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How To Stop Worrying And Start Living by Dale Carnegie | Book Summary In Hindi | चिंता छोड़ो सुख से जियो

How to stop worrying and start living Book summary। चिंता छोड़ो सुख से जियो। Tension गायब करने का Formula। कैसे चिंता छोड़े समझदारी से सोचे। चिंता करना कैसे बंद करें। How to Stop worrying। Learn to live। Say goodbye to stress। How to stop worrying and start living by Dale Carnegie book review

How to stop worrying and start living
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How to stop worrying and start living
Book Summary

जरा सोच कर देखिए, वह कौन सी बात है। जो आपको बहुत परेशान कर रही है। वह चाहे, जो भी बात हो। जो भी चीज हो। लेकिन ये जो आपकी tension है। आपको जीने नहीं दे रही। आपको अपने, अपनों से बहुत दूर कर रही है। यहां तक कि आपकी खुशियां और आपकी success भी छीन रही है। तो क्या आप वाकई में, जिंदगी भर tension में रहना चाहते हैं। या फिर खुलकर अपनी जिंदगी को जीना चाहते हैं।

     आप जो चाहते हैं। Exactly इस किताब में, आपको ऐसे ही effective तरीके मिलेंगे। जो आपको हर problems से छुटकारा दिला देंगे। जैसे कि आपकी आदत है। आप हमेशा पुरानी बातों का पछतावा करते रहते हैं। या फिर हमेशा future की चिंता में डूबे रहते हैं। कभी-कभी तो लोग इतनी ज्यादा tension ले लेते हैं। कि वह अपने present को ही भूल जाते है।

      क्या आपको वाकई में लगता है। आप एक भरपूर जिंदगी जी रहे हैं। जरा अपने आपसे सवाल कीजिए। आपका जवाब आ रहा है, कि ऐसा नहीं है। लेकिन आप वाकई में जिंदगी को जिंदादिली के साथ जीना चाहते हैं। तो बस हर दिन को भरपूर तरीके से जिए।

      Spring के सुहाने दिन में, एक young medical student अपने future के बारे में सोच रहा था। क्या वह final exam पास कर पाएगा। स्कूल खत्म होने के बाद, उसे कहाँ जाना चाहिए। आखिर वह कैसे, अपने career को शुरू करेगा। वह लड़का यही सब सोच रहा था। तब उसके हाथ में एक किताब थी। जिसे वह पढ़ रहा था। तभी उसमें लिखें, ऐसे 21 words मिले। जिसे पढ़कर वह inspire हो गया।

     आने वाले time में वह मेडिकल स्टूडेंट, अपनी generation के सबसे successful Doctors में से एक था। उसने famous John Hawkins Medical Collage को lead किया। Oxford University का एक बहुत respected professor बना। वह नौजवान कोई और नहीं। बल्कि Sir William Osler थे। जो 21 शब्द Sir William ने पढ़े। वह कुछ ऐसे थे-

    दूर जो धुंधला दिखाई दे रहा है। उसे देखना हमारा मुख्य काम नहीं है। बल्कि जो clearly हमारे हाथ में है। उसे देखना है।

इसका सीधा मतलब यही है कि हम उन कामों या task पर ज्यादा focus करें। जो हमें अभी करने हैं। बजाय इसके कि हम future के बारे में tension ले।

पहली सीख
हर दिन के हिसाब से जीना सीखे

  सर विलियम ने यूनिवर्सिटी में एक speech दी थी। जिसमें उन्होंने students को Day-Time Compartment में रहने के लिए encourage किया। अब जरा सोचिए कि आप अपने past के दरवाजे को lock कर सकते हैं। फिर आप अपने future के दरवाजे को भी lock कर लेते हैं। अब आपके हाथ में, सिर्फ आपका present बचेगा। यानी कि आपका आज और अभी। 

Day-Time Compartment का मतलब है कि हर एक दिन के हिसाब से जीना। खुद को allow करें। आप उस चीज के बारे में सोचने के लिए, जो उस time आपके सामने मौजूद है। अपने दिमाग को past और future में न भटकने दें।

सर विलियम का यह मतलब बिल्कुल नहीं था। कि आप अपने future के बारे में बिल्कुल भी न सोचे। लेकिन उसके बारे में फिक्र करने के बजाय अपनी सारी एनर्जी आज के task में लगाएं। तो ज्यादा फायदेमंद होगा। जो भी करें। उसे पूरे दिल से करें। अपना Best दें। बस यही आपको करना है। फिर तो आपका future, निश्चित रूप से बढ़िया ही होगा।

