Advertisements

Learn to Earn- Peter Lynch Book Summary । 2022 मे अमीर बनने का Formula

Learn to Earn book summary in Hindi। Book Summary in Hindi। Learn to Earn by Peter Lynch। पढ़ो और कमाओ। जानिए करोड़ों कमाने का राज। 2022 में अमीर बनने का फार्मूला। सीखिए पैसे का रहस्य। जानिए करोड़ों कमाने का राज। Why Investment is Important for You and for Your Country। Investing money for Beginners। 5 Basic Investments। Easy Steps to start investing। Best Investment Book। What is Capitalism। How to become rich in 2022। Learn to earn Book। Best Ways to become Rich। How to earn money in 2022   

Learn to Earn Book in Hindi
Advertisements

Learn to Earn By Peter Lynch
Brief Book Summary

हमें बचपन में स्कूल में, बहुत कुछ सिखाया जाता है। जैसे- Accounts, Economic, Mathematics, Science। यहां तक की Cooking और Drawing भी। लेकिन वह हमें सबसे जरूरी चीज, तो सिखाना भूल ही गए हैं। जो कि है, Investment अर्थात निवेश।

 हम देशभक्ति की बात करते हैं। हम Army की बात करते हैं। लेकिन हम एक बात भूल जाते हैं। कि एक देश को उसका Business महान और सशक्त बनाता है। Business की वजह से ही, हमारी Gross Domestic Product (GDP) भी बढ़ती है। हमारी economy बढ़ती है। इसकी वजह से, लोगों को jobs मिलती है। काम मिलता है।

     Finally, देश की growth होती है।  लेकिन क्या हमने कभी सोचा है। कि बिजनेस कैसे grow करते हैं। वह तब grow करते हैं। जब कोई उनमें पैसा invest करता है। आज हम इसी बारे में सीखेंगे। कि आखिर investment होता क्या है। Companies कैसे grow करती है।

     हम किन-किन चीजों में पैसा invest कर सकते हैं। तो हम उम्मीद करते हैं कि आप इस book summary को उतना ही enjoy करेंगे। जितना हमने इसे लिखते समय enjoy किया है।

Learn to Earn
A Short History of Capitalism

सबसे पहले यह समझते हैं कि आखिर कंपनी होती क्या है। जब कई लोग एक साथ मिलकर, एक Business करना चाहते हैं। तो वह एक कंपनी बनाते हैं। कंपनी बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है। बस, आपको कुछ legal paper देने होंगे। Fees भरनी होगी। फिर कंपनी बन जाती है। अब तो यह और भी आसान हो गया है। भारत सरकार ने, केवल आधार कार्ड submit करने पर ही, company formation की अनुमति दी है।

      कई लोग सोचते हैं कि कंपनी मतलब एक building या एक office होता है। लेकिन कंपनी कुछ legal paper का एक folder है। Law नजर में, कंपनी एक अलग इंसान होता है। जैसे कि आप और मैं। जिसे government सजा भी दे सकती है। उस पर fine भी लगा सकती है।

     इसका फायदा यह है कि मान लीजिए, आपने एक कंपनी खोली। आपने उस कंपनी में ₹100000 invest किये। कल को उस कंपनी से कोई गलती हो जाती है। तो case कंपनी के ऊपर होगा। आपके ऊपर नहीं। इसमें आपका ज्यादा से ज्यादा एक लाख का नुकसान हो सकता है। वही एक लाख, जो आपने कंपनी में invest किया था।

     Government आपके personal assets जैसे घर, गाड़ी, gold नहीं ले सकती। यही कंपनी बनाने का सबसे बड़ा फायदा है। कि आप liabilities limited  होती हैं। यानी आप उतनी ही चीजों के लिए liable हैं। जितनी आपने invest की है। इसीलिए कंपनी के नाम के आगे limited शब्द लगाया जाता है। अब types of companies के बारे में जानते हैं। कंपनी दो तरह की होती हैं।

