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Sundar Pichai Biography in Hindi | अरबों कमाने वाले, कैसे बने Google CEO

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CEO of Google- Sundar Pichai Biography in Hindi
हर घंटे करोड़ो कमाने वाले गूगल के सीईओ

“उनके लिए सवेरे नहीं होते, जो जिंदगी में कुछ भी पाने की उम्मीद छोड़ चुके है। उजाला तो उनका होता है, जो बार-बार हारने के बाद भी, कुछ पाने की उम्मीद रखते हैं।”

      भारत एक ऐसा देश है। जहाँ हमेशा से ही, talented लोगों का जन्म हुआ है। जिन्होंने अपनी काबिलियत के दम पर, न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरे विश्व में अपने देश का नाम रोशन किया है। इन्हें यह मुकाम ऐसे ही नहीं मिल गया। इसके लिए इन्होंने बहुत मेहनत और लगन से काम किया है। आज हम ऐसे ही व्यक्तित्व की बात करेंगे। जो पूरे विश्व में जानी-जाने वाली कंपनी के सीईओ है।

    हम भारतीयों के लिए, इससे ज्यादा गर्व की बात क्या होगी। कि एक भारतीय व्यक्ति को दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी, गूगल के सीईओ के रुप में चुना गया हो। आखिर कुछ तो बात है। हम भारतीयों में, जिसकी वजह से दुनिया, हमारी इतनी दीवानी है।

      ओस चाटने से प्यास नहीं बुझती। इसी तरह कुछ बड़ा हासिल करने के लिए। कुछ बड़ा प्रयास करना पड़ता है। सुंदर पिचाई और हम सब में यही फर्क है। वह गूगल में काम करते है। वही हम गूगल पर काम करते है।  मतलब है वो गूगल के लिए काम करते हैं। हम काम के लिए गूगल करते हैं।

      यह बात शायद ही आपको पता हो। कि 2014 में माइक्रोसॉफ्ट, सुंदर पिचाई को अपना तीसरा सीईओ बनाना चाहता था। लेकिन उस समय पिचाई पहले ही गूगल में काम कर रहे थे। उम्मीद बहुत ज्यादा थी कि वह माइक्रोसॉफ्ट का यह ऑफर स्वीकार कर लेंगे। क्योंकि सुंदर पिचाई को खुद को गूगल इतना पसंद नहीं था। जितना कि शायद उन्हें माइक्रोसॉफ्ट पसंद था। 

      यहां तक कि एक बार, उनका खुद का एक दोस्त गूगल join करना चाहता था। तब सुंदर पिचाई ने उन्हें गूगल न join करने के लिए convince कर लिया था। लेकिन यह सब जानने के बावजूद। क्यों google ने पिचाई को रोकने के लिए, हर साल ₹370 करोड़ के स्टॉक देने का वादा किया।

About Sundar Pichai in Hindi
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Sundar Pichai- An Introduction

 

Sundar Pichai – CEO Google

 Ek Nazar

वास्तविक नाम

पिचाई सुंदर राजन

उपनाम

सुंदर पिचाई 

जन्म-तिथि

10 जून 1972

जन्म-स्थान

मदुरई, तमिलनाडु, भारत

पिता

रघुनाथ पिचाई (इलेक्ट्रिकल इंजीनियर)

माता

लक्ष्मी पिचाई (स्टैनोग्राफर)

स्कूल

● जवाहर विद्यालय अशोक नगर, चेन्नई 

● वना वनी स्कूल, चेन्नई

कॉलेज

●आईआईटी खरगपुर, पश्चिम बंगाल

●स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी, कैलिफोर्निया

●व्हार्टन स्कूल ऑफ यूनिवर्सिटी, पेनसिलवेनिया

शैक्षिक योग्यता

◆बी. टेक (मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग)

◆एम. एस ( मेटेरियल साइंसेज इंजीनियरिंग)

◆एम बी ए

राष्ट्रीयता

भारतीय मूल के अमेरिकन

व्यवसाय

अल्फाबेट व गूगल के सीईओ

उपलब्धियां

गूगल ड्राइव 

गूगल क्रोम वेब ब्राउजर

क्रोम OS

जीमेल ऐप

गूगल वीडियो कोडेक

अफेयर

अंजली पिचाई ( केमिकल इंजीनियर)

विवाह

अंजली पिचाई

बच्चे

किरण पिचाई (बेटा)

काव्या पिचाई (बेटी)