दूसरी सीख
वर्तमान मे जीना सीखे

  मिशिगन में Mrs Sheel को suicide करने की नौबत तक आ गई थी। तभी उन्होंने आज (present) में जीने की importance को समझा। अपने पति की मौत के बाद, वह गरीबी खेल रही थी। वह काफी ज्यादा depressed हो गई थी। Mrs Sheel किताबें बेचने के अपने पुराने धंधे पर लग गई। उन्हें लगा कि काम करने से शायद उनका मन बहल जाएगा। लेकिन जो अकेलापन होता है। एक बीमारी की तरह होता है। जो धीरे-धीरे आता है

      अकेले खाना-खाना। अकेले drive करना। यही अकेलापन ने Mrs Sheel को अंदर ही अंदर खाए जा रहा था। इसके ऊपर कोई भी स्कूल, उनकी किताबें खरीदने को तैयार नहीं था। उन्हें कहीं भी success नजर ही नहीं आ रही थी। फिर जब जीने की कोई वजह न मिले। तो इंसान टूट ही जाता है। Mrs Sheel इस समय तक पूरी तरीके से hopeless हो चुकी थी। तंग आकर, उन्होंने अपनी जान देने की ठान ली। 

     उन्हें कार payment और room rent का भी इंतजाम करना था। उन्हें लगने लगा था कि शायद उन्हें खाने के भी लाले लग जाएंगे। अगर बीमार पड़ी। तो डॉक्टर की फीस कहां से आएगी। सिर्फ एक चीज जो, Mrs. Sheel को suicide करने से रोक रही थी। वह यह थी कि अगर वह मर जाएंगी। तो उनकी बहन को बहुत दुख होगा।

      वह बेचारी उनके funeral का खर्चा तक नहीं उठा पाएगी। फिर अचानक से Mrs Sheel की नजर एक article पर पड़ी। इसे पढ़कर उन्हें जीने की हिम्मत मिली। एक लाइन जो, इस article में लिखी थी।  समझदार आदमी के लिए, हर एक दिन नया होता है। बस उन्होंने इस article को वहीं पर टांग दिया। जहां रोज उस पर नजर पड़ सके। अब उन्होंने अपने past को भूलकर व आने वाले कल की फिक्र को छोड़कर। आज यानि कि present में जीना सीख लिया था।

Mrs Sheel रोज़ सुबह उठ कर खुद को यह remind करवाती थी। आज एक नई जिंदगी की शुरुआत है। Mrs Sheel अपने अकेलेपन और गरीबी के डर से बाहर आ पाई। उन्होंने खुशहाल और positive तरीके से जीना सीख लिया। उनका हर दिन अब बेहतरीन गुजरने लगा। क्योंकि अब वह रोज अपने आज को जीने लगी थी। बस एक बात उन्होंने अपना दिमाग में रखी। कि समझदार आदमी के लिए, हर दिन एक नई जिंदगी है।

तीसरी सीख
चिंता की स्थिति से निकलने का जादुई फॉर्मूला

  Mr. willy Career पेशे से एक engineer थे। उन्हें एक फैक्ट्री में gas leak करने वाले device को install करने का project मिला। जिसके लिए उनकी कंपनी के millions dollar लग चुके थे। लेकिन यह project खत्म करने के बाद, Career को पता चला। उनके install किए गए devices, company को दिए गए। गारंटी वादों को पूरा नहीं कर पा रहे है। जिसके कारण उनके loss की पूरी जिम्मेदारी Career पर आ गई थी।

     वह अपने failure से बहुत ज्यादा परेशान हो गए थे। वह इतनी फिक्र करने लगे थे। उन्हें नींद आना बंद हो गई थी। लेकिन तभी उनकी common sense ने उन्हें एहसास दिलवाया। उनका फिक्र करना situation को ठीक नहीं करेगा। इसलिए उन्होंने एक technique निकाली। अपनी इस worry की problem को deal करने के लिए। यह technique इतनी असरदार निकली। जिसे आज भी कोई use कर सकता है। इस technique में 3 simple steps है-