  • Private Company – प्राइवेट कंपनी उसे कहते हैं। जिसमें आम public पैसा invest नहीं कर सकती। अगर आपको किसी प्राइवेट कंपनी में, हिस्सा चाहिए। तो एक ही रास्ता है। आपको owner से शादी करनी पड़ेगी।

  • Public Company – यह वह companies होती है। जिनके share मार्केट में खरीदे और बेचे जा सकते हैं। इनके Shares कोई भी खरीद सकता है। चाहे आप अमीर हो या गरीब। बस आपके पास, इन्हें खरीदने के लिए पैसा होना चाहिए।

    जब भी हम किसी कंपनी के shares खरीदते हैं। तो legally, हम कंपनी के मालिक बन जाते हैं। बेशक, छोटे से ही सही। लेकिन मालिक जरूर बनते हैं। हम अपनी पसंद की, किसी भी कंपनी के share खरीद सकते हैं।

Learn to Earn
The Basic of Investing

     अक्सर देखा गया है कि ज्यादातर लोग जिंदगी में, काफी लेट investment करने के बारे में सोचते हैं। क्योंकि उनका यह कहना होता है। कि अभी job नहीं लगी। मैं अपनी जिम्मेदारी को पूरा कर लूँ। लेकिन हम जितनी जल्दी investment करना शुरू करते हैं। उतना ही ज्यादा हमें फायदा होता है।

     Investment का सबसे पहला lesson है। कि हमें saving करने की शुरुआत करनी होगी। इसे एक example से समझते हैं। एक लड़का राजीव है। जिसकी अभी नई-नई job लगी है। जिसे लोगों को दिखाना है। कि वह अमीर बन चुका है। वह सोचता है कि अब क्यों न एक अच्छी-सी 20 लाख तक की गाड़ी ले लूं।

     इसे खरीदने के लिए, वह loan लेता है। वह अपनी सारी savings निकालकर, ₹2 लाख का down payment देता है। फिर ₹18 लाख का loan ले लेता है। उसने 5 साल का loan, 11.6% के rate पर लिया। अब हर महीने, वह लगभग ₹40,000 उसकी installment भरता है।

    शुरू-शुरू में राजीव जब भी, अपनी नई गाड़ी कहीं park करता। तो लोग वाह-वाह करते रह जाते। लेकिन 5 सालों के बाद, गाड़ी पुरानी-सी लगने लगी। अब ऐसी गाड़ी को देखकर, कौन वाह-वाह करता। लेकिन ऐसी गाड़ी खरीदने के चक्कर में, राजीव ने loan ले लिया। वही loan को चुकाने के लिए, उसे छह लाख रुपए extra देना पड़ा। यानी कि एक गाड़ी पर 20 की जगह 26 लाख खर्च हुए।

      5 साल के बाद, जब अपने loan चुका दिया। तब उसके पास, एक ऐसी गाड़ी थी। जिसे अब वह पसंद भी नहीं करता था। जिसकी कीमत मार्केट में सिर्फ ₹8 लाख रह गई।

      वहीं दूसरी तरफ, राजेश नाम के एक दूसरे समझदार लड़के को भी, बिल्कुल same salary पर job मिली थी। राजेश ने भी गाड़ी ली। लेकिन second hand,  वह भी बिना किसी loan लिए। वह इस बात को समझता था। कि गाड़ी उसके लिए, बस एक transport का साधन है। जो उसे एक जगह से, दूसरी जगह तक ले जा सकती है।

     गाड़ी पर कोई dent या scratch लगने से, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता था। वह अपनी salary का एक बड़ा हिस्सा। Invest कर रहा था। फिर एक ऐसा समय आया। जब राजेश ने, अपना खुद का घर खरीदा। उसने अपने ऊपर के 2 floor को rent पर दे दिया। फिर हर महीने Passive Income कमाने लगा।

    Passive Income वह होती है। जिसमें किसी भी इंसान को, actively कुछ नहीं करना पड़ता। लेकिन फिर भी, उसकी कमाई होती रहती है। अब राजेश को अपनी salary के साथ rent भी मिल रहा था। यानी कि वह समझ गया था। पैसों से और ज्यादा पैसे कैसे बना जाते हैं। यानी अपने पैसों का सही इस्तेमाल, कैसे किया जाता है।

