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Irresistible Book Summary in Hindi | मोबाइल की लत से छुटकारा पाएं

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Irresistible Book Summary in Hindi
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Irresistible By Adam Alter Book Summary
किसी भी लत को छुड़ाने का आसान तरीका

  हमें किसी भी चीज पर dependent  नहीं रहना चाहिए। Dependent का अगर हिंदी या उर्दू में अर्थ निकाला जाए। तो इसका मतलब है- गुलाम या दास। जरूरी नहीं कि जब किसी और का शासन हो। तभी हम dependent हो। अगर हम किसी चीज पर बहुत ज्यादा dependent हो जाते हैं। तब भी तो वही हालत हो जाती है।

       ऐसा ही कुछ addiction के साथ भी होता है। Addiction का मतलब आदत जो first degree व लत उसकी highest degree है। जिसे हम addiction बोलते हैं। आज की book summary Irresistible है। जिसे Adam Alter ने लिखा है।

      आपको याद होगा। 2010 में स्टीव जॉब्स ने एक आईपैड लांच किया था। तब उन्होंने बोला था कि सबके पास, आईपैड होना चाहिए। आईपैड extraordinary है। यह हमारे experience को, बिल्कुल अलग level पर ले जाता है। लेकिन शायद आपको यह बात मालूम न हो। 

    उन्होंने अपने बच्चों को, कभी आईपैड टच ही नहीं करने दिया। जर्नलिस्ट और बायोग्राफर ने यह proof करके दिखाया। कि स्टीव जॉब्स के घर में, आईपैड Allowed ही नहीं था। क्योंकि स्टीव जॉब्स से बेहतर कौन जान सकता था। कि mobile devices कितने addictive होते हैं। इसीलिए स्टीव जॉब्स ने कभी भी अपने बच्चों को, अपने प्रोडक्ट यूज़ नहीं करने दिए।

     क्या आप जानते हैं कि फोन इतने addictive क्यों होते हैं। क्या आपको जानना है कि हम खुद को और अपने बच्चों को phone addictive से कैसे बचा सकते हैं। जो आप सबकी लाइफ को effect कर रहा है। अगर आपका भी यही सवाल है। तो आज की book summary आपके लिए ही है।

     अगर आप parent’s category में आते हैं। Teenagers हैं। Students हैं। तो आपको यह book summary जरूर पढ़नी चाहिए। अगर इस बुक के ऑथर की बात की जाए। तो वह best selling author और polemicist है। वह NYU में प्रोफेसर हैं। साथ ही वह ड्रंक टैंक पिंक के ऑथर भी है। उनकी अगली बुक Escape Velocity भी आने वाली है।

How do You Know - You are Addicted or Not

  शुरुआत कुछ इस तरह से है। कि मैं आपसे कुछ सवाल पूछूंगा। हर सवाल के बदले में, आपको इस scale के अनुसार, marking देनी है।

0 for not applicable

1 for बहुत कम या rarely

2 for कभी कभार, occasionally

3 for frequently यानीकि बहुत बार

4 for oftenly यानिकि अक्सर

5 for always यानिकि हमेशा 

   पहला सवाल है। जितना आपने सोचा था। उससे तकरीबन कितनी देर तक आप ऑनलाइन रहते हैं।

     दूसरा सवाल है। तकरीबन कितनी बार  लोग आपके ऑनलाइन रहने की शिकायत करते हैं।

     तीसरा सवाल है। तकरीबन कितनी बार आप बिना काम पड़े भी, अपना ईमेल चेक करते रहते हैं।

     चौथा सवाल है। तकरीबन कितनी बार फोन की वजह से, आपकी नींद पूरी नहीं हुई।

     पांचवा सवाल है। तकरीबन कितनी बार  जब आप ऑनलाइन थे। तो यह कहा है।  बस थोड़ा-सा और।