1. बिना डरे और पूरी सच्चाई के साथ यह पता करो। At the worst case, बुरे से बुरा इस problem की वजह से। आपके साथ क्या हो सकता है। Career ने जब ये सोचा। तो उन्हें पता चला। उनके इस failure के लिए, उन्हें जेल या फांसी तो नहीं होगी। लेकिन उनका market में नाम बहुत खराब होगा। 20 million dollar जो उन्होंने अपने employees के साथ invest किए थे। वो पूरे डूब जाएंगे।

2. Worst case पता चलने के बाद, आप उसे mentally accept कर लो। Career ने अपने आप से कहा कि ठीक है। अगर ऐसा हो गया। तो कोई बात नहीं। मैं फिर से मेहनत करके, अपना नाम बना लूंगा। Employees को समझा दूंगा। यह एक experiment cost था। हमारे गैस साफ करने की new technique को test करने के लिए। Worst thing स्वीकार करने के बाद, Career को बहुत ज्यादा सुकून मिला। जो उन्हें बहुत समय से नहीं मिला था।

3. जब वह बुरी से बुरी चीज mentally accept हो चुकी हो। तो फिर आप उस worst को और अच्छा कैसे कर सकते हो। इस बारे में सोचो। फिर Career ने यह चीजें accept करने के बाद, यह सोचना शुरू किया। वह कैसे $20000 के loss को कम कर सकते हैं।

    उन्होंने बहुत सारे test किए। तो उन्हें पता चला कि अगर वह अपने device में $5000 और काम कराएंगे। तो उनकी devices बराबर काम करने लगेगी। फिर उन्होंने ऐसा ही किया। जिसका परिणाम यह हुआ कि $20000 loss होने के बजाय। उन्होंने $15000 का profit करा दिया। 

यह solution निकालकर career कहते हैं कि अगर वह 3 step, follow नहीं करते। सिर्फ फिक्र करते रहते हैं। तो उन्हें ऐसा रिजल्ट कभी नहीं मिलता। यह technique हमारे लिए भी, बहुत काम की है। क्योंकि जब हम worst outcome को स्वीकार कर लेते हैं। तो हमारा दिमाग एक जगह से, दूसरी जगह जाकर परेशान होना बंद हो जाता है। फिर problem को solve करने में ज्यादा concentrate कर पाता है।

चौथी सीख
अपनी समस्याओ से छुटकारा पाए

महान William Wood, पेट के जानलेवा दर्द बहुत परेशान रहते थे। उन्हें इतना ज्यादा दर्द होता था कि वह रात में सो नहीं पाते थे। Actually, उनके पिता की मौत stomach cancer से हो गई थी। तब महान Wood को लगता था कि उनको भी यही बीमारी है। William Wood अपना checkup करवाने hospital गए। एक specialist ने, उनका examin किया। Doctor ने उन्हें बताया कि उनके stomach का X Ray एकदम clear है।

     उसने उन्हें कुछ दवाइयां लिखी। जिससे उन्हें आराम आ जाए। डॉक्टर ने उन्हें, एक बात और कही। उनके stomach pain की वजह, उनका emotional stress है। William Wood बहुत ही ज्यादा busy रहते थे। उन्हें हमेशा से task को finish करने की धुन रहती थी। जिससे वह आराम नहीं कर पाते थे। वह हमेशा जल्दी में रहते थे। एक time में उनके दिमाग में, हजारों बातें आती थी। फिर उन्होंने डॉक्टर के advice को follow करना शुरू कर दिया।

      उन्होंने हर जिम्मेदारी, अपने सर लेने की आदत छोड़ दी। एक दिन वह अपनी desk को साफ कर रहे थे। जिसमें उन्हें कुछ ऐसे notes और important paper  मिले। जो कि अब किसी काम के नहीं थे। फिर उन्होंने एक-एक करके सारे पेपर को dustbin में फेंक दिया। तभी उन्हें एक idea आया। जैसे वह waste paper को dustbin में फेंक रहे हैं। उसी तरह बीते हुए कल की हर problem को तोड़-मरोड़ कर। अपनी जिंदगी से बाहर फेंका जा सकता है। कोई फायदा नही होगा। अपने past के burden लेकर चलने का। अच्छा तो यही होगा। हमे उन past के burden को भी, किसी रद्दी पेपर की तरह फेंक देना चाहिए।