Learn to Earn
Five Basic Investments

जो इस बात को समझ गए हैं। कि investment करना कितना जरूरी होता है। उनके पास पैसें invest करने के पांच options हैं।

Savings Account – यह बड़ा simple सा concept है। जिसे हममें से, ज्यादातर लोग use करते हैं। इसमें हर महीने हम कुछ पैसे Bank में डालते हैं। Bank उन पैसों को, दूसरों को loan देने में इस्तेमाल करती है। Loan पर दिए गए पैसों पर, Bank ज्यादा interest लेती है। उससे कुछ कम interest हमें देती है। यानी आप पैसे save करके, उन पैसों से और पैसा कमा सकते हैं।

     Saving करने का हमारा मकसद होता है। हम कम से कम inflation को तो beat कर सकें। यानी महंगाई को। इसे एक example से समझते हैं। मान लीजिए कि आज आपने बैंक में 6% के हिसाब से ₹100 जमा किए। 1 साल के बाद आपको ₹106 मिलेंगे। यानी ₹6 interest के रूप में। 

   लेकिन बदकिस्मती से, उस साल inflation भी 6% ही था। यानी जो सामान आप पहले ₹100 में खरीदे थे। आज वहीं समान, आपको ₹106 में मिलेगा। इसका मतलब यह है कि आपका real return तो 0% हुआ। यानी आपका पैसा, आपके लिए कुछ नहीं कमा सका।

Investment in Collectible – इसका मतलब यह होता है। किसी ऐसी कोई चीज खरीदना। जिसके लिए future में लोग, हमें ज्यादा पैसे देने के लिए तैयार हो जाएं। Example के लिए, पुराने सिक्के, कोई antique items, कोई unique painting etc.।

    जब हम इन चीजों में invest करते हैं। तो हम सोचते हैं। आने वाले समय में, यह लोगों को ज्यादा appeal करेगी। जैसे मोनालिसा की पेंटिंग। लोग हमें उसके लिए, ज्यादा पैसे देंगे। लेकिन इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है। हो सकता है कि यह सम्मान टूट जाए। जल जाए या चोरी हो जाए। ऐसी situation में, हमारी investment 0 हो सकती है।

House and Apartment – यह एक ऐसा investment है। जिसे एक अच्छा investment कहा जा सकता है। क्योंकि इसमें हम Other People Money (OPM) का इस्तेमाल कर सकते हैं। यानी दूसरों के पैसों को use करके, अमीर बन सकते हैं।

    जिसका मतलब है कि इस तरह के investment के लिए loan मिल जाता है। इसमें अक्सर लोग घर की पूरी कीमत का, सिर्फ 20% डाउन पेमेंट अपनी जेब से खर्च करते हैं। बाकी का 80% loan से आता  है। ज्यादातर लोगों का घर में investment करने का मकसद यह होता है। उसे rent पर दे सके।

    जिससे उनकी rental income इतनी हो जाए। कि वह loan की installment से ज्यादा हो। ताकि उनकी जेब से loan का ₹1 भी ख़र्च न हो। देखा जाए तो, उसे वह प्रॉपर्टी 20% जो उसने डाउन पेमेंट दिया था। उस पर मिली है। इतना ही नहीं लोन चुकाने के बाद भी, उसे उस घर से rental income मिलती रहेगी। यानी जिंदगी भर के लिए Passive Income। इसके साथ ही, जब-जब उसके घर की कीमत बढ़ेगी। उसकी rent worth भी बढ़ती जाएगी।

Investment in Bonds – Bonds बस एक कागज का टुकड़ा होता है। जो यह कहता है कि आपने किसी को loan दिया है। जिसे आपने loan दिया है। वह कब-कब और कितने पैसे आपको देगा। क्योंकि सेविंग अकाउंट से ज्यादा interest, Bonds में मिलता है। इसलिए लोग bonds में भी invest करते हैं।

