सारे factors से influence होती है। आप क्या feel कर रहे हैं। अगर आप उन survival mechanism से निकली हुई, emotions reaction को देखें।

       तो ज्यादातर emotion, हमारे thoughts का result होता है। फिर भी यह अकेले, इस बात का जिम्मेदार नहीं है। कि आपका शरीर, आपकी आवाज, क्या खाते हैं। कितनी अच्छी नींद लेते हैं। यह भी आपकी quality of emotions या यूं कहें quality of life के लिए, बड़ा important role play करता है। 

Master Your Emotions
How Emotions Impact Your Sleep

आपने कभी न कभी, यह बात नोटिस की होगी। जब आप पूरी रात social media  या अपने फ्रेंड से chat करते हो। या कोई मूवी देखते हुए, अपनी सारी रात जागते हो। तो कहीं न कहीं आप अपनी basic needs को sacrifice कर रहे हो। जो हमारी और आपकी नींद है।

     जिसके बाद, अगली सुबह उसका side effect देखने को मिल जाता है। आप lazy feel करते हो। जो भी target बनाकर रखे थे। कि कल सुबह से exercise करूंगा। पूरे काम को, अच्छे से करूंगा। वह नहीं कर पाओगे। अच्छी नींद बहुत जरूरी है। अपने काम पर concentrate करने के लिए, सिर्फ negative emotions ही आएंगे।

    आगे ऑथर ने यह भी बताया है कि 2016 में, एक organization के द्वारा research से पता चला है। जो लोग 6 घंटे से कम सोते हैं। उनकी motility rate  30% बढ़ जाती है। उनके comparison में, जो लोग 7 से 9 घंटे की पूरी नींद लेते हैं। अब सवाल यह है कि आपको अपनी नींद की quality कैसे improve करना है।

Master Your Emotions
Make Your Bed Pitch Black

मतलब light off कर लीजिये या फिर market से एक sleep mask ले आईये।  Avoid music in electronics devices जैसे कि स्मार्टफोन, टीवी और relax your mind। इसी तरह हमारा body language, thoughts और हमारे environment आपके emotions पर गहरा impact करता है। यानी कि आपको उन लोगों की कंपनी से, दूर भागना है। जो अक्सर आपको demotivate करते हैं।

Master Your Emotions
How to Change Your Emotions

 आपने अक्सर यह चीज देखी होगी। अक्सर आपका दिमाग NOW को reject करता है। इससे भागने की कोशिश करता रहता है। लेकिन अगर आप Now को accept करना शुरू कर देते हैं। तो बदले में, यह आपके आने वाले pain को कम कर देगा। Author ने इस chapter में सिखाया है कि हम अपने negative emotions से कैसे बच सकते हैं।

       इसे balance करके, बची हुई लाइफ में positive इंसान बन सकते हैं। लेकिन इसके बारे में बात करने से पहले, हमें यह समझना चाहिए। कि आखिर emotions कैसे बनते हैं। ऑथर ने कहा है कि negative emotions के दो form होते हैं।

    पहला negative emotion, जो हम spontaneous experience से करते हैं। यह emotion आपको जिंदा रख सकता है। जैसे कि हमारे ancestors को कोई खूंखार शेर दिख जाता। तो वह fear वाली emotions release करते थे। लेकिन शेर के बाद, उनका fear वाला emotion खत्म हो जाता था।

      दूसरा negative emotion वह है, जिसके लिए हमें external event की जरूरत नहीं पड़ती। जो हमारे ही दिमाग में पनपती रहती है। इसको एक example से समझते हैं। मान लीजिए कि हमारे पास पैसे की कमी हो रही है। तो दिन के हर सेकंड, आपके mind में money related thoughts आते रहेंगे।

      जिसके result में, आपको टेंशन और घबराहट होगी। But Emotions are Just Emotion। आप कुछ simple tricks  को follow करके, इसे दूर भगा सकते हैं। Author कहते हैं कि आप एक बार सोच करके देखो। अगर किसी Pet Dogs का मालिक, घर से उसे निकाल देता है। तो क्या उसको बुरा feel नहीं होता होगा।

      क्या वह depression का शिकार होते होंगे। अगर होते भी होंगे। तो वह खुद को कैसे ठीक कर लेते हैं। अगर हमें इसका जवाब नहीं पता है। तो फिर भी इतना तो यकीन से कह सकते हैं। कि वह अपना रास्ता खुद ढूंढ लेते हैं। यही काम आपको भी करना चाहिए। छोटी-मोटी trauma  यानी negativity से, अगर आपको बाहर निकलना है।

     तो अपने आपको distract करना होगा। कुछ ऐसा करना। जिसमें आपकी complete attention की जरूरत हो। अगर बात deep emotion, depression की हो तो। Obviously, उससे आपको बाहर निकलने के लिए, ज्यादा वक्त लगेगा। इससे बचने के लिए, प्लेन पेपर निकाल लीजिए।