अवार्ड

पद्म भूषण ( ट्रेड व इंडस्ट्री) 2022

इनकम/ सैलरी

₹6 करोड़ प्रतिदिन

₹103 करोड़ प्रतिमाह

(2020 के अनुसार)

नेट-वर्थ

$2.2 बिलियन

सुंदर पिचाई का प्रारम्भिक जीवन
Early Life of Sundar Pichai

सुंदर पिचाई का जन्म 10 जून 1972 में तमिलनाडु के मदुरई में हुआ। इनका संबंध एक मध्यमवर्गीय परिवार से है। इनके पिता रघुनाथ पिचाई पेशे से एक जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स थे। इनकी मां लक्ष्मी पिचाई एक स्टैनोग्राफर थी। बचपन से ही इनका और साइंस का नाता बन गया था। क्योंकि इनके पिता इलेक्ट्रिकल इंजीनियर होने के कारण। हर रोज घर आने के बाद, वह पिचाई को अपने काम के बारे में बताते रहते थे।

      यह एक छोटे से दो कमरों के मकान में रहते थे। जिसमें से एक रूम में इनका पूरा परिवार रहता था। वही दूसरा रूम किराए पर उठा रखा था। इन्हें बचपन से ही क्रिकेट और फुटबॉल में काफी रुचि थी। इसीलिए यह आज सचिन तेंदुलकर व लियोनेल मेस्सी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। पिचाई पढ़ाई में बेहद होशियार थे। लेकिन इनकी गिनती बहुत ही शान्त बच्चों में होती थी। जिसके कारण यह किसी के नजरों में आए ही नहीं।

      जब यह 12 वर्ष के थे। तब इनके पिता घर में एक फोन लेकर आए। यह फोन उनके जीवन से जुड़ी सबसे पहली technical चीज थी। इसके पहले उनके घर में न तो टीवी, न फ्रिज और न हीं अन्य कोई इलेक्ट्रोनिक गैजेट्स थे। इनकी सबसे बड़ी खासियत, इनकी mental strength  है। यह जो भी नंबर एक बार dial करते थे। वह कभी नहीं भूलते। यहाँ तक आज भी उन्हें वो नंबर याद हैं। दरअसल उन्हें फ़ोन नंबर के अतिरिक्त, किसी भी प्रकार नंबर याद हो जाते हैं।

सुंदर पिचाई की शिक्षा
Education of Sundar Pichai

 सुंदर पिचाई ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चेन्नई के जवाहर विद्यालय से की। इन्होंने यहां से अपनी 10th की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद, यह 12th की पढ़ाई करने के लिए, चेन्नई के वाना वानी स्कूल चले गए। इन्हें पढ़ाई में, इतनी लगन थी। कि स्कूल के बाद, जिस ऑटो में आते थे। उसमें भी कुछ न कुछ पढ़ा करते थे। इसके अलावा यह अपने पिता के लाए हुए। इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट को भी inspect किया करते थे।

      यहीं से इन्होंने decide किया कि आगे चलकर इंजीनियरिंग करेंगे। इसके लिए, इन्होंने JEE के एग्जाम की तैयारी करना शुरु कर दी। भारत में IIT JEE का एग्जाम दुनिया के, सबसे toughest exam में से एक है। इन्होंने अपनी मेहनत के दम पर, इसे clear किया। जिसके परिणामस्वरुप IIT खड़कपुर में, इनका एडमिशन हो गया। इन्होंने IIT खड़कपुर से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग  में B.Tech किया।

    इस दौरान इन्हें आईआईटी खड़कपुर में  रजत पदक से सम्मानित भी किया गया। इसके बाद, इन्होंने अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए admission ले लिया। यह अमेरिका जाने के लिए, पहली बार प्लेन में बैठे थे। इनके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी। कि यह इस तरह की सुविधाएं avail कर सकें।

     इनके परिवार ने भले ही आर्थिक समस्याओं का सामना किया हो। लेकिन बच्चों के एजुकेशन के लिए, माता-पिता हमेशा तत्पर रहें। इसी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से गूगल के फाउंडर Sergey Brin व Larry Page ने अपनी PhD पूरी की थी। इसके बाद, 2002 में इन्होंने अमेरिका के ही व्हार्टन स्कूल ऑफ यूनिवर्सिटी, पेनसिलवेनिया से अपना MBA पूरा किया।

