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Habits- Jo Aapko Saphal Banayegi

Real Life Story- Habits

  Habits जो हमारी सफलता की संभावनाओं(possibility) को बढ़ा देती हैं।हमें अपने अंदर अच्छी habits का विकास करना चाहिए।Good habits का हमारे मन व मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है।हमारे अंदर ही विकास की अपार संभावनाएं भरी पड़ी है।बस जरूरत है, हमे उन्हें पहचानने की। उन पर अमल करने की। 

Habits- जो आपको सफल बनाएगी

 क्या आपने कभी भी नई आदतो (habits) को शुरू करने की कोशिश की है। जिसे लेकर हम सभी बहुत जल्दी हार जाते है । ऐसा हम सभी के साथ होता है । ये इसलिए भी होता है । हम अपने comfort zone से बाहर नही आना चाहते है । बस थोड़े से प्रयास से,हम सभी कुछ good habits को अपना सकते है । जो हमे जीवन की नई ऊंचाइयां, दिलाने मे मददगार साबित होगी । 

Habit 1- Wake up Early (सुबह जल्दी उठना )

  भारत की संस्कृति में, हमारे गुरुकुल के परम्परा के आधार में। सूर्योदय से पहले, यानी कि सुबह 4:00 बजे उठने की प्राचीन परंपरा रही है। जिसके अनेकों benefits होते हैं। सबसे पहले, जब हम 4:00 और 5:00 बजे के बीच उठते हैं। तो हमारी रचनात्मकता(creativity) का स्तर सबसे अधिक होता है। ज्ञान का अर्जन(Acquisition of knowledge)करने के लिए, यह समय सबसे उपयुक्त होता है। 

     मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि मन की जो observation power है। उस समय सबसे अधिक होती है। सूर्योदय के दो से ढाई घंटे, पहले के समय का बहुत महत्व है।हमारी संस्कृति में इसे अमृतवेला या ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है। यह हमारी highest energy का time होता है। इस समय सिर्फ silent बैठकर, यदि हम अपने dreams को visualize करें। तो उसके पूरे होने की संभावनाओं(possibilities) को हम बढ़ा देते हैं।

     विद्यार्थी यदि nature के इस high-energy time में अपनी study करते हैं। तो उन्हें study में कम मेहनत में आश्चर्यजनक लाभ मिलते  है।Sunrise से पहले, हमारा मस्तिष्क बहुत ही fertile land के रूप में होता है। उस वक्त जो  सकारात्मक बीज, हम डालते हैं। चाहे वह हमारे आध्यात्मिक प्रगति(spiritual progress) के हो। या फिर बेहतर जीवन के लिए हैं। यदि हमारे अच्छे सपने हैं। तो वे ज्यादा से ज्यादा अँकुरो(seedlings) के रूप में।कुछ ही समय मे हमको व हमारे जीवन को सौन्दर्य प्रदान करने लगते है।

    सुबह सतोगुण का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है। दिन निकलते-निकलते रजोगुण की प्रधानता आने लगती है।वही रात्रि आते-आते तमोगुण की प्रधानता हो जाती है। सुबह सूर्योदय से पहले, अधिकतर लोग सोए रहते हैं। उस वक्त नकारात्मक विचारों का प्रवाह atmosphere में दिन की अपेक्षा बहुत कम होता है। उस वक्त हम ध्यान, सकारात्मक चिंतन, अध्ययन करना हमारे लिए श्रेष्ठ कर होता है। 

इसके बाद जो जीवन का दूसरा पहलू है।वह हैं-

Habit 2- Time Management(समय निर्धारण )

  Sir Isake Bitman ने कहा है। सुनियोजित समय, सुनियोजित मस्तिष्क का प्रतीक है। समय हमारे जीवन का सबसे important हिस्सा है। समय निर्धारण के बिना हमारे लक्ष्य(target), हमारी निश्चयात्मक सोच(positive thinking), हमारे सपनों(dreams) को पूरा होने में, एक अवरोध(barriers) खड़ा करते हैं। हमारे जीवन को शिखर पर ले जाने वाले पंख, समय ही होते हैं। 

        बहुत बार हम जवानी में सोचते हैं कि बहुत समय है। आगे कर लेंगे। एक कहावत कही जाती है कि काश जवानी समझ पाती, काश बुढ़ापा कर पाता। समय निर्धारण न कर पाने के कारण, हम जो करना चाहते हैं। वह टलता चला जाता है। एक दिन बुढ़ापा आ जाता है। फिर जीवन की शाम ढल जाती है। तब हम निराशा के घोर अंधेरे में कहीं न कहीं ख़ुद को खो देते हैं।

        वे महान व्यक्ति, जो अपने जीवन में सफलता को प्राप्त करते हैं। एक विशेष व्यक्तित्व का निर्माण कर लेते हैं। बस एक चीज जो उन्हें, असफल लोगों से अलग करती है। वह उनका समय का सदुपयोग करने का तरीका है। समय का सदुपयोग, हमें ठीक से करना चाहिए। क्योंकि दुनिया में बहुत कुछ दोबारा लौट सकता है, लेकिन समय नहीं।

रविवार को हमें, पूरे सप्ताह का विवरण सहित time management करना चाहिए। पूरे सप्ताह में, क्या करना है, कब करना है। उसके लिए समय निर्धारण करना चाहिए। इस बात का हमें अभ्यास करना पड़ेगा। क्योंकि शुरू में कई बार, हमारा time management, हमारी अनुभवहीनता के कारण आगे-पीछे हो सकता है। धीरे-धीरे हमारे अनुभवों से, हमारा time management सही होने लगेगा।

