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Rajnikant Biography in Hindi। बस कंडक्टर से सुपरस्टार बनने तक का सफर

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South Super Star - Rajnikant
रजनीकांत की सफलता की कहानी

“ख्वाहिशों से नहीं गिरते फूल झोली में,

कर्म की शाख को हिलाना होगा।

कुछ नहीं होगा। कोसने से अंधेरों को,

अपने हिस्से का दिया खुद ही जलाना होगा।”

     जब कुछ न हो छिपाने को, तो बहुत कुछ होता है, दुनिया को दिखाने को।

यह कहानी है। एक ऐसे लड़के की। जिसके पास न तो हीरो जैसी height थी। न ही हीरो जैसा look था। न ही कोई charming face था। न ही कोई six pack abs था। बस सिर्फ और सिर्फ अपने talent के दम पर, उन्होंने अपने कैरियर की शुरूआत की। फिर बुलंदियों की उन ऊंचाइयों को छुआ जिन तक पहुंचना हर किसी के लिए सपना मात्र था।

      यह एक ऐसे actor हैं। जिन्होंने शून्य से, अपने career की शुरुआत की। बिना Godfather के, संघर्ष के बलबूते अपना कदम तमिल film industry में रखा। अपनी unique style, गजब के screen presence और अपने दमदार acting के चलते। पूरे तमिलनाडु में इनका का सिक्का चलने लगा। देखते ही देखते ये तमिल फिल्मों के, थलायवा यानी नंबर वन सुपरस्टार बन गए। आगे चलकर इन्होंने  तेलुगू , मलयालम, कन्नड़ और हिंदी फिल्मों में अपना एक नाम बनाया। फिर धीरे-धीरे पूरे India में popular हो गए। 

     अगर एक आम इंसान सुपरस्टार बन जाता है। तो जरा सोचिए। उसने यहां तक पहुंचने के लिए, कितना संघर्ष किया होगा। अगर यह सुपरस्टार पहले कुली, कारपेंटर या बस कंडक्टर हो तो आप समझ सकते हैं। कि उसने अपनी लाइफ में कितना संघर्ष किया होगा। आज की Biography एक ऐसे ही सुपरस्टार, रजनीकांत के बारे में है। जोकि काफी गरीब परिवार से थे। उन्होंने पहले कुली, फिर कारपेंटर, उसके बाद बस कंडक्टर की एक मामूली सी नौकरी की।

Rajnikant Biography in Hindi
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Rajnikant - An Introduction

 

रजनीकांत – एक परिचय

वास्तविक नाम

शिवाजी राव गायकवाड

प्रसिद्ध नाम

●रजनीकांत 

●थलाइवा

●रजनी सर

जन्म

12 दिसंबर 1950

जन्म स्थान

बेंगलुरु, कर्नाटक

पिता

रामोजी राव गायकवाड (पुलिस कांस्टेबल)

माता

रमाबाई (गृहणी)

स्कूल

गवर्नमेंट मॉडल प्राइमरी स्कूल, गवीपुरम, बेंगलुरु

कॉलेज

एमजीआर फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टिट्यूट ऑफ तमिलनाडु

शैक्षिक योग्यता

अभिनय में डिग्री

व्यवसाय

◆ अभिनेता 

◆ निर्माता 

◆ पटकथा लेखक 

◆ समाजसेवी

प्रमिका

★सिल्क स्मिता(अभिनेत्री)

★लता 

     (निर्माता व संगीतकार)

विवाह

26 फरवरी 1981

पत्नी

लता(निर्माता व संगीतकार)

बच्चे

●ऐश्वर्या आर धनुष (बेटी)

              जन्म – 1982      

●सौंदर्या आर अश्विनी

      (बेटी)  जन्म – 1984 

डेब्यू

तमिल – अपूर्व रागगंगल 

                       (1975)

कन्नड़ – कथा संगमा 

                       (1976)

बॉलीवुड – अंधा कानून 

                       (1983) 

तेलुगू – अनथुलीनी कथा 

                       (1976)

पुरस्कार

★सेंटेनरी अवार्ड फॉर 

   इंडियन फिल्म 

   पर्सनालिटी ऑफ़ द इयर 

                       (2014)

★पद्म विभूषण    (2015) ★पद्मभूषण

इनकम

45 – 50 करोड़ प्रति फिल्म

नेटवर्क

$55 Million (लगभग)