      अब बहुत ही honestly, अपने आपको मार्किंग दीजिए। इस scale में, अगर आपके जवाब 7 या उससे नीचे हैं। तो इसका मतलब यह है कि आप internet addict नहीं हैं। लेकिन अगर आपने 8 से 12 के बीच score किया है। तो आपको mild internet addiction है। आपका अपने मोबाइल टाइम पर अभी भी कंट्रोल है। 

      अगर score 13 से 20 के बीच में है। तो आप एक moderate internet addict है। आपका फोन, आपको लगातार problem दे रहा है। अगर आपने 21 से 25 के बीच score किया है। तो समझ लीजिए। आपको मोबाइल की खतरनाक हद तक, addiction हो चुकी है। आपका phone use आपको और आपके करीबी लोगों को seriously problem दे रहा है।

      इस book से आपको पता चलेगा कि आपको ऑनलाइन शॉपिंग, वीडियो गेम्स या सोशल मीडिया की addiction क्यों होती है। हम इनके अहम कारण पर discuss करेंगे। आपको यह भी पता चलेगा कि आप अपने बच्चों को इन सब चीजों का addict बनाने से कैसे रोक सकते हैं। 

      इसमें ऐसे solution और सुझाव दिए गए हैं। जो internet addiction से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद कर सकते हैं। आप इस बुक में, उन अलग अलग चाल यानी traps को भी जानेंगे। ताकि आप कभी भी दोबारा, उनका शिकार न बन सके।

The Rise of Behavior Addiction

 Addict कोई भी बन सकता है। इसकी कोई स्पेशल कैटेगरी नहीं होती। आप या हम कोई भी, किसी भी लत का शिकार हो सकते हैं। आप यह नहीं बोल सकते। ऐसा हमारे यहां या हमारे पड़ोस में नहीं होता। 

   Dong Nguyen, वियतनाम के एक वीडियो गेम डेवलपर है। मई 2013 में उन्होंने एक game create की और उसे release किया। जिसे वह खुद भी बहुत  खेलते थे। यह गेम उनका brainchild था।  इस गेम में प्लेयर को एक उड़ती हुई चिड़िया के रास्ते की रुकावटें पार कराते हुए, आगे बढ़ाना होता था।

      चिड़िया को कहीं टकराना नहीं था। वरना आप हार गए। Players को चिड़िया को बचाने के लिए, मोबाइल स्क्रीन पर लगातार tap करना पड़ता था। यह गेम रातों-रात पॉपुलर नहीं हुई। इस गेम को हिट होने में, पूरे 8 महीने लग गए। यह जनवरी 2014 की बात थी। यह गेम एप्पल स्टोर के सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाली गेम बन गई थी।

   Dong Nguyen ने सिर्फ रेवेन्यू से 1 दिन के $50000 कमाये। उन्हें तो खुश होना चाहिए था। उन्हें अपनी सक्सेस सेलिब्रेट करनी चाहिए थी। आप जानते हैं कि Dong खुश नहीं थे। उन्हें लग रहा था कि जैसे उन्होंने एक mongster बना लिया है। एक user ने एप्पल के स्टोर पर, कमेंट में लिखा। इस गेम ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी है। यह कोकीन से भी बदतर है।

        एक और user का कमेंट आया। इस गेम को डाउनलोड मत करना। मैं सो नहीं पाता हूं। खा नहीं पाता हूं। मैंने अपने सारे दोस्तों को गवां दिया है। मैं सारा दिन यह गेम खेलता हूं। सिर्फ 1 महीने के बाद, फरवरी 2014 को Dong ने ट्वीट करते हुए लिखा। I am Sorry, अब से 22 घंटे बाद मैं यह गेम हटा दूंगा। अब मैं और बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने अपना वादा पूरा किया।