Habit 3- Self Reflections, Introsection(आत्म निरीक्षण, स्व-नेतृत्व)

  उन बातों को जाने, जो हमें आगे बढ़ने से रोक रही हैं। हमें हमारे समृद्ध जीवन, उच्चतम आदर्शों एवं हमारे सपनों को पूरा करने में रुकावट बन रही हैं। उन्हें जाने बिना, हम कैसे आगे बढ़ सकते हैं। अपनी कमजोर कड़ियों को कागज पर लिखे। हमें इस बात पर विचार करने के लिए, समय निकालना चाहिए। जो हमारे जीवन को महत्वपूर्ण बनाने में breaker का कार्य कर रही हैं।

    वह कौन-कौन सी आदतें हैं। वे क्या-क्या हैं। कोई डॉक्टर अपने मरीज का इलाज, सही ढंग से तब तक नहीं कर पाता है। जब तक कि उसकी बीमारी को diagnosis नहीं किया कर लिया जाता। बीमारी के कारण को पकड़ लेने के बाद, हमारे ठीक होने की संभावना बढ़ जाती हैं। स्व-नेतृत्व के द्वारा, हम अपने ऊपर स्वामित्व पा लेते हैं। जब हम स्वामित्व पा लेते हैं।तब हम उन कमियों को आसानी से दूर कर लेते है। जो जीवन मे सफलता पाने में बाधक है। 

अपनी आत्मा के पोषण एवं आत्म चिंतन से, हम उस स्थान पर पहुंच जाते हैं। जहां जीवन की संपन्नता, विकास व आनंद को नया आयाम मिलता है।हमें अपना effort score बनाना चाहिए। Result score को बनाकर चिंतन करना चाहिए। हम जिस कार्य ने जितने effort से कर रहे हैं। उसका result कितना आ रहा है। अगर हमारा effort score अच्छा है। तो result score भी अच्छा हो जाएगा। हमें अपनी सफलता के लिए आत्मचिंतन करना होगा।

Habit 4- Work Management(कार्यो को बाँटना)

   एक व्यक्ति अगर चाहे, कि वह पूरी कार स्वयं बनाएगा।फिर उस पर यात्रा करेगा। संभवतः उस कार को बनाने में, जीवन का बहुमूल्य समय गुजर जाएगा।वह उसका आनंद कब लेगा। हम रेस्टोरेंट जाते हैं। तो order deliver करते हैं। दूसरा उस आर्डर पर work करता है। तब हम dinner का आनंद ले पाते हैं।

हमें अपने जीवन में बहुत से ऐसे काम हैं। जो delicate करने पड़ते हैं। सही व्यक्तियों के हाथों में, चाहे वह विद्यालय हो। चाहे वह एक कंपनी हो। चाहे वह एक भव्य इमारत हो। हर एक में एक टीम वर्क होता है। बेहतर teamwork को खड़ा करना, एक अच्छे  captain का हुनर है। यदि हम अच्छे व्यक्तियों के हाथों में कामों को distribute कर देते हैं। तो results जल्दी और अच्छे मिलते हैं। जो हमारी सफलता में एक बड़ा fuel का कार्य करते हैं।

Habit 5- Learning (सीखना)

  हमें हमेशा सीखते रहने की habits डालनी चाहिए। अपने जीवन के हर दिन में लगातार, एक विद्यार्थी बने रहने का हुनर आना चाहिए।प्रतिदिन 45 मिनट हमें जीवन में लगातार सीखते रहना चाहिए। वह चाहे आपका व्यवसाय हो। जीवन की सृजनशीलता(creativity) हो। हम जब तक सीखते रहते हैं। तब तक हम विद्यार्थी ही रहते हैं। जिस दिन हमारा सीखना रुक जाता है। उसी दिन से हम प्रौढ़ता(maturity) को प्राप्त करने लगते हैं।

     यदि हम नया सीखने की भूख बनाए रखते हैं। तो हमारे जीवन में जोश, उत्साह, उमंग, ताज़गी बनी रहती है। उम्र आती है, गुजरती है, लेकिन हम विद्यार्थी बने रहते हैं। Steve Jobs ने कहा, मैंने अपने जीवन में एक सूत्र को पकड़ा-stay hungry,stay foolish – ज्ञान के हमेशा भूखे रहो। स्वयं यही समझो कि हमें अभी बहुत कुछ जानना है। सुकरात का एक वाक्य- I know one things,that I know nothing । हमेशा याद रखो।

इसे हमें निरंतरता(continuity) के साथ पूरा करने के लिए, संकल्पबद्ध(determine) होना चाहिए। निरंतरता हमारी सफलता की जननी है। जीवन कि प्रबलतम सम्भावनाओं को बढ़ाने के लिए, पाँच बाते हमें हमेशा ध्यान में रखनी होगी।सुबह जल्दी उठना,time management, आत्म निरीक्षण, आत्म चिंतन,कार्यो को बाँटना सही व्यक्तियों के हाथों में,कम से कम 45 मिनट के लिए विद्यार्थी बने रहना।

Read : क्या ऐसा करने से, हमारा मस्तिष्क मजबूत होता है

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