रजनीकांत का प्रारम्भिक जीवन
Early Life of Rajnikant

रजनीकांत का जन्म 12 दिसंबर 1950 को बेंगलुरु, मैसूर में हुआ। जो अब कर्नाटक के अंतर्गत आता है। इनका जन्म एक मराठा फैमिली में हुआ। इनका नाम भी मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी के नाम पर ही रखा गया। इनका असली नाम ‘शिवाजी राव गायकवाड’ है। उनके गांव का नाम मावड़ी कादे पत्थर है। जो कि महाराष्ट्र में आता है।

      इनकी upbringing कर्नाटक में हुई। यह इत्तेफाक की बात है कि रजनीकांत ने तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम, हिंदी, अंग्रेजी, यहां तक की बंगाली फिल्मों में भी काम किया। लेकिन इन्होंने अपनी mother tongue यानी कि मराठी भाषा में की किसी भी फिल्म में काम नहीं किया।इनके पिता जी का नाम रामोजी राव गायकवाड था। जो कि पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर थे।

      वहीं इनकी माता जी का नाम रमाबाई था। जो एक गृहणी थी। रजनीकांत के चार भाई-बहन हैं। जिसमें सत्यनारायण राव और नागेश्वर राव इनके बड़े भाई हैं। वही अस्वथ बालूभाई इनकी बड़ी बहन है। पिता के रिटायरमेंट के बाद साल 1956 में, इनकी पूरी family हनुमत नगर, बेंगलुरु में shift हो गई। यहीं पर इन्होंने, अपना खुद का घर भी बना लिया। 9 साल की उम्र में ही रजनीकांत के मां की मृत्यु हो गई।

रजनीकांत की शिक्षा
Education of Rajnikant

रजनीकांत की प्रारंभिक शिक्षा गवर्नमेंट मॉडल प्राइमरी स्कूल, गवीपुरम, बेंगलुरु से पूरी हुई। बचपन से ही रजनीकांत शरारती और पढ़ाई में काफी तेज थे। इनकी क्रिकेट, फुटबॉल और बास्केटबॉल अच्छी खासी दिलचस्पी थी। इसी दौरान इनके भाई ने, इन्हें ‘रामकृष्ण मठ’ में भेज दिया। यहां पर रजनीकांत ने वेद, पुराण, भारत के इतिहास और भारत की संस्कृति की शिक्षा ग्रहण की।

    इनका मन तब meditation और spirituality में लगने लगा। आज भी रजनीकांत, अपनी हर फिल्म के release होने के बाद, हिमालय चले जाते हैं। जहां पर वह कुछ दिनों की छुट्टियां मनाते हैं। इनको वहां पर, काफी सुकून महसूस होता है। रजनीकांत मठ के अंदर ही, नाटकों में अभिनय करने लगे।

    यहीं से रजनीकांत के अंदर acting का बीज पड़ गया। इसी मठ में इन्हें हिंदू महाकाव्य, महाभारत में एकलव्य के दोस्त का role play करने का मौका मिला। जहाँ कन्नड़ के महान कवि डॉक्टर बेंद्रे ने, इनके performance की काफी तारीफ की। यहां पर इन्होंने कक्षा 6 तक की पढ़ाई की।

      आगे चलकर इन्होंने आचार्य पाठशाला पब्लिक स्कूल में अपना दाखिला ले लिया। यहां से इन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की। यहां पर भी रजनीकांत नाटकों में हिस्सा लिया करते थे।

रजनीकांत की नौकरी
Career & Job of Rajnikant

रजनीकांत के घर की स्थिति, काफी कमजोर थी। इसलिए इन्होंने पढ़ाई पूरी करते ही परिवार की आमदनी में हाथ बटाना शुरू किया। किसी reputable job के न मिलने पर, इन्हें बहुत कम salary वाले jobs करने पड़े। आज भगवान माने जाने वाले रजनीकांत को, तब कुछ पैसो के लिए का कुली का काम करना पड़ा। वह एक समय, स्टेशन पर लोगों का सामान उठाते थे। कुली के काम से, इन्हें कोई खास आमदनी नहीं हो रही थी।

     इसलिए इन्होंने carpenter का काम भी शुरू कर दिया। यह लोगों के घरों में फर्नीचर बनाने का काम भी करने लगे। इन दोनों कामों से भी इनकी आमदनी कितनी नहीं हो रही थी कि यह एक अच्छी जिंदगी जी सकें आखिरकार काफी परिश्रम के बाद इन्हें Bangalore Transport Service (BTS) में job मिल गई। वह एक बस कंडक्टर बन गए। उस समय बस कंडक्टर बनना। इनके लिए, एक बड़ी सफलता थी। क्योंकि इस job में, उन्हें ज्यादा आमदनी होती थी।