      एक दूसरे मौके पर, William Wood ने देखा। उनकी पत्नी बर्तन साफ करते हुए, कुछ गुनगुना रही थी। तब उन्होंने खुद से कहा कि देखो, तुम्हारी बीवी कितनी खुश लग रही है। हमारी शादी के 18 सालों बाद भी, वह बर्तन धो रही है। William ने सोचा, अगर उनकी बीवी को यह पहले पता होता। कि शादी करने के बाद, उसे इतने सालों तक बर्तन धोना पड़ेगा। तो वह शायद उनसे कभी शादी न करती।

     उन्हें इससे यह realize हुआ कि उनकी पत्नी को, यह काम करना बुरा नहीं लगता। क्योंकि वह हर रोज के हिसाब से बर्तन धोती हैं। उनके कल के गंदे होने वाले बर्तनों की फ़िक्र आज नहीं करती। न ही वह उन बर्तनों के बारे में सोचती हैं। जो उन्होंने कल साफ किए थे। तब उन्हें exactly समझ में आया कि उनकी बीमारी की वजह यही है। वह हर काम तुरन्त पूरा करने की कोशिश में लगे रहते हैं। 

वह हमेशा दूसरों को सही ढंग से जीने की नसीहत देते थे। लेकिन खुद अमल करना भूल जाते थे। महान William Wood ने जब अपना routine change किया। तब उन्हें बढ़िया नींद भी आने लगी। उनका stomach pain भी अचानक से गायब हो गया। मतलब साफ है कि आपको हर दिन को, उस दिन के हिसाब से जीना सीखना पड़ेगा।

पाँचवी सीख
समय हर चीज का मरहम है

Lewis mountain junior को लगता था। कि उन्होंने अपने जीवन के 10 साल को  खो दिए हैं। वह time उनकी 18 से 28 साल की उम्र का था। Lewis को ऐसा इसीलिए लगता था। वह तब हर चीज की फिक्र करते थे। अपनी job, परिवार, health कई तरीके की insecurity उन्हें थी। जबकि वो time उनकी जिंदगी का सबसे best time हो सकता था। लेकिन उन्होंने उसे tension में खो दिया।

    Lewis नए लोगों से मिलने से कतराते थे। उन्हें एक तरह का insecurity complex था। उनकी यही insecurity उनकी जिंदगी को छीन रही थी। उन्होंने तीन जगह jobs के लिए apply किया था। वह तीनों जगह से reject हुए थे। क्योंकि उनके अंदर इतना भी confidence तक नहीं था। कि वह अपने employer को अपनी खूबी बता सके। तब कहीं जाकर, एक दिन उनके साथ कुछ ऐसा हुआ। जिसने उनकी पूरी जिंदगी को बदल कर रख दिया।

   वह एक ऐसे इंसान से मिले। जिनकी जिंदगी में उनसे ज्यादा problems थी। फिर भी वह इंसान खुश लग रहा था। उस आदमी का नाम Bill था। 1929 में वह अपनी सारी जमा पूंजी गवां चुका था। फिर दोबारा 1933 में उसके साथ यही हुआ था। और तो और 1937 में वह bankrupt हुआ था। हालाँकि उसने काफी परेशानियां झेली थी। लेकिन वह फिर भी नहीं टूटा। उसने कितने ही लोगों से कर्जा ले रखा था। कई सारे लोग, तो उसके दुश्मन थे। तब भी वह मजबूती से खड़ा था।

    अब Lewis को Bill से थोड़ी जलन हो रही थी। वह उसकी तरह, इतना strong क्यों नहीं है। Bill ने Lewis को अपना secret बताया। उसने कहा कि अगली बार जब भी कोई, बड़ी मुसीबत आए। तो एक पेपर की सीट पर, एक पेंसिल अपने पास रखो। जो भी problem पेश करनी पड़े। उसकी detail, उस पेपर में लिख दे। लिखने के बाद पेपर को, अपनी डेस्क की किसी दरार में डाल दें।

  दो हफ्ते के बाद, एक बार फिर से वह पेपर पढ़ें। जो उस पेपर में आपने लिखा था। वह अभी भी आपको तंग कर रहा है। तो वापस फिर से 2 हफ्ते के लिए दरार में डाल दें। आपकी परेशानियों वाली वह लिस्ट अभी भी उस दरार के अंदर है।