     बात सिर्फ यह थी कि यह गेम बहुत ज्यादा addictive थी। कई लोगों की life में, इस गेम की वजह से problem create हो रही थी। Dong ने गेम को हटा दिया और खुद भी कहीं गायब हो गए। क्या आपने इस गेम का नाम सुना है। क्या आप भी इस गेम के addict रहे थे। यह कोई और गेम नहीं बल्कि ‘Flappy Bird’ था। 

      ऐसा कोई मोहल्ला, कोई बस्ती, कोई देश नहीं था। जो इस गेम के addiction का शिकार न हुआ हो। कहने का मतलब यह है कि addiction हर जगह है। गली मोहल्ले के नुक्कड़ में जो सिगरेट मिलती है।  उसमें भी drugs है। दुनिया की हर unlegal चीज में, एक नशा छिपा है।

   लेकिन addiction की चीजें, सिर्फ बाहर ही नहीं। बल्कि आपके ऑफिस, घर और बाकी जगहों पर भी मौजूद है। यह आपके जेब के अंदर ही है। इस वक्त आपने इसे अपने हाथ में भी पकड़ा हुआ है। यह नशा है, आपका फोन। इससे बचने का कोई रास्ता नहीं है। आप चाहकर भी इससे दूर नही रह सकते। 

The Addict in All of Us

  किसी की लत छुड़ाने का एक ही तरीका है। उस इंसान को, उस चीज से दूर रखो। जिससे उसे addiction है। वैसे अगर आपको online gaming की लत है। तो फिर कभी उस शहर में, उस घर में या उन दोस्तों के पास लौट कर मत जाइए। जिनके साथ, आपको यह addiction लगी थी। खुद को ऐसे माहौल से, हमेशा बचाकर रखिए।

     जहां आपको addiction की लत लगी थी। क्योंकि वह शहर, वह जगह या वो लोग आपको नशे की लत दोबारा लगा सकते हैं। चलिए, इसे Isaac Brasberg की story से समझते हैं। जिसे world of warcraft  का addiction था। 1992 में आइज़क वेनेजुएला में पैदा हुआ था। उसे बेहद प्यार करने वाली मां और ख्याल रखने वाले पिता मिले थे।

       उसके पिता को बहुत काम रहता था। वह काम के सिलसिले में अधिकतर समय बाहर रहते थे। लेकिन जब भी वह घर आते, आइजैक को जोर से गले लगा लेते। आइजैक को घर में खूब प्यार मिलता था। सब कुछ ठीक चल रहा था। तभी उसके पेरेंट्स का तलाक हो गया। वह और उसकी मां वेनेजुएला को छोड़कर, मियामी में रहने लगे।

  अपने पूरे टीनएज के दौरान, वह अकेलेपन से गुस्सा जूझता रहा। अपने माता-पिता के तलाक की वजह से, वह कभी वेनेजुएला तो कभी यूएस में रहता था। वह दोस्त तो जल्दी बना लेता था। लेकिन उसकी फ्रेंडशिप लंबे समय तक नहीं रह पाती थी। न हीं उसके कोई ऐसे फ्रेंड बन पाए। जिनसे वह अपनी feelings और dreams शेयर कर सके।

     आइजैक ने 14 साल की उम्र से, वारक्राफ्ट खेलना शुरू कर दिया था। वह भी गिल्ट में शामिल हो गया था। गिल्ट मेंबर आपस में चैट करते थे। आइजैक की अपने गिल्ट मेंबर के साथ close friendship हो गई थी। इसके जरिए उसे एहसास हुआ है कि deep friendship किसे कहते हैं। क्योंकि real life में उसके कोई meaningful रिश्ते नहीं बन पाए थे।

      फिर उसे वाशिंगटन डीसी की अमेरिकन यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिल गया। उसका पहला सेमेस्टर अच्छा गुजरा है। वह Strate A student था। लेकिन सेकंड सेमेस्टर में, वह काफी stress में रहने लगा था। वह हॉस्टल के कमरे में अकेलापन महसूस करता था। इसीलिए उसने फिर से warcraft खेलना शुरू कर दिया था। तब वह सारे subjects में strate A से B, C, D और E तक पहुंच गया था।