रजनीकांत के अभिनय की शुरुआत
Rajnikant's Acting Debut

Jobs करने के दौरान ही, इन्हें कन्नड़ play writer गोपी मुनियप्पा ने इन्हें Mythological Play के लिए offer किया। इसके लिए वह मान गए। फिर लगातार अलग-अलग Plays में काम करते रहे। आगे चलकर, इन्हें ‘मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट’ के बारे में पता चला। रजनीकांत यहां से acting सीखना चाहते थे। लेकिन इनकी family इनके इस decision के खिलाफ थी।

    उस समय इनके दोस्त राजबहादुर हमेशा इनके साथ रहे। जिन्होंने इन्हें financially काफी support भी किया। इनके दोस्त ने ही, इनका दाखिला। Acting School में करवाया। जब रजनीकांत ‘मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट’ से acting सीख रहे थे। इसी दौरान इन्होंने एक नाटक में, दुर्योधन का role निभाया।

     तभी इनके ऊपर डायरेक्टर के० बालाचंद्रन की नजर पड़ी। बालाचंद्रन उनके काम से, काफी ज्यादा impress हुए। उन्होंने इन्हें तमिल सीखने के लिए कहा। रजनीकांत ने तुरंत ही तमिल सीखनी शुरू कर दी। एक रात रजनीकांत चुपचाप घर से भाग गए। यह चेन्नई जा पहुंचे। जहां इन्होंने के बालाचंद्रन से मुलाकात की।

रजनीकांत का फिल्म डेब्यू
Rajnikant's Film Debut

Director K. Balachander ने रजनीकांत को ‘Apoorv Rashangal’ फिल्म के लिए साइन किया। इस फिल्म के हीरो कमल हसन थे। इस फिल्म में, इन्होंने Abusing Husband का किरदार निभाया। इस फिल्म को 3 नेशनल अवार्ड मिले। इसमें रजनीकांत काफी impressive लगे। यह रजनीकांत की पहली फिल्म थी।

    जबकि कमल हसन 20 से अधिक फिल्मों में काम करके, popular हो चुके थे। हालांकि इसी फिल्म से कमल हसन को भी major सफलता मिली। रजनीकांत अपनी ज्यादातर शुरुआती फिल्मों में negative role में नजर आए। कभी यह rapist बनते। तो कभी womanizer, तो कभी यह pornographist बनते।

    रजनीकांत की दूसरी फिल्म ‘कथा संगामा’ थी। यह एक कन्नड़ फिल्म थी। इस फिल्म में यह रेपिस्ट बने थे। इनकी तीसरी फिल्म ‘अनथुलीनी कथा’ थी। जो कि एक तेलुगू फिल्म थी। के० बालाचंद्रन की इस फिल्म में, इनका काफी important role था। इनकी चौथी तमिल फिल्म ‘मूँदरु मुदिचु’ थी। जिसमें इनको पहली बार एक बड़े रोल में cast किया गया।

      हालांकि यहां पर भी, फिल्म के lead Hero कमल हासन थे। इसके बाद फिर से यह कन्नड़ फिल्म बालू जैनों में negative role में नजर आए। इस तरह रजनीकांत या तो negative role करते या supporting role में नजर आते। रजनीकांत अपने struggle के दिनों में, काफी शराब पीने लगे थे। लेकिन एक बार के० बालाचंद्रन ने इन्हें पकड़ लिया।

      इसके लिए, उन्होंने रजनीकांत को काफी डांटा। फिर इन्होंने हमेशा के लिए शराब छोड़ दी। कमल हसन ने रजनीकांत को समझाया कि ऐसे ही अगर सपोर्टिंग और नेगेटिव रोल करते रहोगे। तो हीरो कभी नहीं बन पाओगे। कमल हसन ने कहा कि उन्हें lead role में focus करना चाहिए। इसके बाद, साल 1980 तक रजनीकांत ने 50 फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों में तमिल, तेलुगू और कन्नड़ भाषा की फिल्म में शामिल है। इनकी बहुत सारी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट रही। इनके स्टाइल और एक्टिंग का एक अलग ही craze बन गया।