सुंदर पिचाई का कैरियर
Career of Sundar Pichai

सुंदर पिचाई ने अपने कैरियर की शुरुआत McKinsey & Company से की। इसके बाद इन्होंने 1 अप्रैल 2004 में, गूगल में अपना interview दिया। उसी दिन गूगल ने Gmail का testing version launch किया था। Interview के शुरुआत में, जब इनसे Gmail के बारे में, इनके थॉट्स और आइडियाज पूछे गए। तो सुंदर पिचाई, उन्हें कुछ भी नहीं बता पाए। तब इन्हें लगा कि आज फर्स्ट अप्रैल है। शायद वह उनके साथ अप्रैल फूल का गेम खेल रहे हैं।

      लेकिन जब उस पैनल के दूसरे मेंबर ने, इन्हें जीमेल use करने के लिए दिया। तब इन्होंने खुलकर अपने views और ideas शेयर किए। इंटरव्यू पैनल को इनके विचार काफी पसंद आये। जिसकी वजह से, इन्हें job पर रख लिया गया। Google में इनका शुरुआती काम, google toolbar search engine से संबंधित था। उस समय search करने के लिए, गूगल टूल बार में Internet Explorer और Mozilla Firefox  के अंदर एक default option होता था

  लेकिन यह सबकी नजरों में तब आए हैं। जब इन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट एक दिन खुद का सर्च इंजन develop करके। Internet Explorer में default सेट कर देगी। फिर शायद ऐसी situation आ जाए। जब गूगल वहां से, permanently  हट जाए। इसलिए  हमें पहले से ही aware रहना चाहिए। ताकि बाद में, अगर ऐसा कुछ होता भी है। तो हम पहले से इसके लिए तैयार रहे।

सुंदर पिचाई की लव स्टोरी, पत्नी व परिवार
Sunder Pichai- Love Story, Wife and Family

सुंदर पिचाई 1989 में, जब IIT खड़कपुर में इंजीनियरिंग कर रहे थे। उसी साल एक लड़की अंजलि हरयानी ने भी केमिकल इंजीनियरिंग में admission लिया। जो कोटा राजस्थान से संबंध रखती थी। यह दोनों ही पढ़ाई में बहुत ही बेहतर थे। इन दोनों के इंजीनियरिंग कॉलेज में कुछ common classes थे। जहां पर इनकी मुलाकात हुई। यहीं से उनके friendship की शुरुआत हुई।

       सुंदर पिचाई जो intro word हुआ करते थे। वह सरोजिनी नायडू गर्ल्स हॉस्टल के सामने जाकर, अंजली को आवाज लगाते थे। इसी कारण 1989 में, अंजली और उनकी कालेज में लव स्टोरी पॉपुलर हो गई। धीरे-धीरे इनकी लव स्टोरी इतनी परवान चढ़ी। कि जब भी सुंदर पिचाई गर्ल हॉस्टल के आसपास पहुंचते। तक कोई न कोई मैसेंजर बनकर, अंजली को बता देता था। सुंदर जी को पढ़ाई का बहुत कीड़ा था। जिसके लिए, उन्होंने स्टैंडफ़ोर्ट यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। जहां इनको एडमिशन मिल गया।

   सुंदर पिचाई आगे की पढ़ाई के लिए, स्टैंडफोर्ट चले गए। यह 90’s का वक्त था। दोनों के लिए ISD call कर पाना मुमकिन नही था। इसलिए उन दोनों ने एक-दूसरे से लम्बे समय तक बात नहीं की। लेकिन जैसे ही सुंदर पिचाई का पहला जॉब लगा। उन्होंने अंजली के पिता से, शादी की बात की। फिर इन दोनों की शादी हो गई। अंजलि आज Intuit Company में Business Operation Manager है। इनके दो बच्चे हैं। बेटे का नाम किरण पिचाई और बेटी काव्या पिचाई है।

सुंदर पिचाई ने गूगल को बर्बाद होने से बचाया
Sundar Pichai - Saved Google from Ruin

   18 अक्टूबर 2006 वह दिन था। जब माइक्रोसॉफ्ट ने गूगल को रातों-रात बर्बाद करके रख दिया था। दरअसल, कुछ ऐसा था। 2006 के दौरान, जब Internet Explorer सबसे फेमस वेब  ब्राउज़र हुआ करता था। तब माइक्रोसॉफ्ट ने रातो-रात Google को हटाकर, Bing को Internet Explorer का default search engine  बना दिया था। इसी वजह से, एक ही रात में google ने लगभग 300 मिलियन customer खो दिए थे।