    Government से लेकर Public company सब हमें bonds बेचती हैं। यानी हमसे loan लेती हैं। अगर हम risk लेने से डरते हैं। या हम secure mind set के हैं। तो हम Govt. Bonds खरीद सकते हैं। क्योंकि बैंक की तरह ही, उनके पीछे भी गवर्नमेंट का support होता है। दूसरा option है। पब्लिक कंपनी से bonds लेना। सबके मन में यह doubt होता है। अगर हमने किसी कंपनी के Bonds खरीदें। फिर वह कंपनी ही बंद हो गई। तो क्या होगा।

     इस case में हमारे पैसे, तब भी secure होते हैं। क्योंकि अगर कंपनी का दिवाला निकल जाता है। तब इस कंपनी के assets की नीलामी की जाती है। इस नीलामी से, जो पैसा आता है। वह सबसे पहले Bonds Holders को दिया है। उसके बाद में, Shareholders को। हमारी investment तब risk में होती है। जब कंपनी के सारे, assets को बेचने के बाद भी। इतने पैसे इकट्ठे नहीं होते। कि सभी Bonds Holders के पैसे चुकाये जा सके। इसी वजह से, कई लोग Govt. Bonds ही लेना पसंद करते हैं।

Investment in Stocks – कई लोग Stocks यानी Share को ही best investment मानते हैं। क्योंकि इसकी रखवाली, हमें नहीं करनी पड़ती है। इस तरह के investment में कंपनी, जितने % grow करेगी। हमारी wealth भी उतने ही % grow करती रहेगी। इसमें सबसे interesting बात तो यह है। कि हमें उस कंपनी में कोई भी काम नहीं करना पड़ेगा।

      जो कंपनी के बॉन्डहोल्डर्स होते हैं। यानी जिन्होंने कंपनी को loan दिया है। उन्हें बस उतने ही पैसे दिए जाते हैं। जितना उस  Bonds Certificate में लिखा होता है। फिर वह कंपनी आगे चलकर, चाहे माइक्रोसॉफ्ट या रिलायंस ही क्यों न बन गई हो। लेकिन जो shareholders होते हैं। वह कंपनी की growth का पूरा मजा उठाते हैं। यानी अगर कंपनी 20 गुना बढ़ेगी। तो उनकी investment भी 20 गुना हो जाएगी।

     अगर हमें invest करना शुरू करना है। तो ऐसा नहीं है। हमें करोड़पति होना होगा। या लखपति होना होगा। आप ₹500 से भी invest कर इसकी शुरुआत कर सकते हैं। ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ का आज का share price ₹447.65 चल रहा है। इसका मतलब है कि हम 447 रुपए 65 पैसे में ही ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ का कुछ हिस्सा खरीद सकते हैं।

      Author कहते हैं कि अगर हम यह भी नहीं करना चाहते हैं। तो हम किसी कंपनी को track करना शुरू कर सकते हैं। फिर उसकी financial statement को पढ़कर। यह imagine कर सकते हैं। कि हमने उसके शेयर खरीद लिए हैं। अब हमें यह देखना होगा। क्या हम long-term में, उस कंपनी को उतार-चढ़ाव के behavior को predict कर पा रहे हैं या नहीं। यानी क्या हमारे imaginary share की value बढ़ी है या नहीं।

     जब हमें कुछ-कुछ अंदाजा होने लगे। तब हम सच में share खरीदना शुरू कर सकते हैं। जब लोगों को shares में नुकसान होता है। तो यह shares की गलती नहीं होती। बल्कि उसमें गलती share खरीदने वाले की होती है। क्योंकि जितना वक्त, हम air conditioner को खरीदने में लगाते हैं। उतना वक्त, हम किसी कंपनी के share खरीदने में नहीं लगाते हैं। जल्दबाजी में किसी कंपनी में invest करना, बहुत बड़ी बेवकूफी है।