रजनीकांत का प्रेम व विवाह
Rajnikant - Love, Marriage, Family & Children

रजनीकांत के फिल्मी कैरियर के दौरान, उनकी मुलाकात लता रंगाचार्य से हुई। जो अपने कॉलेज की मैगजीन के लिए, उनका interview लेने आई थी। इस interview के बाद भी, रजनीकांत और लता का मिलना होता रहता था। उनके कॉलेज मैगजीन की interview के सिलसिले में। धीरे-धीरे रजनीकांत को, लता से प्यार हो गया। 

      26 फरवरी 1981 को उन्होंने तिरुपति, आंध्र प्रदेश में शादी कर ली। इसके बाद, उनकी दो बेटियां भी हुई। जिनमें उनकी बड़ी बेटी का नाम ऐश्वर्या रजनीकांत और छोटी बेटी का नाम सौंदर्या रजनीकांत है। ऐश्वर्या ने बड़े होकर जाने-माने एक्टर धनुष शादी कर ली। छोटी बेटी सौंदर्या रजनीकांत फिल्मों में director और producer रूप में काम करती हैं। सौंदर्य की शादी अश्वनी रामकुमार से हुई है।

रजनीकांत की inspiration अमिताभ बच्चन
Amitabh Bachchan - Inspiration of Rajnikant

रजनीकांत के कैरियर में, अमिताभ बच्चन का बहुत बड़ा योगदान रहा। रजनीकांत, अमिताभ बच्चन को अपनी inspiration भी मानते हैं। इस दौरान रजनीकांत ने अमिताभ बच्चन की दर्जनों फिल्म का remake किया। जिसमें अमर अकबर एंथोनी, मजबूर, नसीब, लावारिस और डॉन जैसी कई फिल्में शामिल हैं।

     डॉन की रीमेक गई ‘बिल्ला’ रजनीकांत के career में मील का पत्थर साबित हुई। यह फिल्म सुपर-डुपर हिट रही। इससे रजनीकांत रातों-रात सुपरस्टार बन गए। अब कमल हसन को पीछे छोड़कर, इन्हें टॉप एक्टर consider किया जाने लगा। हमेशा से रजनीकांत और कमल हसन के बीच tough competition रहा।

रजनीकांत का हिन्दी फिल्मों मे डेब्यू
Rajnikant's Debut in Hindi Films

1990 तक रजनीकांत ने बहुत सारी फिल्मों में काम किया। उन्होंने बॉलीवुड की फिल्म ‘अंधा कानून’ से अपना डेब्यू किया। उस समय तक, रजनीकांत ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में, बहुत अच्छी position बना ली थी। 2001 तक रजनीकांत ने बहुत-सी  blockbuster फिल्में की। जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर खूब धूम मचाई। रजनीकांत ने इस समय तक Commercial Stardom  हासिल कर लिया था।

     जिस भी फ़िल्म में रजनीकांत होते थे। वह फिल्म निश्चित रूप से हिट होती थी। इसी समय रजनीकांत की, एक फिल्म मुथु आई। जिसने भारत में ही नहीं, बल्कि जापान के बॉक्स ऑफिस पर भी खूब धूम मचाई। इस फिल्म ने जापान में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। इसी कारण उन्हें जापान की भी fan following मिल गई। रजनीकांत के लिए, इस समय तक सब कुछ smooth चल रहा था। तभी उन्होंने तमिल सिनेमा से break लेने का फैसला किया। 

     इन सबके बाद रजनीकांत डायरेक्टर पी वासु की फिल्म ‘चंद्रमुखी’ में काम किया। जो commercially बहुत hit हुई। इसके बाद रजनीकांत ने, डायरेक्टर शंकर की फिल्म ‘शिवाजी द बॉस’ में काम किया। इस फिल्म के बाद, रजनीकांत के नाम के आगे हमेशा के लिए, सुपरस्टार लग गया। इस फिल्म ने worldwide बहुत सारे रिकॉर्ड बनाए।

     यह मूवी यूनाइटेड किंग्डम और साउथ अफ्रीका की Top10 Film की list में भी आ गई। अब रजनीकांत भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया सुपरस्टार बन चुके थे। कुछ साल बाद, 2010 में रजनीकांत ने ‘रोबोट’ film में काम किया। यह भारत की उस समय तक की। सबसे महंगी फिल्म थी। इस फ़िल्म ने भी बॉक्स ऑफिस पर खूब धूम मचाई।