     इस बीच आपके आसपास काफी कुछ बदल गया होगा। आपने notice भी नहीं किया होगा। मगर आपकी कुछ problems, चाहे वह छोटी हो या बड़ी हो। कैसी भी हो। अपने आप ही solved हो गई होगी। तब Bill कहते हैं कि मैंने महसूस किया। अगर मैं patience रखता हूं। यानी कि धैर्य रखता हूं। तो मेरी सारी चिंता और फिक्र ऐसे गायब हो जाते हैं।

जैसे हवा निकलने से, balloon फूस हो जाता है। Lewis को Bill की यह advice हमेशा याद रही। जिससे उन्हें बहुत सी चीजों में मदद मिली। तो exactly सवाल यह है। आपको इस time किस बात की फिक्र सता रही है। आपको एहसास होगा। जो भी solve नहीं हो रहा है। वह time के साथ, खुद-ब-खुद solve हो जाएगा।

छठवीं सीख
तनाव को दूर करने के 5 तरीके

 Professor William Wells को लगता था। अब उनकी आंखें नहीं रही। कुछ पढ़ते ही उनकी आंखें दुखने लगती थी। ऐसा लगता था कि कोई उनकी आंखों में सुई चुभो हो रहा है। उन्हें डर था कि कहीं आंखों की वजह से, उन्हें अपनी teaching न छोड़नी पड़ जाए। एक बार वह एक speech दे रहे थे। वहां पर light इतनी ज्यादा bright थी। कि उन्हें floor की तरफ देखना पड़ा रहा था। लेकिन जब उन्होंने students को address करने के लिए, उनकी तरफ देखना शुरू किया।

      तब उनकी आंखों में दर्द महसूस ही नहीं हुआ। वह पूरे 30 मिनट तक इसी तरह speech देते रहे। प्रोफेसर को लगा। उन्होंने अपने teaching के passion की वजह से दर्द को जीत लिया था। उन्होंने जो पांच method दिए, वह ऐसे थे-

1. Teaching के love ने उन्हें, जिंदगी को जीना और enjoy करना सिखा दिया था। वह अपना हर दिन ऐसे जीते थे। जैसे वह उनकी जिंदगी का पहला और आखिरी दिन है। यह उनका enthusiasm ही था। जो उन्हें सारे दुख-दर्द से निजात दिलाता था। अपने pain और दुख से छुटकारा पाने का, यह पहला method था।

2. कोई अच्छी-सी किताब या blog पढ़कर, अपने tension से दूर रहें। जब आप कुछ पढ़ते हैं। तो आपका दिमाग, उसमें इतना डूब जाता है। कि आपको कुछ और याद ही नहीं रहता।

3. एक बार professor William काफी ज्यादा tension में थे। तब उन्होंने अपने आपको, कई तरह की physical activity  में लगा लिया। तब उन्होंने महसूस किया कि जब उनकी body पसीना बहाती है। तो दिमाग से सारी परेशानियां automatically दूर हो जाती है।

4. आप खुद को किसी भी तरीके के pressure और जल्दबाजी से दूर रखें। यह बहुत मुश्किल होता है। लेकिन उस वक्त, आप अपने मनपसंद काम में, अपने आपको busy कर ले ।

5. Time and patience यानी समय और धैर्य हर समस्या को solve कर देता है। कोई भी मुश्किल आये उसे एक अलग सोच के साथ देखिए। प्रोफेसर विलियम खुद से कहते हैं कि 2 महीने हो जाने दो। फिर मैं इसकी परवाह नहीं करूंगा। तो फिर अभी क्यों करूं। अपना टाइम क्यों खराब करूं।

सातवीं सीख
एक बार मे एक काम

 Pennsylvania के hunting club में एक बूढ़ा तोता था। उसका पिंजरा दरवाजे के साथ लटका रहता था। जब भी कोई वहां आता था। तो वह सिर्फ यही बोलता था। एक बार में एक काम करो, भले आदमी। वह बूढ़ा तोता बस यही रटता रहता था। क्योंकि उसे यही सिखाया गया था।

       इसका मतलब यही है कि आपके ऊपर चाहे जितनी भी responsibilities हो। चाहे जितनी भी जिम्मेदारियां हो। फिर भी calm और composed रहने की कोशिश करें। एक-एक करके अपनी हर responsibilities को पूरा करे। इससे धीरे-धीरे आपकी सभी responsibilities, बिना किसी tension के पूरी होती जाएगी। आपको पता भी नहीं चलेगा।

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