      उसकी मां ने उसका एडमिशन Restart में करवा दिया। यह दुनिया का पहला internet addiction treatment center है। Restart उन टीनएजर्स का treatment करता है। जो online gaming addict हैं। यह सेंटर एक 6 week program, offer करता है। जहां participates को Restart center में रहना पड़ता है।

       यह जगह Seattle forest के अंदर है। इस center में टीनएजर्स को किसी भी तरह का गैजेट्स रखने और यूज करने की मनाही है। इन लोगों को नेचर के बीच में रहना होता है। उन्हें टॉयलेट साफ करना। अंडे वगैरह पकाना और मॉर्निंग में अपना बिस्तर ठीक करने जैसी basic skill सिखाई जाती है। इन बच्चों को रोज फिटनेस जिम में, ट्रेनिंग भी दी जाती है।

      आइजक ने भी अपना 6 हफ्ते का फिटनेस प्रोग्राम पूरा किया। उसे पहले से बेहतर feel हो रहा था। उसे लगा कि उसकी life फिर से, एक बार track पर आ गई है। लेकिन फिर एक गलती हो गई। उसे फिर से अमेरिकन यूनिवर्सिटी जाना पड़ा। क्योंकि उसे अभी अपनी कॉलेज डिग्री पूरी करनी थी।

     लेकिन जहां पर आपको लत लगी हो। वहां पर दोबारा जाना बहुत बड़ी गलती है। आइजैक को वह date अच्छे से याद है। वह दिन 21 फरवरी 2013 का था। बस इतना हुआ था। उसे अपने वारक्राफ्ट खेल के फ्रेंड का मैसेज मिला। उसे भरोसा था कि वह gaming addiction से पूरी तरह recover हो चुका है। इसीलिए वह अब दोबारा, उसका शिकार नहीं बन सकता।

      जब उसके फ्रेंड ने पूछा कि क्या वह छोटे से, warcraft से session को join करना चाहेगा। तो वह मना नहीं कर पाया। 21 फरवरी को उसने फिर से, वारक्राफ्ट  खेला और अगले 5 हफ्तों तक खेलता ही रहा। यहां तक कि वह उस रूम से बाहर नहीं निकला। उसने नहाना छोड़ दिया। Class attend करना छोड़ दिया। बस दिन रात वह वारक्राफ्ट ही खेलता रहता था।

       उसे इस गेम की ऐसी लत लग गई। वह सिर्फ 4 घंटे ही सो पाता था। जब उठता, तो फिर से खेलना शुरू कर देता। वह पूरे 35 दिन। उन्हीं कपड़ों में रहा। जो उसने 21 फरवरी के दिन पहने थे। उसकी डेस्क पर कचरे का ढेर लगा गया था। उसके मोबाइल फोन पर 142 कॉल आए थे। लेकिन उसने एक का भी रिप्लाई नहीं किया। फिर जब 143वां कॉल आया। तो उसने उठा लिया।

    यह उसकी मां का फोन था। उसकी मां ने बताया कि वह 2 दिन बाद, उससे मिलने आ रही है। तब जाकर आइजैक ने फाइनली गेम खेलना छोड़ा। उसने अपनी हालत देखी। तो हैरान रह गया। उसकी मां उससे मिलने आई। तो वह रो पड़ा। उसने अपनी गलती कबूल कर ली थी। उन्होंने मिलकर decide किया कि उसे फिर से Restart जाना चाहिए।

The Biology of Internet Addiction

 Behavioral Addiction के पीछे की वजह क्या है। इसकी वजह है। डोपामाइन लेवल में बढ़ोतरी और psychological problem का एक साथ होना। अगर आप depression या tension में है। तो शायद आप अपना दर्द कम करने के लिए। फूड, ड्रग्स या किसी और नशे का सहारा लेते हैं।