रजनीकांत से जुड़े विवाद
Controversies Related to Rajnikant

रजनीकांत अपने 3 सालों के लंबे break के बाद, 2002 में अपनी फिल्म ‘बाबा’ के साथ वापस आए। जिसकी script उन्होंने खुद लिखी थी। यह फिल्म Political Corruption पर आधारित थी। यह फिल्म बहुत बुरी तरह से फ्लॉप हुई। उन्होंने अपनी महानता को साबित करते हुए। फिल्म के Producer को जितना भी नुकसान हुआ। उसकी भरपाई अपनी जेब से की।

     साउथ की फिल्मों में रजनीकांत के सिगरेट पीने पर सवाल उठने लगे। कहा जाने लगा कि रजनीकांत साउथ के युवा को बर्बाद कर देंगे। इसी वजह से, जिन theater में उनकी फिल्म लगती। उन theater के poster को जला दिया जाता था। यह रजनीकांत के लिए, बिल्कुल भी अच्छा समय नहीं था। इन चीजों से उबरने के लिए, उन्होंने फिल्मों से थोड़ा दूर होने का फैसला किया। वह हिमालय की यात्रा करने चले गए।

रजनीकांत को पुरस्कार व सम्मान
Rajnikant - Honors & Awards

रजनीकांत को तमिल फिल्मों में काम करने के लिए और अपने योगदान के लिए। बहुत सारे awards मिल चुके हैं। Awards के अतिरिक्त साउथ के लोगों का support भी रजनीकांत के लिए, अलग level का है। उनसे न केवल लोग प्यार करते हैं। बल्कि उन्हें इतनी respect भी देते हैं। जो rare  ही किसी फिल्म स्टार के लिए, देखने को मिलती है।

     रजनीकांत को भारत सरकार ने, सन 2000 में कला क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए, पद्म भूषण से सम्मानित किया था। रजनीकांत पहले ऐसे एक्टर हैं। जिनको Central Board of Secondary Education (CBSE) में जगह मिली। क्योंकि रजनीकांत के बारे में, एक नया lesson – From Bus Conductor To Superstar को किताबों में जोड़ा गया।

     इसके अलावा रजनीकांत पर बहुत सारी जानकारी और उनके जीवन से जुड़े किस्से, आपको इंटरनेट पर मिल जाएंगे। इसके साथ ही रजनीकांत के राजनीति में, आने को लेकर अक्सर कयास लगते हैं। लेकिन रजनीकांत ने हमेशा, राजनीति से दूरी बनाए रखी है।

रजनीकांत की इनकम व नेटवर्थ
Rajnikant - Income & Net Worth

रजनीकांत का अपना बंगला पोज़ गार्डन, चेन्नई में है। इनको पुरानी और नई का रखने का शौक है। इनकी कार कलेक्शन में Premier Padmini Fiat, Chevrolet Tavera, Toyota Innovation, Ambassador, Honda Civic, Mercedes-Benz GLS 350d,Audi Q7,Toyota Vellfire और BMW X5 है।

      इनके पास बाइक की भी कलेक्शन है। जिनमें Suzuki Intruder M1800 RZ, Suzuki Hayabusa है। रजनीकांत एक फिल्म के लिए ₹45 से ₹50 करोड़ लेते हैं। इनकी अब तक कुल संपत्ति $55 million  है।

रजनीकांत की चैरिटी
Charity Work of Rajnikant

रजनीकांत के दानशीलता के किस्से कभी भी छिपे नहीं रहे। असल में, उनकी biography लिखने वाले वाली। लता रंगाचार्य ने इस बारे में बताया। कि रजनी कभी नहीं चाहते। उनके द्वारा की जाने वाली donation कभी public gossip  का हिस्सा बने। इसलिए उन्होंने कभी भी खुलकर बात नहीं की।

     लेकिन ऐसा माना जाता है। कि रजनी अपनी आधी से ज्यादा कमाई को, दान और सामाजिक कार्यों में खर्च करते हैं। शायद यही वजह है कि यह इतने महान actor हैं। इनसे इतना अधिक लगाव है कि लोग इन्हें भगवान का दर्जा देते है। रजनीकांत के बारे में, यह बात जगजाहिर है। कि उनके पास जो कोई भी व्यक्ति मदद के लिए आता है।  उसे वह खाली हाथ नहीं लौटते।

     रजनीकांत साउथ के लोंगो इतने प्रिय हैं। इस बात का अंदाजा, इसी बात से लगाया जा सकता है। कि उनके नाम का दक्षिण में, एक मंदिर भी बना है। जो उनके प्रशंसको ने बड़ी श्रद्धा से बनाया है। इस तरह का प्यार और सत्कार, शायद ही दुनिया के किसी सितारे को मिला होगा।

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