Investment in Mutual Funds – अगर हम खुद अपने पैसों को, invest करना नहीं चाहते। तो author कहते हैं कि हम Mutual funds में भी पैसा invest कर सकते हैं। Mutual Fund में एक expert होता है। जिसे Fund Manager  कहा जाता है। इसका काम होता है। मार्केट में अलग-अलग कंपनी को study करना। यह देखना कि कौन-सी कंपनी future में grow कर सकती हैं।

 Mutual Funds में कई लोग पैसा invest करते हैं। उदाहरण के लिए, आपने ₹10000 दिए। मैंने ₹20000 दिए। अब फंड मैनेजर इन सारे पैसों को कई अलग-अलग कंपनी में invest कर देता है। अगर यह सारी कंपनियां grow करती है। तो ये सारा profit, investors को उनके लगाए गए पैसों के हिसाब से दे दिया जाएगा। इसी तरह अगर loss हुआ। वह भी investors को ही सहन करना पड़ेगा। अब क्योंकि Fund Manager हमारे लिए काम करता है। तो वह इसके लिए, हमसे commission लेता है। जिसे Expenses Ratio कहा जाता है।

Learn to Earn
Types of Investors

 अगर हमें invest करने में मजा आ रहा है। तो हम shares खरीद सकते हैं। Peter कहते हैं कि इसके लिए, हमें MBA करने की जरूरत नहीं है। एक आम आदमी भी, अपने लिए शेयर ढूंढ सकता है। यहां तक कि वह किसी फंड मैनेजर से ज्यादा return भी कमा सकता है। Author कहते हैं। जो लोग खुद invest करते हैं। उन्हें पांच Category में divide किया जा सकता है।

Dots Investor – यह वह लोग होते हैं। जो guess करते हैं। यानी तुक्का मारते हैं। उन्हें कंपनी के बारे में, कुछ पता नहीं होता। लेकिन फिर भी, यह share खरीद लेते हैं। सिर्फ यह सोचकर कि किसी दिन share की value बढ़ जाएगी। यह बिल्कुल एक लॉटरी का टिकट खरीदने जैसा है। इन्हीं लोगों को शेयर में नुकसान होता है। इन्हीं की वजह से, लोग शेयर मार्केट के साथ negative emotions जोड़ देते हैं।

Hot Tips Investor – यह लोग पार्टी में आए हुए मेहमानों और दोस्तों से tips लेते हैं। अगर कोई कहता है कि रिलायंस के शेयर के दाम बढ़ने वाले हैं। ले लो। तो यह सचमुच शेयर खरीद लेते हैं।

Educated Investor – इसमें ये टीवी पर बोलने वाले लोगों की tips को सुनते हैं। हालांकि यह पिछली दोनों कैटेगरी से कुछ बेहतर होते हैं। फिर भी इसमें गलत decision लेने का chance ज्यादा होता है। क्योंकि लाखों लोग इन्हीं tips को सुनकर शेयर खरीद लेते हैं। जिसकी वजह से किसी को भी फायदा नहीं होता।

Broker Tips Investor – यह लोग एक Broker की tip पर decision लेते है। ब्रोकर जब आपसे कहता है कि मैंने कंपनी को analyze किया हुआ है। इन companies में invest कर दीजिए। आपका पैसा double हो जाएगा। हो सकता है कि आपका ब्रोकर intelligent हो। उसने सच मे कंपनी को analyze किया हो। लेकिन Broker तो कमीशन बेसिस पर काम करते हैं। यानी वह उन stocks को खरीदने के लिए कहेगा। जिसमें उसको ज्यादा फायदा हो।

Doing Own Research Investor – यह खुद अपनी समझ से, कंपनी को study करते हैं। फिर अपनी तसल्ली के बाद ही, इसमें पैसे invest करते हैं। यह सबसे Best Investor होते हैं। अगर आप एक Basic Investor भी हैं। लेकिन इस Category में आते हैं। तो बहुत high chance है। आप successful होंगे।

Humble Request

   अभी तक आपने इसे पढ़कर, जो भी सीखा। वो पूरी Book का अंश मात्र है। यदि आप भी 2022 मे अमीर बनने का Formula जानना चाहते है। तो Peter Lynch की Book- Learn to Earn जरूर पढ़ें।

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.