      अगर आप अकेले हैं। आपका कोई दोस्त नहीं है। तो आप शायद ऑनलाइन गेमिंग में दोस्त बनाएंगे। हमें सिर्फ डोपामाइन ही addict नहीं बनाता। यह substance addiction से अलग है। शराब, तंबाकू या हीरोइन जैसे ड्रग्स का सेवन करते ही। हम तुरंत अच्छा महसूस करने लगते हैं। हमें लगता है कि जैसे हमारा तनाव, हमारी परेशानियाँ दूर हो गई हैं।

     हमें अपना दिलो-दिमाग हल्का लगने लगता है। अगर डोपामाइन ही असली गुनाहगार होता। तो हर बच्चा, जो पहली बार आइसक्रीम टेस्ट करता है। वह इसका addict बन जाता। Behavioral Addiction के पीछे, एक और वजह है। वह ऐसा psychological problems।

      एक इंसान होने के नाते, हम सब romantic love और parenting चाहते हैं। लेकिन क्यों, हमारी human species को, अपने जींस को आगे बढ़ाना है। हम अपने बच्चों का ख्याल रखते हैं। उन्हें पाल-पोशकर बड़ा करते हैं। ताकि वह survive कर सकें। Generation को आगे बढ़ा सकें। हमें Love का cocept अच्छा लगता है। क्योंकि हमें अपने जींस पास करने के लिए, मैरिज और सेक्स की जरूरत पड़ती है।

      बस इतनी सी बात है। अब अगर किसी को parents का प्यार न मिले या कोई life partner न मिले। तो जो उसे प्यार करें। तो जाहिर है कि वह addiction  का शिकार हो सकता है। हम सबको अपनी life में parents के care और प्यार की जरूरत होती है। हमें जीवनसाथी भी चाहिए। जो हमें चाहे। हम अपनी मां का unconditional love और care चाहते हैं।

     खासकर पैदा होने से, 5 साल की उम्र तक। यही वह उम्र होती है। जब एक बच्चे में सीखने की संभावना, सबसे अधिक होती है। इस उम्र में बच्चा कोई भी language  या सामाजिक तौर तरीके जल्दी सीखता है। अगर किसी बच्चे को proper प्यार और care न मिले। वह बचपन से ही फोन या टैबलेट के साथ वक्त गुजारे। तो बच्चा basic life skills कभी नहीं सीख पाएगा।

      वह किसी और के तो क्या, खुद के emotion भी नहीं समझ पाएगा। वह success पाने के लिए, मेहनत करना नहीं  सीखेगा। उसे दूसरों के साथ। sharing या emphaty करना नहीं आएगा। इंसान की जिंदगी में एंजायटी, डिप्रेशन और अकेलापन तब आता है। जब उसे बचपन में मां-बाप का प्यार न मिला हो।

      इस psychological problem की वजह से, ऐसे बच्चों या बड़ों को डोपामाइन हिट लेने के लिए, नशे की लत लग जाती है। Addiction कोई भी हो, इसका root cause और cure यही है। कि आप बचपन से ही बच्चों को प्यार भरा माहौल दें। उनके साथ भरपूर वक्त बिता बिताएं।

     उन्हें attention दें। अगर आप ये चाहते हैं कि आपका बच्चा miserable life न जिए। तो एक अच्छा patents बन आकर दिखाएं। अपने बच्चे को भरपूर प्यार दे। जिसका वह हकदार है। आपका बच्चा बड़ा होकर, एक अच्छा इंसान बनेगा। एक successful इंसान बनेगा। वह अपनी खुशी या गम के लिए, किसी ड्रग्स पर या behavior पर depend नहीं रहेगा।