    एक research की मानी जाए। तो यह कहना बिल्कुल सही होगा। कि शायद आज हम google को जानते भी नहीं। अगर उस समय सुंदर पिचाई गूगल न होते। जब वो गूगल के toolbar पर काम कर ही रहे थे। तभी मार्केट को depanalized करने पर, उन्हें यह अंदाजा हुआ। कि वास्तव में दुनिया में, 90% लोग windows operating system का इस्तेमाल कर रहे हैं। तब अगर किसी दिन माइक्रोसॉफ्ट ने कुछ बदलाव किए।

       अगर माइक्रोसॉफ्ट अपना खुद का सृजन लेकर आया तो google को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए उन्होंने यह बात, उस समय के google के सीईओ एरिक स्मिथ और फाउंडर लैरी पेज को बताई। उन्होंने solution के तौर पर, Google को अपना खुद का वेब ब्राउज़र बनाने की सलाह दी। लेकिन उस समय, किसी ने सुंदर पिचाई की इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया। लेकिन कुछ समय के बाद, उनकी यह बात सच हो गई।

   18 अक्टूबर 2006 को जब माइक्रोसॉफ्ट ने Bing को डिफॉल्ट सर्च इंजन बना दिया। तब अपनी ऐसी बर्बादी देखकर, एरिक स्मिथ व लैरी पेज के होश उड़ गए। फिर उन्हें सुंदर पिचाई की बात याद आई। तुरंत ही सुंदर पिचाई को बुलाया गया। फिर google की टीम और सुंदर पिचाई ने  मिलकर, एक quick solution के तौर पर, google toolbar को launch कर दिया।

   जिससे कि इंटरनेट एक्स्प्लोरर use कर रहे users के पास, एक option आ जाता था। वह वापस से google को, अपना डिफॉल्ट सर्च इंजन इंसान बना सकते थे। अब इस toolbar की मदद से, google ने अपने खोये हुये 80% customer को। फिर से वापस हासिल कर लिया। लेकिन  तब तक लैरी पेज और एरिक स्मिथ को इस भारतीय लड़के की value समझ में आ चुकी थी।

सुंदर पिचाई का गूगल मे योगदान
Sundar Pichai - Contribution to Google

  सुन्दर पिचाई ने Google में, अपनी एक नई पहचान बना ली थी। इसके बाद सुंदर पिचाई ने गूगल टीम के साथ मिलकर, अपने खुद के एक वेब ब्राउज़र पर काम करने लगे। वे अच्छे तरीके से जानते थे कि मार्किट में Internet Explorer व Mozilla Firefox ने अपने पैर जमा रखे हैं। इसलिए उन्हें टक्कर देने के लिए, कुछ बड़ा achieve करना होगा। इसलिए वह अपने employee के साथ मिलकर, sprint planning करते थे।

   जिसमें उनका monthly, weekly व daily का target व goal निर्धारित करते थे। ताकि उनकी टीम का कोई भी खिलाड़ी, अधाधुंध मेहनत न करें। इसके साथ ही, वो इस बात का भी ध्यान रखते थे। कि उनके employees के personal goals भी achieve हो। जिसकी वजह से उनकी पूरी टीम ने बहुत dedication के साथ काम किया। इसके बाद 2008 में, Google Chrome Browser को मार्केट में launch किया।

  मार्केट में लांच होते ही Chrome ने अपने जलवे बिखेर दिए। इसलिए कुछ दिनों में, दुनिया में सबसे ज्यादा use होने वाला नंबर 1 ब्राउज़र बन गया। जिसने Internet Explorer व Mozilla Firefox  जैसे महारथियों को, बहुत पीछे छोड़ दिया था। सुंदर पिचाई के कारनामे के चर्चे, अब पूरी दुनिया में होने लगे थे। अब गूगल के साथ-साथ, पूरी दुनिया के मार्केट लीडर्स को यह पता चल चुका था। कि मार्किट में इंडिया से, एक महारथी जीनियस आया है। जिसने पूरी इंटरनेट की दुनिया को, हिला कर रख दिया है।

सुंदर पिचाई का गूगल मे प्रमोशन
Sundar Pichai - Promotion in Google

सुंदर पिचाई को grand success के बाद, 2008 में google ने Vice President of Development की post पर promote कर दिया गया। लेकिन सुंदर पिचाई यहां पर भी नहीं रुके। वे लगातार अपने आप को और अपनी skill को improve करते गए। जिसके परिणाम स्वरुप, उन्होंने google के कई products को successful बनाया। डूबते हुए google को आसमान की बुलंदियों पर पहुंचा दिया।