    Negative Emotions को नोट करो। खुद से यह सवाल करो। आपको यह negative feeling किस वजह से और क्यों feel हो रही है। क्या आप इस feeling को let go कर सकते हो। अगर इसका जवाब आपके अंदर से न में आता है। तो affirmation, visualization और regular basis पर exercise करना शुरू कर दो। ताकि आप उन habits की मदद से, negative emotions पर काबू कर सको।

Master Your Emotions
How to Use Your Emotions to Grow

 हमने emotions की गलत image बनाकर रखी है। ज्यादातर लोग Underestimate करते हैं। लोगों को लगता है कि इनकी वजह से, हम कमजोर बने हैं। पहले तो यह बात आप लोग सच-सच बताइएगा। कि आप independent कब हुए। अगर success भी हुए, तो किस लिए। मैं जानता हूं कि आपने अपनी जिंदगी में, कभी न कभी ठोकरें खाई हैं।

       तो उसी ने आपको बहुत कुछ सिखा दिया। वैसे यह बड़ी सीख थी। क्या आपको पता है कि emotions के बिना life अधूरी है। जरूरी है कि आप इसके बारे में, aware रहे। Life में तीन चीजें, हमेशा याद रखिए।

1. अपने emotions से हमेशा aware रहिए।

2. अपने mind की conditioning करते रहिए।

3. Emotions के बारे में, लिखते रहिए। इसके बारे में लिखने से, आपको पता चलेगा। कितने छोटे-छोटे reasons हैं। जिनके कारण, आपने पूरा वक्त upset होकर बिताया है।

       इसी तरह अपने emotions को record करो। उसे अपने life की मूवी की तरह रेटिंग दो। आपकी life की performance कैसी जा रही है। जब भी life के corner में फंस जाओ। तो आप उससे बाहर निकलने के लिए, 3 steps को follow कर सकते हो।

1. सारे task की list बना लीजिए।

2. उसे analyze करो। 

3. उसमें जो सबसे important है। उसे identify कर दो।

      सबसे पहले identify task को complete करो। इसके बाद जो मैजिक होगा। वह definitely आपकी life को बदल कर रख देगा। हर किसी की life में, कभी न कभी difficult phase तो आता ही है। जिसमें हम बिल्कुल फंसा हुआ महसूस करते हैं।

      लगता है, मानो खुशी तो कभी मिलेगी ही नहीं। हर जगह बस अंधेरा। मगर आज देखिए। वह वक्त भी गुजर चुका है। लेकिन कुछ बातें, कुछ चीजें या लोग आज भी खलते हैं। तो पहले उनके लिए, अपने belief को बदलिए। फिर emotions अपने आप बदल जाएंगे।

        Negative बातें या thoughts कई सालों तक, मन में दबाकर रखना भी, खुद को तकलीफ देना है। उसे खत्म कीजिए। उसके लिए आपको एक फोन कॉल भी करना पड़े। गले लगना पड़े। माफ़ी मांगनी पड़े। एक सिंपल सा मैसेज टाइप करना पड़े। तो देर न करें। हमारी छोटी-सी life में, जगह सिर्फ खुशियों को देना चाहते हैं। तो उसके लिए, जगह भी हमें ही बनानी पड़ती है।

       बाहरी कोई भी situation, इंसान या event आपके साथ नहीं खेल रहा है। वह बस आपके emotion के साथ खेल रहा है। वह इंसान या इवेंट आपके बहुत करीब हो। तो effect होना लाजमी है। लेकिन aware रहना। किसी बात से बहुत ज्यादा hurt नहीं होना। Emotions तो hurt होंगे।

     लेकिन अपने आप को टूटने नहीं देना। क्योंकि आपको तोड़ने वाला, कोई और नहीं होता। आप खुद होते हैं। क्या आपको लगता है कि आपके खुशी के remote control आपके हाथ में हैं। अगर है, तो इससे अच्छी चीज, आपकी life में और कुछ नहीं हो सकती।

      लेकिन अगर आपका जवाब नहीं है। तो समझ लीजिए। इस जवाब को हां में बदलने का वक्त, अब आ चुका है। क्योंकि आपके emotions, आपकी जिंदगी को काफी affect करते हैं। आप अगर positive state of mind में होते हैं। तो आपका confidence ज्यादा होता है।

      नए  challenges को अपनाना easy होता है। आपकी जिंदगी बेहतर हो जाती है। अपने comfort zone से बाहर आना आसान होता है। आपके पास अच्छे ideas  होते हैं। आप एक creative इंसान बनते हो। और भी कई positive emotions  को खुद में develop कर पाना, आसान हो जाता है।

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