The Ingradian of Behavior Addictional

अब phone addiction पर focus करते हैं। यानी सोशल मीडिया, ऑनलाइन शॉपिंग और वीडियो गेम। ऐसे 6 hooks है। जिसे गेम डिजाइनर use करते हैं। ताकि लोग अपने फोन का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। जहां भी जाएं। हमेशा मोबाइल से चिपके रहे। 

Goals – अब जैसे fitness watches  को ही ले लीजिए। आप अपने step count चेक करेंगे। कैलरीज़ काउंट करेंगे। Exercise rate, piles rate यानी हर चीज check करते रहेंगे। आप सारा दिन scale और number ही देखते रहेंगे।

     जिन लोगों के पास fitness watch है। उनके साथ, कुछ इस तरह की problem होने लगती है। जैसे उन्हें रनिंग करनी है। तो उनके पैर क्यों न दर्द करने लगे। वह कैलरी काउंट करना नहीं भूलेंगे। चाहे वह भूखे मर  रहे हो। लेकिन यह healthy नहीं है। इसे हम fit रहना तो नहीं बोल सकते।

    फिटनेस वॉच पहनने वाले लोग, यही देखते रहते हैं। कि आज हम सिर्फ 13 किलोमीटर भागे या कितना भागे। फिर वह अपने टारगेट पूरा करने के लिए और भागने लगते हैं। ऐसे लोग अपने step count के साथ, कभी भी satisfied नहीं होते। इसलिए वह रनिंग करते ही रहते हैं।

      खाते वक्त भी ऐसे लोग हमेशा कैलोरी काउंट करते रहते हैं। Body को एनर्जी के लिए शुगर चाहिए। Body को physical और mental activity के लिए कार्बोहाइड्रेट की जरूरत है। फिटनेस वॉच बनने वाले लोग ब्रेड, चावल, चीनी। यह सब खाना छोड़ देते हैं। चाहे वह कितने ही कमजोर क्यों न हो जाए।

Feedback आपने शायद कैंडी क्रश जरूर  खेला होगा। इसके मकैनिक एकदम सिंपल है। 3 या 5 कैंडीज एक लाइन में match करो। तो points मिलते हैं। लेकिन addictive part ये नहीं है। यहां जो लत है। उसे गेम डिज़ाइनर द जूस बुलाते हैं।

      हर मैच के लिए, कैंडीज चलने लगती है। हर rightmove के बाद, visual effect और sound play होता है। यही इसका जूस है। हर collect पर instant feedback मांगा जाता है। Screen पर हर tab के साथ और कंडी मैच करते रहते हैं। फिर गेम के addict बन जाते हैं।

Escalation जैसे जैसे आप गेम में expert होते जाते हैं। Game मुश्किल होता जाता है। अब game tetris को ही ले लीजिये।  इसे रशियन साइंटिस्ट Alexey Pajitnov ने invent किया था।

    Pajitnov इस गेम को Program करते, करते खुद addictive हो गए थे। वह frustrated हो गए थे। क्योंकि वह गेम को खत्म करने वाला, कोई code finish नहीं कर पा रहे थे। फिर जब उनका काम पूरा हुआ। तो उनके college भी, इस गेम के addict बन गए। इसमें level secret  होते हैं।

      जैसे जैसे आप इसमें skilled होते हैं। गेम और हार्ड होता चला जाता है। Blocks  तेजी से नीचे गिरने लगते हैं। आपको उनकी जरूरत नहीं होती। फिर भी आपको वही  मिलते हैं। जब आप एक लाइन complete करते हैं। तो वह तुरंत गायब हो जाती है। फिर आपकी सारी गलती बचती है। जो आपको ठीक करनी होती है। यही है, Escalation।

Anxiety and boredom के बीच, एक पतली-सी line है। Game अगर easy हो। तो expert बोर हो जाएंगे और गेम खेलना बंद कर देंगे। तो इसका solution है कि level और difficult बनाया जाए। जो gamer की ability से मैच करें। उसे challenge करें कि वह और ज्यादा कोशिश करें। इस तरह से प्लेयर bore न होकर, गेम quit नहीं करेगा। क्योंकि उसके सामने challenge होंगे।