     इसे देखते हुए Google ने, उन्हें 2012 में senior vice president बना दिया। इसके 1 साल बाद, उन्हें android game को भी lead करने के लिए कहा गया। क्योंकि सभी को यकीन हो गया था। कि  इन्हें रास्ते से उठाकर, कोई भी product दे दो। ये उसे भी ग्लोबल लेवल पर, नंबर वन बना देंगे। हुआ भी कुछ ऐसा कि जिस Android app को शुरुआती दिनों में Nokia जैसी बड़ी कंपनी ने ठुकरा दिया था। 

     उसी Android OS को सुंदर पिचाई ने 5 बिलियन से भी ज्यादा लोगों तक, बहुत ही कम कीमत पर पहुँचाया। देखते ही देखते Android OS पूरी दुनियाभर में छाने लगा। इसलिए आज जो, आप सभी के मोबाइल में Android OS पहुंची है। उसका सारा credit सुंदर पिचाई को ही जाता है। जिन्होंने अपनी intelligence से, पूरी दुनिया में एक और नया कीर्तिमान स्थापित करके दिखा दिया था।

ये वास्तव में गूगल के लिए, एक बहुत बड़ा grand success था। इसे देखकर गूगल ने, 2014 में सुंदर पिचाई को head of Product की post दे दी। अब इस समय तक, सुंदर पिचाई दुनिया की हर बड़ी कंपनी में famous हो चुके थे। कई सारी बड़ी-बड़ी कंपनियां, उनकी काबिलियत से इतनी ज्यादा प्रभावित हुई थी। कि वह उन्हें अपनी कंपनी का हिस्सा बनाना चाहती थी।

सुंदर पिचाई को माइक्रोसॉफ़्ट का सीईओ बनाने का ऑफर
Sundar Pichai - Offer To Become Microsoft CEO

 ट्विटर ने सुंदर पिचाई को सीधा सीईओ बनने की ऑफर दे दी। इसके कुछ दिनों बाद, सबसे चौकाने वाली बात ये हुई। कि  माइक्रोसॉफ्ट से भी सुंदर पिचाई को, सीईओ बनाने के लिए approach किया जाने लगा। जब किस बात की जानकारी google को हुई। तो google अपने आपको बहुत in secure महसूस करने लगा।

      Google अब काफी हद तक, सुंदर पिचाई पर depend हो चुका था। फिर google ने market की need को समझते हुए। सुंदर पिचाई को 2015 में google का CEO बना दिया। इस नई जिम्मेदारी के साथ, सुंदर पिचाई को कई सारे नए challenges और problems का भी सामना करना पड़ा। कुछ देशों की government में google पर case कर दिया था। कि वह सिक्योरिटी को violate कर रहे हैं।

इसके लिए सुंदर पिचाई CEO के तौर पर court room के धक्के भी खाने पड़े।  लेकिन उन्होंने अपनी समझदारी से, court case को हैंडल किया। उन्होंने google पर कोई भी आँच नहीं आने दी। साथ ही साथ उन्होंने Artificial Intelligence व self driven car जैसे कई सारे revolutionary project को सफलतापूर्वक स्थापित किया। जिससे कि  google के success rate में और ज्यादा ग्रोथ हो। जिसकी वजह से ही, उन्हें google की parent company अल्फाबेट का भी CEO बना दिया गया।

सुंदर पिचाई सैलरी, इनकम व नेट-वर्थ
Sundar Pichai - Salary, Income and Net-Worth

 सुंदर पिचाई के गूगल में योगदान को देखते हुए। Google आज उन्हें दिल खोलकर salary देता है। टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुंदर पिचाई को प्रतिदिन ₹6 करोड़ दिए जाते हैं। उन्हें प्रतिमाह $18 मिलियन यानी लगभग ₹103 करोड़ प्रतिमाह salary दी जाती हैं। जो उन्हें दुनिया के सबसे महंगे और highest paid CEO की list में शामिल करता है। सुंदर पिचाई की नेट-वर्थ 2022 के अनुसार, $1.3 बिलियन यानी लगभग ₹96 अरब है।

      इस संदर्भ में सुंदर पिचाई का कहना है। चाहे आप job कर रहे हो या business कर रहे हो। अगर आपके अंदर, अपने काम को एक्स्ट्राऑर्डिनरी लेवल पर करने की काबिलियत है। तो इस दुनिया में आपको सफलता के शिखर पर, पहुंचने से कोई रोक नहीं पायेगा। क्योंकि यह दुनिया उसी की सराहना करती है। जिसके अंदर कुछ कर गुजरने की क्षमता होती है।

 

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