     हर teacher और parents को, यह बात मालूम होनी चाहिए। एक student या बच्चे को engage होने के लिए activity उनके expert level से मैच होनी चाहिए। साथ में task भी challenging होने चाहिए। Escalation rule है कि player हमेशा जीतेगा। तो बोर हो जाएगा। अगर हमेशा हारेगा। तो गेम quit कर देगा।

Conclusion of Irresistible

 Behavioral addiction में psychological problem एक main feature है। लेकिन अगर किसी के पास, एक प्यार करने वाला साथी और देखभाल करने वाले parents हैं। तो Behavioral addiction का शिकार होने से बचा जा सकता है। एंजायटी, डिप्रैशन और अकेलेपन से घबराकर, लोग अक्सर कुछ ऐसी activity मे involve हो जाते हैं।

       जो उन्हें डोपामाइन हिट का इफेक्ट देती है। लेकिन अब सवाल यह है कि फोन के addiction से कैसे बचा जाए। तो अपना फोन दूर रख दीजिए। सारे एप्स डिलीट कर दीजिए। ऐसे जीना, जीने की प्रैक्टिस शुरू कीजिए। जैसे आप 80’s या 90’s के दशक में जी रहे हैं। जब इंटरनेट और मोबाइल नहीं हुआ करते थे।

       जिन्हें आपसे मिलना होगा। बात करनी होगी। वह कोई न कोई तरीका तो ढूंढ ही लेंगे। Workplace में जरूरी मैसेज आते रहेंगे। आपको पता भी चलता रहेगा। इस बात का यकीन रखिए। कि इंटरनेट को एकदम avoid करने से, आप किसी मुसीबत में नहीं फसेंगे। न ही किसी addiction हुक्क का शिकार बनेंगे।

      क्या आपको लगता है कि इंटरनेट के बिना जीना मुश्किल है। जरा सोचिए कि 80 और 90 के दशक में, लोग कैसे रहते होंगे। वहां तक जाने की जरूरत नहीं है। आज भी ऐसे लोग हैं। अगर आप सोचते हैं कि टाइम में difference था। तब भी ऐसे बहुत से लोग हमारे आसपास है। जो बिना इंटरनेट एडिक्शन के जीते हैं।

      जो बिना एंड्राइड फोन के जीते हैं। जो बिना व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के अपनी लाइफ को बखूबी जीते हैं। क्योंकि उनका focus अपने काम पर रहता है। म्यूजिक तब भी होता था। तब भी लोग मजे करते थे। Offline रहकर भी, आप उतना ही enjoy कर सकते हैं।

      आप nature walk पर जा सकते हैं। या live concert को अटेंड कर सकते हैं। या अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ, खाना खाने रेस्टोरेंट वगैरा जा सकते हैं। फोन के बगैर, आप अपने आसपास की दुनिया को और बेहतर तरीके से देख और समझ पाएंगे।

      आपकी फैमिली और फ्रेंड्स, ये पूरी दुनिया कितनी interesting है। यह आप तभी जान सकते हैं। जब आपका मोबाइल आपसे दूर होगा। तो कुछ देर के लिए, अपना मोबाइल turn off कर दीजिए। अपने राउटर की वायर निकालकर रख दीजिए। इस दुनिया को देखिए। क्योंकि अभी भी बहुत कुछ ऐसा है। जो हमने explore नहीं किया है।

Humble Request

   अभी तक आपने इसे पढ़कर, जो भी सीखा। वो पूरी Book का अंश मात्र है। यदि आप भी अपनी किसी भी बुरी लत को छुड़ाना चाहते है। तो आपको Adam Alter की Book- Irresistible जरूर पढ़नी चाहिए।

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